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शरीर दुबला, लेकिन बाहर निकली तोंद! भारतीयों के इस ‘हिडन फैट’ ने बढ़ाई चिंता

सोशल मीडिया पर इन दिनों “इंडियन बेली” यानी भारतीयों के बढ़ते पेट को लेकर बहस तेज हो गई है. यह सिर्फ मोटापे का मामला नहीं, बल्कि शरीर के अंदर जमा उस खतरनाक फैट का संकेत है जो धीरे-धीरे डायबिटीज, हार्ट डिजीज और फैटी लिवर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है.

शरीर दुबला, लेकिन बाहर निकली तोंद! भारतीयों के इस ‘हिडन फैट’ ने बढ़ाई चिंता
भारतीयों के हिडन फैट ने बढ़ाई लोगों की चिंता.

Causes of Hidden Obesity: ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठना, रात में देर से खाना, कम नींद, तनाव और बिना एक्सरसाइज वाली लाइफस्टाइल हम भारतीयों के शरीर पर साफ दिखाई देने लगी है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि आज बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो देखने में दुबले-पतले लगते हैं, लेकिन उनका पेट बाहर निकला रहता है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इन दिनों “इंडियन बेली” यानी भारतीयों के बढ़ते पेट को लेकर बहस तेज हो गई है. यह सिर्फ मोटापे का मामला नहीं, बल्कि शरीर के अंदर जमा उस खतरनाक फैट का संकेत है जो धीरे-धीरे डायबिटीज, हार्ट डिजीज और फैटी लिवर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है.

क्या होता है ‘स्किनी फैट' शरीर? (What is a 'skinny fat' body?/Skinny Fat kya hota hai)

कई भारतीयों में ऐसा बॉडी टाइप देखने को मिलता है जिसमें वजन ज्यादा नहीं दिखता, लेकिन पेट के आसपास फैट जमा होने लगता है. इसे आम भाषा में “स्किनी फैट” कहा जाता है. यानी शरीर ऊपर से सामान्य दिख सकता है, लेकिन अंदरूनी फैट तेजी से बढ़ रहा होता है. इसके पीछे एक नहीं बल्कि कारण जिम्मेदार होते हैं. भारतीय खानपान में हाई कार्ब फूड की मात्रा ज्यादा होती है. चावल, रोटी, मीठा और तली चीजें शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाती हैं. दूसरी तरफ प्रोटीन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी मसल्स को कमजोर करती है. ऐसे में फैट खासकर पेट के आसपास जमा होने लगता है.

तनाव और नींद की कमी भी जिम्मेदार (Hidden Obesity ke lakshan)

ऐसा नहीं है कि इसके पीछे केवल खान-पान ही एकमात्र कारण है. कई लोगों को लगातार तनाव में रहने और कम नींद लेने से शरीर का हार्मोन बैलेंस बिगड़ता है. इसका असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है और पेट की चर्बी तेजी से बढ़ सकती है. लंबे समय तक बैठे रहने वाली नौकरी या काम भी इस खतरे को और बढ़ा देती है.

पेट के अंदर अंगों के आसपास जमा होने वाला फैट सबसे खतरनाक माना जाता है. इसे “विसरल फैट” कहा जाता है. यही फैट आगे चलकर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी समस्याओं की वजह बन सकता है. कई मामलों में व्यक्ति बाहर से ज्यादा मोटा नहीं दिखता, लेकिन अंदरूनी फैट शरीर को नुकसान पहुंचा रहा होता है.

एक्टिव लाइफस्टाइल और सही डाइट से करें इसका मुकाबला 

अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं तो चिंता करने के बजाय कुछ जरूरी कदम उठाने से आपको इससे निजात मिल सकती है. रोजाना वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बेहतर नींद और संतुलित डाइट से इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. खाने में तेल-मसालों को कम कर प्रोटीन की मात्रा बढ़ानी चाहिए. साथ ही लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से भी बचना चाहिए.

दरअसल भारत अब सिर्फ मोटापे की समस्या से नहीं जूझ रहा, बल्कि “हिडन ओबेसिटी” यानी छिपे हुए मोटापे की चुनौती भी तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि लोग अब वजन मापने वाली मशीन से ज्यादा अपने पेट की तरफ देखने लगे हैं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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