कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक जरूरी तत्व है, क्योंकि यह हमारी कोशिकाओं, हार्मोंस और विटामिन डी को बनाने में मदद करता है. लेकिन जब इसका मात्रा बढ़ने लगती है तो यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है. जब शरीर में एक सीमित मात्रा से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है तो ये हमारी नसों में जमा होकर ब्लॉकेज, हार्ट रोग और स्ट्रोक का कारण बन सकता है. जब हमारे शरीर में फैट बढ़ जाता है तो इसका असर हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर भी पड़ता है.
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण (Reasons for High Cholesterol)
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कुछ कारण भी हैं. जैसे ज्यादा तली-भुनी चीजों का सेवन. ज्यादा तेल और घी का सेवन, फिजिकल एक्टिविटी कम होना, स्ट्रेस, स्मोकिंग, शराब का सेवन और नींद की कमी. इसके साथ ही उम्र बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है, जिस वजह से फैट शरीर में एकत्रित होने लगता है.
कोलेस्ट्रॉल जब ज्यादा बढ़ जाता है तो इसको कंट्रोल करने के लिए दवाओं का सेवन करना पड़ता है. इसके साथ ही लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कर के भी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है. लेकिन इसको लेकर लोगों के मन में कई तरह के कंफ्यूजन होते हैं कि कितना कोलेस्ट्रॉल होने पर दवा का सेवन करना चाहिए और कब सिर्फ लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कर के भी इसको कंट्रोल में किया जा सकता है.
आर्टेमिस हॉस्पिटल की यूनिट हेड और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सीमा धीर ने यहां कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर कब दवा लेनी चाहिए और कब लाइफस्टाइल में बदलाव करने चाहिए इस बारे में पूरी जानकारी दी है.
डॉ. सीमा ने बताया कि, "कोलेस्ट्रॉल बढ़ना अच्छी बात नहीं होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर दवा दी जाए. हर मरीज का केस अलग अलग होता है. डॉक्टर सबसे पहले रिपोर्ट देखते हैं और यह देखते हैं कि मरीज की उम्र क्या है? उससे कोई और बीमारी जैसे डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर तो नहीं है ? कहीं वो धूम्रपान तो नहीं करता है?"
"अगर किसी व्यक्ति का एलडीएल कोलेस्ट्रॉल थोड़ा बढ़ा हुआ है और हार्ड डिजीज का खतरा कम है, तो शुरुआती 3 से 6 महीना तक संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज, वजन कम करना, पर्याप्त नींद और तंबाकू से दूरी जैसी लाइफस्टाइल बदलाव पर जोर दिया जाता है. लेकिन अगर किसी मरीज का एलडीएल बहुत ज्यादा हो, मरीज को पहले हार्ट अटैक आया हो या फिर परिवार में हार्ट अटैक का इतिहास रहा हो, डायबिटीज का जोखिम हो तो लाइफस्टाइल के साथ दवा की जरूरत हो सकती है."
इसके साथ ये भी ध्यान रखना चाहिए कि जैसे ही कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होता है कुछ लोग बिना सलाह के दवाई बंद कर देते हैं. जबकि ऐसा करने से कोलेस्ट्रॉल दोबारा बढ़ सकता है और दिल की बीमारी का खतरा हो सकता है.
डॉ. सीमा धीर, यूनिट हेड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स
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