गर्मियों के मौसम में ठंडी चीज़ें खाने का मजा ही अलग होता है और रात में खाना खाने के बाद ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खाने का आनंद तो और भी खास हो जाता है. दिनभर की गर्मी के बाद एक बाउल आइसक्रीम कई लोगों के लिए सुकून जैसा लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जितनी यह खाने में स्वादिष्ट होती है, उतनी ही शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है?
अगर आप भी रात में सोने से पहले आइसक्रीम खाने के शौकीन हैं, तो यह आदत अगले दिन आपके दिमाग और शरीर दोनों पर असर डाल सकती है. इथियोपियन जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज में छपी एक रिसर्च के अनुसार, देर रात आइसक्रीम खाने से ब्रेन फॉग की समस्या हो सकती है. इसके पीछे एक खास प्रक्रिया होती है, जिसे समझना जरूरी है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
रात में आइसक्रीम खाकर सोने के बाद कई लोगों को अगली सुबह उठते ही थकान, सुस्ती, ध्यान न लगना और दिमाग भारी लगने जैसी समस्याएं महसूस होती हैं. इस स्थिति को “ब्रेन फॉग” कहा जाता है यानी दिमाग ठीक से काम नहीं करता, फोकस कम हो जाता है और ऊर्जा की कमी महसूस होती है.
कैसे रात की आइसक्रीम बन सकती है ब्रेन फॉग की वजह?
शुगर अचानक बढ़ती है, फिर तेजी से गिरती है
आइसक्रीम में आमतौर पर काफी मात्रा में चीनी और फैट होता है. जब आप इसे रात में खाते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ जाती है, इसके बाद इंसुलिन बढ़ने की वजह से शुगर लेवल तेजी से नीचे भी आ सकता है. इस उतार-चढ़ाव का असर अगले दिन महसूस होता है. सुबह उठते समय थकान, दिमाग में भारीपन, फोकस की कमी और सुस्ती जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
नींद खराब हो सकती है
अगर आप रात में सोने से पहले ज्यादा शुगर वाला खाना खा लेते हैं, तो शरीर और पाचन तंत्र सक्रिय हो जाता है. इस वजह से गहरी नींद प्रभावित हो सकती है. जब नींद पूरी और अच्छी नहीं होती, तो अगली सुबह दिमाग तरोताजा महसूस नहीं करता.
पेट और सूजन की समस्या बढ़ सकती है
रात में ज्यादा शुगर लेने से पेट की सेहत पर भी असर पड़ता है, इससे सूजन बढ़ सकती है और गट माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ सकता है. गट और दिमाग का गहरा संबंध होता है. अगर पेट का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका असर दिमाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है.
डॉक्टर का क्या कहना है?
डॉक्टर रूबल गुप्ता गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट के अनुसार, जब खाना या भारी चीजें रात में देर से खाई जाती हैं, तो उस समय शरीर उन्हें सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता, इससे नींद खराब हो सकती है और शरीर में असहजता भी बढ़ सकती है.
रात में भूख लगे तो क्या करें?
डॉक्टर रूबल गुप्ता के मुताबिक, अगर रात में भूख लगे तो भारी और ज्यादा मीठी चीजों से बचना चाहिए, इसकी जगह हल्के और संतुलित विकल्प चुनना बेहतर होता है.
क्या खा सकते हैं?
- थोड़ी मात्रा में प्रोटीन वाला स्नैक
- एक मुट्ठी नट्स
- दही
ये चीजें पेट पर भारी नहीं पड़तीं और बिना ज्यादा शुगर के शरीर को संतुष्टि देती हैं.
डॉ. रुबल गुप्ता दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के एक अनुभवी और प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है.
इसे भी पढ़ें: रोटियां सूख जाती हैं? डिब्बे में कटोरी रखने का देसी जुगाड़ रखेगा उन्हें घंटों तक सॉफ्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं