क्या आपकी कोहनी के आसपास काले-काले धब्बे हो गए हैं? अगर हां, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल भी न करें. अक्सर हम में से कई लोग कोहनी पर होने वाले दाग-धब्बों को नजरअंदाज कर देते हैं. हम में से अधिकतर लोग इसे रगड़ खाने, धूप में रहने या सफाई की कमी से जोड़कर देखते हैं और स्क्रब या क्रीम से इसे हटाने की कोशिश में लग जाते हैं. लेकिन कुछ स्थितियों में यह गंभीर परेशानी की ओर इशारा करता है.
गुरुग्राम स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट - डर्मेटोलॉजी, डॉ. रूबेन भसीन पासी का कहना है कि कोहनी की स्किन का लगातार काला और मोटा होते जाना शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है. मेडिकल भाषा में इस स्थिति को एकैंथोसिस निग्रिकैंस (Acanthosis Nigricans) कहते हैं. ये अकेले किसी बीमारी का नाम नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग गंभीर बीमारियों की चेतावनी हो सकती है. यहां समझते हैं इस बारे में विस्तार से-
डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस
डॉक्टर कहती हैं कि कोहनी पर काले धब्बों का सबसे आम कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का रूप ले सकता है. कई बार ये धब्बे ब्लड शुगर के डायग्नोज होने से पहले ही नजर आने लगते हैं, इसलिए इन्हें प्री-डायबिटीज का शुरुआती संकेत भी माना जाता है.
मोटापे से जूझ रहे लोगों में ये समस्या काफी ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि शरीर का अतिरिक्त वजन इंसुलिन के असर को कम कर देता है. ऐसे में अगर कोहनी पर धब्बे दिखें तो फास्टिंग ब्लड शुगर और एचबीए1सी (HbA1c) टेस्ट कराना समझदारी है, ताकि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके.
थायराइड में गड़बड़ी भी हो सकती है वजह
डॉक्टर का कहना है कि डायबिटीज के अलावा थायराइड ग्रंथि से जुड़ी दिक्कतें भी स्किन में इसी तरह के बदलाव ला सकती हैं. मुख्य रूप से हाइपोथायरॉइडिज्म यानी जब थायराइड ग्रंथि जरूरत से कम हार्मोन बनाती है, तब शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और स्किन ड्राई, मोटी और असमान रंग की होने लगती है.
कुछ मामलों में यह हार्मोनल असंतुलन कोहनी और घुटनों जैसी जगहों पर पिगमेंटेशन बढ़ा देता है. थकान, वजन बढ़ना, बालों का झड़ना और ठंड ज्यादा लगना जैसे लक्षण अगर धब्बों के साथ दिखें, तो थायराड प्रोफाइल टेस्ट (TSH, T3, T4) कराने की सलाह दी जाती है.
पीसीओएस और हार्मोनल असंतुलन
महिलाओं में कोहनी के काले धब्बों का एक अहम कारण पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस भी हो सकता है. यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है और इंसुलिन का स्तर भी असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे स्किन पर वही मखमली, काले धब्बे बनने लगते हैं जो डायबिटीज में दिखते हैं. अनियमित पीरियड्स, अचानक वजन बढ़ना और चेहरे पर काफी बाल आना जैसे लक्षण साथ में हों, तो डॉक्टर की सलाह पर हार्मोनल और इंसुलिन जांच कराना जरूरी हो जाता है.
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