सुबह उठकर ब्रश करना हम सबकी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे साधारण हिस्सा है. आमतौर पर लोग बाथरूम में जाते हैं, ब्रश पर पेस्ट लगाते हैं, दो मिनट इधर-उधर रगड़ते हैं और कुल्ला करके बाहर आ जाते हैं. लेकिन अगर आपसे कोई कहे कि अब आपके मुंह के अंदर एक कैमरा जाएगा, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से दांतों के बीच की खाली जगह ढूंढेगा और वहां खुद-ब-खुद माउथवॉश का फव्वारा मारकर गंदगी साफ करेगा, तो शायद आप हैरान रह जाएंगे. मशहूर टेक कंपनी डायसन ने ठीक ऐसा ही एक अनोखा गैजेट पेश करके सबको चौंका दिया है.
वैक्यूम क्लीनर, हेयर ड्रायर और प्रीमियम हेडफोन बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी डायसन अब ओरल केयर यानी दांतों की देखभाल के बाजार में उतर चुकी है. कंपनी ने अपना पहला डेंटल हाइजीन प्रोडक्ट लॉन्च किया है, जिसका नाम रखा गया है डायसन कैमरा-जेट (Dyson CameraJet). यह सिर्फ एक साधारण इलेक्ट्रिक टूथब्रश नहीं है, बल्कि यह ब्रश करने, फ्लॉसिंग करने और माउथवॉश करने के तीनों झंझटों को एक ही डिवाइस में समेट देता है.
ब्रश में लगा है 1 लाख पिक्सल का मैक्रो कैमरा
दांतों की सफाई के मामले में सबसे बड़ी चुनौती होती है दो दांतों के बीच फंसा मैल या प्लाक निकालना. जब हम साधारण ब्रश करते हैं, तो ब्रिसल्स दांतों के बीच की महीन दरारों तक पहुंच ही नहीं पाते. इसी बात को ध्यान में रखकर डायसन के इंजीनियरों ने ब्रश के ऊपरी सिरे यानी हेड के पास एक बेहद छोटा 100,000 पिक्सल का मैक्रो-लेंस कैमरा फिट किया है.
यह कैमरा मुंह के अंदर की तस्वीरें लेता है और दांतों के बीच मौजूद उन संकरे गैप्स को पहचानता है जहां खाना फंसता है और प्लाक जमता है. जैसे ही कैमरे को कोई गैप दिखता है, ब्रश का नोजल तुरंत उस सटीक जगह पर माउथवॉश का तेज जेट स्प्रे करता है. इससे बिना किसी धागे या फ्लॉसर के, सिर्फ ब्रश घुमाते हुए ही फ्लॉसिंग अपने आप हो जाती है.
#IndiaMatters with @ShivAroor | The Future Of Smart Dental Care: Dyson's Rs 47,000 CameraJet Toothbrush Goes Viral pic.twitter.com/4xDxFNcfU2
— NDTV (@ndtv) September 2, 2026
फ्लॉसिंग के आलस से निजात दिलाने की तैयारी
कंपनी के फाउंडर जेम्स डायसन का कहना है कि यह नया डिवाइस उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो फ्लॉसिंग से कतराते हैं. असल में रिसर्च बताती है कि 10 में से 9 लोग रोजाना ठीक से फ्लॉसिंग नहीं करते. जेम्स डायसन के मुताबिक, दांतों में धागा फंसाकर सफाई करना एक बहुत ही मुश्किल, बोरिंग और समय लेने वाला काम लगता है. हम सब जानते हैं कि यह दांतों के लिए जरूरी है, लेकिन फिर भी ज्यादातर लोग इससे बचते हैं.
डायसन के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की टीम ने मुंह की बीमारियों और बैक्टीरिया के पनपने के तरीकों को समझने के लिए करीब एक दशक से ज्यादा समय तक रिसर्च की. इस शोध में बार-बार यही बात सामने आई कि लोग ब्रश करते वक्त हमेशा उन जगहों को छोड़ देते हैं जहां सबसे ज्यादा सड़ांध और प्लाक जमा होता है. यह जगह कोई और नहीं बल्कि दांतों के बीच के बारीक खाली हिस्से होते हैं. इसी बड़ी सम्स्या का हल निकालने के लिए डायसन ने कैमरे से कंट्रोल होने वाला यह सिस्टम तैयार किया है.
4.7 लाख तस्वीरों पर ट्रेंड हुआ है इसका AI दिमाग
ब्रश के अंदर लगा कैमरा यूं ही तुक्के से पानी नहीं फेंकता. इसके पीछे काम करता है एक बेहद जटिल मशीन लर्निंग मॉडल. इस सिस्टम को तैयार करने के लिए करीब 470,000 यानी पौने पांच लाख से ज्यादा डेंटल तस्वीरों का डेटाबेस इस्तमाल किया गया है. इन तस्वीरों के जरिए ब्रश के एआई एल्गोरिदम को यह सिखाया गया है कि दांत और मसूड़ों के बीच का फर्क कैसे पहचाना जाए.
जब आप मुंह में ब्रश चलाते हैं, तो यह कैमरा एक सेकंड में 28 तस्वीरें खींचता है. यह पलक झपकते ही तय कर लेता है कि दांतों के बीच कहां गैप है और स्प्रे कब छोड़ना है. जेम्स डायसन का कहना है कि वे तीन बुनियादी सवालों के जवाब तलाश रहे थे - दांतों के बीच के गैप को सटीक तरीके से कैसे देखा जाए, जमे हुए मैल को कैसे हटाया जाए और ब्रश करते समय ही सफाई की क्वालिटी कैसे बढ़ाई जाए. इसी सोच ने कैमरा, मशीन लर्निंग, फ्लूइड डायनामिक्स और हाई-स्पीड ब्रशिंग तकनिकी को एक साथ लाकर इस गैजेट का रूप दिया.
उल्टा पकड़ने पर भी काम करता है एंटी-ग्रेविटी टैंक
इस टूथब्रश की बनावट भी काफी दिलचस्प है. ब्रश के ऊपरी हिस्से के पास 12.5 मिलीलीटर का एक पारदर्शी टैंक दिया गया है, जिसमें माउथवॉश भरा जाता है. मुंह के अंदर हर कोण से सफाई करने के लिए ब्रश को कभी ऊपर तो कभी नीचे घुमाना पड़ता है. ऐसे में लिक्विड का बहाव न रुके, इसके लिए कंपनी ने इसमें एक खास प्रेशराइज्ड पंप लगाया है.
यह पंप सिस्टम को एंटी-ग्रेविटी क्षमता देता है. इसका मतलब यह है कि अगर आप ब्रश को बिल्कुल उल्टा पकड़कर भी पिछले दांतों की सफाई करेंगे, तो भी माउथवॉश का स्प्रे सही दबाव के साथ बाहर निकलेगा. टैंक खाली होने पर उसे भरने में भी कोई झंझट नहीं है. इसके साथ एक डेडिकेटेड डॉकिंग स्टेशन आता है, जिस पर ब्रश रखते ही महज 3 सेकंड के अंदर इसका टैंक दोबारा फुल हो जाता है.
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झाग न बनने वाला खास टूथपेस्ट
इस पूरे सिस्टम के साथ एक दिलचस्प पेंच भी जुड़ा हुआ है. हमारे घरों में जो आम टूथपेस्ट मिलता है, वह मुंह में जाते ही ढेर सारा झाग बना देता है. अगर इस ब्रश के साथ साधारण पेस्ट लगाया जाए, तो सारा झाग कैमरे के लेंस पर चिपक जाएगा और कैमरा अंधा हो जाएगा.
इसीलिए डायसन ने इस ब्रश के साथ इस्तेमाल करने के लिए अपना खुद का खास टूथपेस्ट और माउथवॉश भी तैयार किया है. यह टूथपेस्ट जिंजर मिंट और स्पीयरमिंट के दो स्वादों में पेश किया गया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नॉन-फोमिंग है, यानी इसमें झाग बिल्कुल नहीं बनता. झाग न बनने की वजह से कैमरे का लेंस हमेशा साफ रहता है और एआई को दांतों के गैप देखने में कोई रुकावट नहीं आती.
क्या वाकई रोजमर्रा की जिंदगी बदलेगा यह गैजेट
डायसन का इतिहास रहा है कि वह उन चीजों को पूरी तरह नया रूप दे देती है जिनके बारे में हम सोचना भी छोड़ चुके होते हैं. कंपनी ने पहले वैक्यूम क्लीनर से बैग हटाए, फिर बिना ब्लेड वाले पंखे बनाए और अब यह हाई-टेक टूथब्रश लेकर आई है. हालांकि यह बात भी तय है कि डायसन के बाकी प्रोडक्ट्स की तरह यह ब्रश भी काफी महंगा होगा और शायद हर किसी के बजट में फिट न बैठे.
लेकिन सेहत के नजरिए से देखें तो यह तकनीक आने वाले दिनों में ओरल हाइजीन का चेहरा बदल सकती है. दांतों में कैविटी और मसूड़ों की बीमारी से परेशान रहने वाले लोगों के लिए, जो डेंटिस्ट के पास जाकर हजारों रुपये खर्च करते हैं, यह एक राहत भरा कदम हो सकता है. आपके बाथरूम में रखा एक छोटा सा टूथब्रश अगर वाई-फाई और कैमरे के जरिए डॉक्टर की तरह दांतों की सफाई करने लगे, तो समझ लीजिए कि भविष्य अब हमारे घरों तक पहुंच चुका है.
Watch Video : ब्रश करने के बाद भी कैविटी क्यों होती है? डॉक्टर ने बताया कारण
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