World Mosquito Day: क्या मच्छर आपको दूसरों से ज्यादा काटते हैं? जानिए इसके पीछे का असली साइंस और ब्लड ग्रुप अक्सर आपने देखा होगा कि एक ही कमरे में बैठे चार लोगों में से किसी एक को मच्छर बहुत ज्यादा परेशान करते हैं, जबकि बाकी लोग आराम से बैठे रहते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो यह आपका कोई वहम नहीं है, बल्कि इसके पीछे पूरा साइंस काम करता है.
मच्छर शिकार ढूंढने के लिए ऐसे ही हवा में नहीं उड़ते रहते. इसका एक तरीका होता है.मच्छर कार्बन डाइऑक्साइड, शरीर की गर्मी, शरीर की गंध जैसे दूसरे कई चीजों का इस्तेमाल कर अपने शिकार को तलाशते हैं. आज विश्व मच्छर दिवस है, तो इस मौके पर चलिए इन कारणों की चर्चा करते हैं कि मच्छर किन लोगों की तरफ ज्यादा खिंचे चले आते हैं.
क्या ब्लड ग्रुप का भी कोई रोल होता है?
कई मेडिकल रिसर्च में यह बात सामने आई है कि 'O' ब्लड ग्रुप वाले लोग मच्छरों को बाकी ब्लड ग्रुप वालों के मुकाबले ज्यादा आकर्षित करते हैं. कुछ स्टडीज बताती हैं कि 'O' ग्रुप के लोगों की स्किन से निकलने वाले खास केमिकल मच्छरों को बहुत तेजी से पसंद आते हैं.
हालांकि ऐसा नहीं है कि सिर्फ ब्लड ग्रुप देखकर ही मच्छर काटते हैं. यह सिर्फ एक हिस्सा है. ब्लड ग्रुप के अलावा शरीर की गंध, सांस से निकलने वाली गैस, पसीना और बॉडी टेंपरेचर जैसे कई कारण मिलकर तय करते हैं कि मच्छर किसे अपना शिकार बनाएंगे.
मच्छर इंसानों को कैसे ढूंढते हैं और क्यों काटते हैं?
1. सांस से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) : जब भी हम सांस छोड़ते हैं, तो शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलती है. मच्छर इंसानों को ढूंढने के लिए सबसे पहले इसी गैस का सहारा लेते हैं. मच्छरों के पास सेंसरी अंग होते हैं. इन्हीं से वे दूर से CO2 को पहचान लेते हैं. तो तेजी से सांस लेने वाले लोगों के पास ज्याा CO2 होगा और बस ऐसे ही मच्छर बिना आपको देखे भी सीधे आप तक पहुंच जाते हैं.
2. शरीर की गर्मी (बॉडी हीट) : एक बार जब मच्छर कार्बन डाइऑक्साइड के सहारे आपके नजदीक आ जाता है. इसके बाद मच्छर शरीर की गर्मी देखकर काटता है. शरीर का गर्म हिस्सा मच्छरों को ज्याादा भाता है. यही वजह है कि शरीर के खुले और गर्म हिस्से मच्छरों के लिए सबसे आसान टारगेट बन जाते हैं.
3. पसीना और शरीर की गंध : हर इंसान के पसीने और त्वचा की महक में कुछ ऐसे खास केमिकल होते हैं जो मच्छरों को अपनी ओर खींचते हैं. पसीने में मौजूद लैक्टिक एसिड और यूरिक एसिड जैसे कंपाउंड मच्छरों को बहुत पसंद करते हैं. पर इस बात का ध्यान रखें कि मच्छर सिर्फ पसीने पर से नहीं आती. वे पसीना, गर्मी और CO2 जैसी सारी चीजों से अटरेक्ट होते हैं.
4. हर किसी की स्किन का अलग केमिकल प्रोफाइल : हर व्यक्ति की स्किन का बायोलॉजिकल नेचर अलग होता है. हमारी त्वचा पर लाखों तरह के सूक्ष्मजीव यानी बैक्टीरिया रहते हैं. ये माइक्रोऑर्गेनिज्म पसीने के साथ मिलकर एक खास गंध बनाते हैं. हर इंसान के शरीर की यह गंध थोड़ी अलग होती है. यही वजह है कि कुछ लोगों की महक मच्छरों को बहुत ज्यादा पसंद आती है और उन्हें बाकी लोगों के मुकाबले ज्यादा मच्छर काटते हैं.
क्या काले और गहरे रंग के कपड़े मच्छरों को बुलाते हैं?
जी हां, रिसर्च बताती है कि डार्क कलर्स यानी काले, नेवी ब्लू या गहरे रंग के कपड़ों की तरफ मच्छर ज्यादा खिंचे चले आते हैं. खासकर डेंगू फैलाने वाले एडीज प्रजाति के मच्छर गहरे रंगों को बहुत जल्दी पहचानते हैं. हालांकि केवल काला कपड़ा पहन लेने से ही मच्छर नहीं काटते, पर डार्क कपड़े पहनने पर मच्छर आपको आंखों से जल्दी देख लेते हैं और फिर गंध और गर्मी के दम पर आपके पास आ जाते हैं.
शरीर का हिलना-डुलना और फिजिकल एक्टिविटी
मच्छर सिर्फ सूंघकर ही शिकार नहीं तलाशते, बल्कि उनकी आंखें भी बहुत तेज होती हैं. जब कोई इंसान बाहर टहलता है, कसरत करता है या दौड़ता है, तो उसके शरीर की हलचल मच्छरों को साफ नजर आती है. साथ ही कसरत करने से पसीना और सांस की रफ्तार भी बढ़ जाती है, जिससे कसरत करने वाले लोग मच्छरों के आसान शिकार बन जाते हैं.
क्या प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा मच्छर काटते हैं?
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है और सांस लेने की रफ्तार भी तेज हो जाती है, जिससे वे ज्यादा CO2 छोड़ती हैं. इन शारीरिक बदलावों की वजह से मच्छर उनकी ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं. चूंकि प्रेग्नेंसी में मच्छरों से होने वाली बीमारियां जैसे मलेरिया, डेंगू या जीका वायरस मां और बच्चे दोनो के लिए खतरनाक हो सकती हैं, इसलिए इस दौरान मच्छरों से बचाव करना बहुत जरूरी हो जाता है.
मच्छरों के काटने से बचने के सबसे आसान और असरदार उपाय
मच्छरों के आतंक और जानलेवा बीमारियों से बचने के लिए कुछ बेसिक सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है.
- मच्छर भगाने वाले लोशन या रिपेलेंट स्प्रे का इस्तेमाल करें. बाहर निकलते समय खुली स्किन पर इसे जरूर लगाएं.
- पूरी आस्तीन के और ढीले-ढाले कपड़े पहनें ताकि मच्छर स्किन तक न पहुंच पाएं. हो सके तो हल्के रंग के कपड़े पहनें.
- घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाकर रखें ताकि शाम के वक्त मच्छर अंदर दाखिल न हो सकें.
- सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल सबसे सुरक्षित तरीका है, खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए.
- घर के आसपास कूलरों, गमलों, टूटे बर्तनों या टायरों में पानी जमा न होने दें. रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी जगह बनता है.
अगर आपको भी मच्छर ज्यादा काटते हैं, तो समझ जाइए कि आपकी त्वचा की गंध, ब्लड ग्रुप या शरीर की गर्मी उन्हें दावत दे रही है. ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए ऊपर बताए गए बचाव के तरीके अपनाएं और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं