Menstrual Hygiene Day 2026: पीरियड्स या मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, लेकिन कई बार उन्हें इस दौरान सामाजिक भेदभाव और असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिस वजह से वह खुलकर बात तक नहीं कर पातीं. ऐसे में हर साल 28 मई को दुनियाभर में ‘मासिक स्वच्छता जागरूकता दिवस' (मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे) मनाया जाता है.
इसका उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता, सुरक्षित देखभाल और सही जानकारी के प्रति जागरूक करना है. आज भी समाज के कई हिस्सों में इस विषय को लेकर झिझक और गलत धारणाएं व्याप्त हैं, जिसके कारण कई लड़कियां खुलकर इस विषय पर बात नहीं कर पातीं. हालांकि, यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है और इसे लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है. ऐसे में इस दिवस की महत्ता और भी बढ़ जाती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि माहवारी को लेकर खुलकर बातचीत और सही जानकारी देना समय की जरूरत है. इससे न केवल महिलाओं और किशोरियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि समाज में फैली भ्रांतियां भी दूर होंगी. मासिक स्वच्छता जागरूकता दिवस इसी संदेश को मजबूत करने का प्रयास है कि माहवारी कोई शर्म का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू है.
क्या कहता है यूनिसेफ
यूनिसेफ के अनुसार, मासिक धर्म किशोरियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, लेकिन कई बार उन्हें इस दौरान सामाजिक भेदभाव और असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, ट्रांसजेंडर पुरुष और गैर-बाइनरी लोग भी अपनी पहचान के कारण जरूरी सुविधाओं और स्वच्छता उत्पादों से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है.
नेशनल हेल्थ मिशन
नेशनल हेल्थ मिशन के मुताबिक, मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है. इस समय साफ और सुरक्षित सेनेटरी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए. साथ ही हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि संक्रमण से बचा जा सके. स्कूल, कॉलेज या ऑफिस जाने वाली महिलाओं और लड़कियों को अपने साथ अतिरिक्त सेनेटरी पैड, पानी की बोतल और डिस्पोजल बैग रखना चाहिए. इसके अलावा, आरामदायक और ढीले कपड़े पहनने की सलाह भी दी जाती है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पीरियड्स के दौरान सुझाए गए हल्के व्यायाम और योग करने से शरीर को आराम मिलता है और दर्द में भी राहत मिल सकती है. सोते समय साफ और नया सेनेटरी पैड इस्तेमाल करना जरूरी माना जाता है. सही दिनचर्या अपनाकर इस दौरान होने वाली असुविधाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ खानपान को भी इस दौरान बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं. पौष्टिक और हल्का भोजन शरीर को एनर्जी देने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाए रखता है.
ये भी पढ़ें: पीरियड्स से लेकर प्रेग्नेंसी तक… थायरॉइड की गड़बड़ी महिलाओं की फर्टिलिटी पर डाल सकती है असर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं