Heatstroke Prevention: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. दिल्ली-एनसीआर समेत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान लगातार खतरनाक लेवल तक पहुंच रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. तेज धूप और लू की वजह से अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. खासतौर पर थकान, कमजोरी, बुखार और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं. इसी बीच सर गंगा राम अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अतुल काकर ने लोगों को जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है. उन्होंने साफ कहा है कि सीधी धूप से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, क्योंकि लापरवाही कई बार जानलेवा भी साबित हो सकती है.
भीषण गर्मी से बढ़ रही हेल्थ प्रोब्लम्स
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, इस हफ्ते दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका है. तापमान बढ़ने के साथ ही लू का खतरा भी बढ़ गया है.
सर गंगा राम अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अतुल काकर ने बताया कि लोगों को गर्मी से जुड़ी तीन तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, "एक है हीट एग्जॉस्टशन, जिसमें व्यक्ति कमजोर, सुस्त, बुखार से पीड़ित और थकान महसूस करता है.
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डॉ. काकर ने बताया कि दूसरी समस्या हीट क्रैम्प्स यानी मसल्स क्रैम्प्स की होती है. इसके अलावा सबसे गंभीर स्थिति हीट स्ट्रोक है, जिसे उन्होंने मेडिकल इमरजेंसी बताया.

अस्पतालों में बढ़ रहे हैं ऐसे मरीज
डॉ. काकर के अनुसार, इस साल सर गंगा राम अस्पताल में अब तक हीट क्रैम्प्स और हीट एग्जॉस्टशन के कई मामले सामने आ चुके हैं. मरीज थकान, मांसपेशियों में दर्द और बुखार जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ये सभी समस्याएं बहुत ज्यादा गर्मी और शरीर में पानी की कमी से जुड़ी हुई हैं. गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने या पर्याप्त पानी न पीने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है.
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डॉक्टर ने बताए बचाव के जरूरी उपाय
डॉ. अतुल काकर ने लोगों को लू और भीषण गर्मी से बचने के लिए कई जरूरी सलाह दी हैं. उन्होंने कहा, "धूप में सीधे निकलने से बचना चाहिए. दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सूर्य की गर्मी अपने चरम पर होती है. अगर लोगों को इस दौरान बाहर जाना ही पड़े, तो उन्हें खुद को ठीक से ढकना चाहिए."
उन्होंने आगे कहा कि सिर को ढकने के लिए छाते या किसी अन्य चीज का इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए ओआरएस, लस्सी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए.
डॉ. काकर के मुताबिक, ये छोटे-छोटे उपाय लोगों को हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति से बचाने में मदद कर सकते हैं.
बुजुर्ग और बीमार लोगों को ज्यादा खतरा
डॉक्टर ने खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि कैंसर, किडनी और हार्ट रिलेटेड प्रोब्लम्स से जूझ रहे मरीज गर्मी से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को हर हाल में सीधी धूप से बचना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और अपनी दवाइयां समय पर लेते रहना चाहिए.
इसके अलावा उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी एक्स्ट्रा दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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