प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में 'ई-संजीवनी स्कीम' का जिक्र करते हुए लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद से ये स्कीम काफी चर्रा में है. कई लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं. आपको बता दें कि एक बड़ी पहल ई-संजीवनी (eSanjeevani) आज देश की सबसे बड़ी टेलीमेडिसिन सेवाओं में शामिल हो चुकी है. ये एक ऐसी ऑनलाइन हेल्थ सेवा है, जिसके जरिए लोग घर बैठे डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं. मुख्य रूप से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो रही है.
ई-संजीवनी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत विकसित किया गया है. इसका उद्देश्य लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करना और अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ को कम करना है. मरीज मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के जरिए डॉक्टरों से वीडियो कॉल पर जुड़ सकते हैं और अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर सलाह ले सकते हैं.
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कैसे काम करती है ई-संजीवनी?
ई-संजीवनी मुख्य रूप से दो सेवाओं के माध्यम से काम करती है. पहली eSanjeevani OPD, जिसमें मरीज सीधे डॉक्टर से ऑनलाइन परामर्श ले सकता है. दूसरी eSanjeevani AB-HWC, जिसके जरिए स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ा जाता है.
मरीज को सबसे पहले पोर्टल या ऐप पर पंजीकरण करना होता है. इसके बाद उसे एक वर्चुअल कतार में शामिल किया जाता है. नंबर आने पर डॉक्टर वीडियो कॉल के माध्यम से मरीज से बातचीत करते हैं, लक्षणों को समझते हैं और जरूरत पड़ने पर डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन भी जारी करते हैं.
भारत के कई गांवों और पहाड़ी इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता आज भी चुनौती बनी हुई है. ऐसे क्षेत्रों में ई-संजीवनी ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. लोगों को छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए कई किलोमीटर दूर अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
समय और पैसे दोनों की बचत
ऑनलाइन परामर्श की वजह से मरीजों का यात्रा खर्च कम होता है और समय की भी बचत होती है. बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज इस सुविधा का विशेष लाभ उठा सकते हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान भी इस सेवा ने लोगों को घर बैठे चिकित्सा सलाह उपलब्ध कराकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-संजीवनी स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे डॉक्टर और मरीज के बीच दूरी कम हुई है और स्वास्थ्य सेवाएं पहले के मुकाबले ज्यादा सुलभ बनी हैं. यही वजह है कि यह योजना लगातार लोकप्रिय हो रही है और करोड़ों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं.
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