दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा हर साल की तरह फिर जहरीली होने लगी है. पटाखों का धुंआ इस प्रदूषण को और बढ़ा सकता है. ऐसे समय में डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ घर के अंदर बैठ जाने से काम नहीं चलेगा. अगर आपने समय रहते सही कदम नहीं उठाए, तो फेफड़ों और दिल की सेहत को भारी नुकसान पहुंच सकता है.
इस बढ़ते प्रदूषण से बच्चों को कैसे बचाया जाए, इस पर एनडीटीवी ने मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर के सीनियर ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ राजेश कुमार भारद्वाज से बात की. डॉक्टर का कहना है कि बच्चे बड़ों की तुलना में ज्यादा तेजी से सांस लेते हैं. उनका शरीर छोटा होता है, लेकिन वे ज्यादा हवा सांस के जरिए अंदर खींचते हैं. ऐसे में प्रदूषण के दिनों में बच्चों को बाहर खेलने से रोकना चाहिए. डॉक्टर भारद्वाज ने आगे बताया कि अगर आपके घर में बच्चा टीवी की आवाज तेज करके सुन रहा है, बार-बार बात दोहराने को कह रहा है या पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पा रहा है, तो इसे केवल लापरवाही न समझें. लगातार नाक बंद रहने से कान के अंदरुनी हिस्से में हवा का बहाव रुक जाता है, इससे कान के पर्दे के पीछे तरल पदार्थ जम सकता है और बच्चे को सुनने में दिक्कत हो सकती है.
क्या करें?
सुबह की सैर से बचें, शाम या दोपहर चुनें:
अक्सर माना जाता है कि सुबह की सैर सेहत के लिए बहुत अच्छी होती है, लेकिन दिल्ली में ठंड और प्रदूषण के मौसम में सुबह की सैर फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती है. डॉ. भारद्वाज के मुताबिक सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हवा शांत होती है और ठंड की वजह से प्रदूषण के कण जमीन के बिल्कुल करीब जम जाते हैं. इसलिए इस समय बाहर टहलने जाने से बचें. अगर टहलना ही है तो दोपहर के समय जाएं या घर के अंदर ही हल्की कसरत कर लें.
रोजाना ऑफिस जाने वालों को क्या करना चाहिए?
अगर आपको रोज काम पर बाहर जाना पड़ता है, तो खास ध्यान देने की जरूरत है. मैक्स स्मार्ट अस्पताल के डॉ. पंकज सोनी का कहना है कि बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क जरूर पहनें. बाइक या स्कूटी चलाने वालों को और सतर्क रहना चाहिए. भीड़भाड़ वाली और गाड़ियों के धुंए वाली जगहों पर एक्सरसाइज या दौड़ने से बचें.
घर के अंदर का प्रदूषण भी बन सकता है खतरनाक:
जब बाहर प्रदूषण बढ़ता है तो लोग खिड़की-दरवाजे बंद कर लेते हैं, लेकिन घर के अंदर का प्रदूषण भी कम खतरनाक नहीं होता. सीके बिड़ला अस्पताल के डॉ. विकास मित्तल कहते हैं कि घर के अंदर धूपबत्ती, अगरबत्ती जलाने से बचें और धूम्रपान बिल्कुल न करें. घर में हवा साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
डॉक्टर के पास कब जाएं?
- लगातार खांसी आना
- सांस फूलने की समस्या बढ़ना
- छाती में जकड़न या दर्द महसूस होना
- हल्की सी चहलकदमी में सांस चढ़ना
अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें.
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