आज के समय में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD) तेजी से बढ़ती हुई हेल्थ प्रॉब्लम बन चुका है. खराब डाइट, बढ़ता वजन और कम फिजिकल एक्टिविटी इसकी बड़ी वजह मानी जाती है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी को पहले से फैटी लिवर है, तो क्या वह शराब पी सकता है? इस पर देश के जाने-माने हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शिव कुमार सरीन ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में अल्कोहल लेना लीवर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है और बीमारी को तेजी से बढ़ा सकता है.

“बिल्कुल अच्छा नहीं है”- डॉक्टर की साफ चेतावनी-
डॉ. सरीन के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को पहले से नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर है और वह शराब का सेवन करता है, तो यह स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है. उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों में लीवर से जुड़ी परेशानियां करीब 2 गुना से ज्यादा (लगभग 125 प्रतिशत तक) बढ़ सकती हैं.
बढ़ सकता है डायबिटीज का खतरा और लिवर डैमेज-
डॉ. सरीन के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को पहले से फैटी लिवर है और वह शराब का सेवन करता है, तो स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है. ऐसे मामलों में डायबिटीज का खतरा सामान्य से जल्दी बढ़ सकता है और कम मात्रा में अल्कोहल लेने पर भी लीवर पर नुकसान का असर तेजी से दिखने लगता है. इसके साथ ही जॉन्डिस होने की आशंका भी बढ़ जाती है. जहां एक स्वस्थ व्यक्ति में शराब का असर धीरे-धीरे सामने आता है, वहीं फैटी लिवर वाले व्यक्ति में यह प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है. कई मामलों में लीवर को नुकसान पहुंचने का समय भी कम हो जाता है और यह अपेक्षाकृत कम अवधि में गंभीर स्थिति तक पहुंच सकता है.
आधे समय में खराब हो सकता है लिवर-
डॉ. सरीन ने उदाहरण देकर समझाया कि अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति का लीवर शराब के कारण करीब 10 साल में खराब होता है, तो फैटी लिवर से पीड़ित व्यक्ति में यही नुकसान 5 से 7 साल के भीतर हो सकता है. यानी बीमारी की रफ्तार लगभग दोगुनी हो जाती है और लीवर तेजी से डैमेज हो सकता है.
ऐसी स्थिति में क्या करें-
ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह साफ है कि फैटी लिवर होने पर अल्कोहल से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए. इसके साथ ही हेल्दी डाइट अपनाना, वजन को कंट्रोल में रखना और नियमित एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है, ताकि लीवर को और नुकसान से बचाया जा सके.
तो अगर किसी को नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर है, तो शराब पीना “छोटी गलती” नहीं बल्कि बड़ी हेल्थ रिस्क बन सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो यह लीवर की सेहत को तेजी से बिगाड़ सकता है और बीमारी को खतरनाक स्तर तक पहुंचा सकता है. इसलिए बेहतर यही है कि समय रहते सावधान रहें और लीवर को सुरक्षित रखें.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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