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भारतीय रेलवे के 1AC कोच में सफर करके पछताया शख्स, बोला- 'इससे अच्छी तो वंदे भारत है'

कश्मीर से लौट रहे एक युवक ने फ्लाइट का भारी किराया बचाने के लिए 1AC का ट्रेन टिकट बुक किया, लेकिन बच्चों के शोर और सह-यात्रियों के खर्राटों ने सफर को सजा बना दिया. इस कहानी ने सोशल मीडिया पर छेड़ी बहस.

भारतीय रेलवे के 1AC कोच में सफर करके पछताया शख्स, बोला- 'इससे अच्छी तो वंदे भारत है'
रोहित का कहना है कि कभी-कभी को-पैसेंजर सफर का आनंद खराब कर देते हैं.
X@poojaofficial5

Viral Story: भारतीय रेलवे के फर्स्ट एसी कोच का महंगा टिकट हमेशा सुकून भरे सफर की गारंटी नहीं होता. एक्स पर पूजा नाम की एक यूजर ने अपने दोस्त रोहित का ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करते हुए यह बात कही है. पूजा के मुताबिक, रोहित ने फ्लाइट का भारी-भरकम किराया बचाने के लिए 1AC का टिकट तो ले लिया, लेकिन वहां बच्चों के शोर और लोगों के खर्राटों ने उसकी रात की नींद हराम कर दी. सोशल मीडिया पर पूजा की यह पोस्ट वायरल हो गई है, जिसने इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या महंगे टिकट के बावजूद ट्रेन का सफर अकेले यात्रियों के लिए आरामदायक है?

कश्मीर से बेंगलुरु तक का सफर

पूजा ने अपनी पोस्ट में बताया कि उनका 29 साल का दोस्त रोहित कश्मीर में छुट्टियां बिताने के बाद बेंगलुरु लौट रहा था. सीधी फ्लाइट का किराया 22,000 रुपये से ज्यादा था. ऐसे में रोहित ने सोचा कि क्यों न दिल्ली से ट्रेन का 1AC टिकट बुक कर लिया जाए. उसे लगा था कि इससे पैसे भी बच जाएंगे और फर्स्ट क्लास का प्रीमियम सफर शांति से कटेगा.

अपर बर्थ और रात भर का हंगामा

पूजा ने लिखा, 'अकेले सफर कर रहे किसी भी युवा को ट्रेन में लोअर बर्थ मिलना किस्मत की बात होती है. चार्ट बनने के बाद रोहित को भी अपर बर्थ ही मिली. उसने सोचा कि फर्स्ट एसी है, तो कम से कम शांति तो होगी ही. लेकिन असली परेशानी इसके बाद शुरू हुई. केबिन में बच्चे लगातार शोर मचा रहे थे और रात भर को-पैसेंजर के तेज खर्राटे गूंजते रहे. हद तो तब हो गई, जब दूसरे केबिन से एक बच्चे के रोने की तेज आवाज पूरी रात आती रही. रोहित झल्ला गया, उसका मन किया कि वह जाकर कहे कि प्लीज अपने बच्चे को संभालिए, लोग यहां सोने आए हैं.'

'5 घंटे से ज्यादा का सफर अब कभी नहीं'

पूजा की पोस्ट के मुताबिक, रोहित का यह प्रीमियम सफर इतना थकाऊ साबित हुआ कि उसने अपने लिए एक नियम बना लिया है. अब वह 5 घंटे से ज्यादा का अकेला ट्रेन सफर कभी नहीं करेगा. उसका मानना है कि अगर महंगे टिकट के बाद भी सुकून नहीं मिलना है, तो लंबी दूरी के लिए वंदे भारत या चेयर कार ही सबसे सही ऑप्शन है.

सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्प प्रतिक्रियाएं

पूजा (@poojaofficial5) नाम की एक यूजर ने एक्स पर रोहित की यह कहानी शेयर की, जिसे अब तक करीब 9 लाख लोग देख चुके हैं. इस पोस्ट पर लोगों के मजेदार रिएक्शन आ रहे हैं:-

पूजा की इस पोस्ट को करीब 9 लाख लोग देख चुके हैं और इस पर मजेदार बहस छिड़ गई है. कुछ लोग रोहित के दर्द को समझ रहे हैं, तो कुछ उसके मजे ले रहे हैं:-

एक यूजर ने रोहित की बात का समर्थन करते हुए लिखा, '1AC सिर्फ कागजों पर प्रीमियम है, असलियत में अकेले सफर करने वालों के लिए वहां सिर्फ शोर और खर्राटे ही मिलते हैं.'

वहीं दूसरे यूजर ने मजाक में लिखा, 'कभी स्लीपर कोच में सफर करके देखिए, तब आपको फर्स्ट एसी की लग्जरी समझ आएगी.' एक अन्य ने तो यहां तक कह दिया, 'अगली बार पूरा कोच ही बुक कर लेना.'

चौथे यूजर ने लिखा, 'हर किसी के बच्चे होते हैं. सफर में ऐसी दिक्कतें स्वाभाविक हैं और जानबूझकर नहीं की जातीं. सिर्फ रीच पाने के लिए ऐसी आम बातों का बेवजह मुद्दा नहीं बनाना चाहिए.'

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