गुजरात में नकली दवाओं और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है, क्या हम जो दवा और खाना खरीद रहे हैं, वह सुरक्षित है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नकली दवाएं (Fake Medicines) और मिलावटी खाद्य पदार्थ न सिर्फ इलाज को बेअसर कर सकते हैं, बल्कि गंभीर बीमारियों और जानलेवा जटिलताओं का कारण भी बन सकते हैंण्
गुजरात से हाल ही में आई खबर ने मेडिकल जगत और आम जनता दोनों को हिलाकर रख दिया है. गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने अगस्त के महीने में एक बहुत बड़ा अभियान चलाया. इसमें 50 दवा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद कर दिए गए और दो दवा फैक्ट्रियों को तो तुरंत ताला लगाने का आदेश दे दिया गया.
इसके साथ ही करीब 93.47 लाख रुपये कीमत का 42,988 किलो से ज्यादा संदिग्ध और मिलावटी खाना जब्त किया गया है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने साफ कहा है कि लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति चलेगी.
नकली दवाएं क्यों हैं मरीजों के लिए बड़ा खतरा?
सही इलाज देने के बाद भी मरीज का बीपी या शुगर कंट्रोल नहीं होता. हम सोचते हैं कि शायद डोज बढ़ानी पड़ेगी, पर असल में कई बार वजह वह नकली दवा होती है जो मरीज खा रहा होता है.
एफडीसीए की जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं:
- 8 दवा कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं और 11 दवाओं के बनने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
- लैब टेस्ट में 20 दवाइयां घटिया क्वालिटी की पाई गईं, जिन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है.
- सबसे डराने वाली बात यह रही कि बीपी की बहुत आम दवा 'निकार्डिया रिटार्ड 10' (Nicardia Retard 10) का नकली नेटवर्क पकड़ा गया.
- इस नकली दवा के तार यूपी के लखनऊ से लेकर अहमदाबाद और साणंद तक फैले थे. 30 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी करके करीब 1.75 लाख रुपये की नकली दवाएं जब्त की गईं.
अगर किसी हाई ब्लड प्रेशर के मरीज को नकली निकार्डिया मिल जाए, तो उसका बीपी अचानक शूट कर सकता है. इससे मरीज को ब्रेन हेमरेज या हार्ट अटैक आने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. यह सिर्फ दवा का व्यापार नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे कत्ल की कोशिश जैसा है.
नशीली दवाएं और ब्लड स्टोरेज सेंटरों में क्या खामियां मिलीं?
कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि स्पेशल आपरेशन ग्रुप (SOG) की मदद से अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा में नशीली दवाओं का गिरोह पकड़ा गया. वडोदरा के वाघोडिया में मेडिकल स्टोर के पास से ट्रामाडोल जैसे नशीले इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा मिला. ट्रामाडोल एक दर्द निवारक दवा है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है. बिना डॉक्टर के पर्चे के इसे बेचना गैरकानूनी है, क्योंकि यह दिमाग और नर्वस सिस्टम को बर्बाद कर देता है.
इसके अलावा, राज्य के 42 ब्लड स्टोरेज सेंटरों की जांच हुई. इनमें से तीन को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया और 12 को नोटिस मिला. आप अंदाजा लगाइए कि अगर ब्लड बैंक में खून के रखरखाव का तापमान सही न हो, तो वह खून मरीज को चढ़ाने पर कितना भयंकर इन्फेक्शन फैला सकता है.
मिलावटी खाना शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है?
दवाओं के साथ-साथ खाने-पीने की चीजों में भी भारी मिलावट पकड़ी गई है. विभाग ने 2,238 खाद्य कारोबारियों की जांच की और 2,591 सैंपल लैब भेजे. इसके अलावा 1,625 से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच हुई. 306 को सुधार का नोटिस मिला और 38 पर सख्त एक्शन लिया गया.
दूध, घी, तेल और मसालों में मिलावट सीधे हमारे पेट, लिवर और किडनी पर हमला करती है:
- मिलावटी और सिंथेटिक दूध पीने से आंतों में अल्सर और बच्चों में पेट के कीड़े व कुपोषण की समस्या बढ़ती है.
- घटिया क्वालिटी का तेल और मिलावटी घी खून में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं, जिससे कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने लगता है.
- मिलावटी मसालों में अक्सर खतरनाक केमिकल रंग मिलाए जाते हैं, जो लिवर को सड़ा देते हैं और लंबे समय में पेट के कैंसर का सबब बनते हैं.
नकली दवा और मिलावटी खाने से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह
सरकार छापे मार रही है, लेकिन एक नागरिक के तौर पर आपको भी अपनी आंखें खुली रखनी होंगी. जब भी दवा या खाना खरीदें, इन बातों की सावधानी जरूर बरतें:
- दवा हमेशा रजिस्टर्ड और पक्के मेडिकल स्टोर से ही खरीदें, जहां से आपको पक्का बिल (कंप्यूटराइज्ड बिल) मिले. बिना बिल के कभी दवा न लें.
- दवा खरीदते वक्त उसकी एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और पैकिंग की फिनिशिंग ध्यान से देखें. अगर प्रिंटिंग धुंधली या संदेहास्पद लगे, तो दवा न लें.
- अगर कोई दवा लेने के बाद भी मरीज की तबियत में बिल्कुल सुधार न हो या अजीब लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं और उस दवा की जांच कराएं.
- बाहर ढाबों या ठेलों पर खुले में बिकने वाले तेल, चटनी और मसालों के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से बचें.
- खुले में बिकने वाले सस्ते घी या मसालों के लालच में न आएं, हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या प्रमाणित शुद्ध सामान ही घर लाएं.
अगर आपको अपने आस-पास नकली दवा या सड़े-गले खाने की बिक्री का शक हो, तो चुप न बैठें. तुरंत खाद्य एवं औषधि विभाग को इसकी सूचना दें. आपकी एक शिकायत किसी परिवार के सदस्य की जान बचा सकती है.
FAQs
नकली दवा कैसे पहचानें?
बिल लें, पैकेजिंग, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर की जांच करें और केवल भरोसेमंद मेडिकल स्टोर से दवा खरीदें.
नकली दवा लेने से क्या हो सकता है?
बीमारी बढ़ सकती है, इलाज असर नहीं कर सकता और कुछ मामलों में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं.
मिलावटी खाना शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
यह पाचन तंत्र, लिवर, किडनी और हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
संदिग्ध दवा या खाद्य पदार्थ की शिकायत कहां करें?
अपने राज्य के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग या संबंधित नियामक प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं