दिल टूटने को हम अक्सर सिर्फ एक इमोशनल दर्द मानते हैं, लेकिन कई बार ये सच में हमारे दिल पर असर डाल सकता है. अगर किसी व्यक्ति का अचानक ब्रेकअप हो जाए, फैमिली में किसी का निधन हो जाए या कोई बड़ा हादसा होते-होते बच जाए. ऐसे गहरे सदमे के कुछ ही समय बाद अगर सीने में दर्द शुरू हो जाए, तो ज्यादातर लोग इसे स्ट्रेस या घबराहट समझकर इग्नोर कर देते हैं. यही गलती खतरनाक साबित हो सकती है.
दिल्ली स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉ. अंशुल कुमार जैन का कहना है कि भावनात्मक तनाव के बाद होने वाला सीने का दर्द हमेशा सिर्फ एंग्जायटी नहीं होता. ये हार्ट अटैक भी हो सकता है और एक स्थिति को टाकोट्सुबो सिंड्रोम या ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहते हैं.
एक जैसे लक्षण, लेकिन वजह अलग
डॉ. जैन कहते हैं कि हार्ट अटैक तब होता है, जब हार्ट की मसल्स तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है. इससे दिल के एक हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती और स्थायी नुकसान हो सकता है.
वहीं, ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम में कोई बड़ी धमनी ब्लॉक नहीं होती. ऐसा कहते हैं कि अचानक बढ़े स्ट्रेस हार्मोन दिल की सामान्य कार्यप्रणाली को कुछ समय के लिए प्रभावित कर देते हैं. हालांकि, कारण अलग हैं, लेकिन दोनों स्थितियों के लक्षण लगभग एक जैसे दिखाई दे सकते हैं.
सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, पसीना आना, चक्कर महसूस होना और कमजोरी जैसी समस्याएं दोनों में हो सकती हैं. इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर ये तय करना मुश्किल है कि मामला हार्ट अटैक का है या ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का.
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम की डॉक्टर की कर सकते हैं पहचान
कई लोग सोचते हैं कि ब्लड टेस्ट से तुरंत पता चल जाएगा कि हार्ट अटैक है या नहीं. लेकिन हार्ट को नुकसान पहुंचने पर बढ़ने वाला ट्रोपोनिन नामक मार्कर दोनों स्थितियों में बढ़ सकता है. इसलिए डॉक्टर ईसीजी, कई तरह की जांचों और हार्ट इमेजिंग की मदद से इसके पीछे के सही कारणों का पता लगा सकते हैं. यही वजह है कि सीने में दर्द होने पर घर पर इंतजार करना या खुद से अनुमान लगाना सुरक्षित नहीं है.
महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलते हैं ज्यादा केस
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम आमतौर पर मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं कि पुरुष या युवा लोग इससे सुरक्षित हैं. गंभीर तनाव किसी भी व्यक्ति के हार्ट को प्रभावित कर सकता है.
दिल टूटना नहीं है सिर्फ मुहावरा
दिल टूटना सिर्फ एक मुहावरा नहीं है. कभी-कभी ये सचमुच दिल की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. चाहे वजह हार्ट अटैक हो या ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम, इमोशनल झटके के बाद होने वाले सीने के दर्द को इग्नोर करना खतरनाक हो सकता है. ऐसे समय में पहला कदम इलाज है, अनुमान लगाना नहीं.
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