- सातारा हिल हाफ मैराथन में पूर्व वैज्ञानिक संजय कदम की हार्ट अटैक से मौत हो गई.
- मौके पर हृदय रोग विशेषज्ञ ने CPR दिया, अस्पताल में एंजियोप्लास्टी और स्टेंट डाला गया.
- हालत स्थिर होने के 4 घंटे बाद फिर दिल का दौरा पड़ने से संजय कदम का निधन हो गया.
महाराष्ट्र के सातारा जिले में हाफ मैराथन के दौरान पुणे के 65 साल के एक पूर्व वैज्ञानिक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. पश्चिमी घाट में खड़ी चढ़ाई और खतरनाक ढलान की वजह से देश की सबसे मुश्किल दौड़ में से एक मानी जाने वाली 'सातारा हिल हाफ मैराथन' रविवार को आयोजित की गई, जिसमें 7,700 धावकों ने 21.1 किलोमीटर की दौड़ पूरी की.
इलाज के बाद भी नहीं बचाया जा सका
आयोजन के अध्यक्ष उपेंद्र पंडित ने बताया, "उनके साथ दौड़ रहे मिरज के ह्र्दय रोग विशेषज्ञ रियाज मुजावर ने तुरंत उन्हें सीपीआर दिया. साथ में चल रही एम्बुलैंस भी मौके पर पहुंच गई और उन्हें इमरजेंसी इलाज दिया गया. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी एंजियोग्राफी हुई."
अधिकारी ने कहा कि कदम की एक मुख्य धमनी पूरी तरह से बंद हो गई थी. इसके बाद एंजियोप्लास्टी की गई और स्टेंट डाला गया, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और वे स्थिर हो गए थे.
अधिकारी ने बताया कि हालत सुधरने के चार घंटे बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और निधन हो गया.
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सातारा हिल हाफ मैराथन क्या है?
यह लंबी दूरी की दौड़ (21.1 किमी/हाफ मैराथन) का एक इवेंट है, जो 2012 में पहली बार आयोजित किया गया था. 2012 के बाद से यह हर साल होता है.
यह दौड़ सातारा शहर से शुरू होती है, जो समुद्र तल से 650 मीटर की ऊंचाई पर है. यह कास पठार की ओर ऊपर की तरफ जाती है और फिर शहर वापस आती है. इसलिए, इसका पहला आधा हिस्सा करीब पूरी तरह से चढ़ाई वाला और दूसरा आधा हिस्सा पूरी तरह से ढलान वाला होता है.
यह इस दौड़ का 15वां एडिशन था और इसमें 8,800 से ज्यादा रनर्स ने हिस्सा लिया.
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