अगर आपसे पूछा जाए कि लंबी और खुशहाल जिंदगी के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है, तो शायद आपका जवाब होगा अच्छी लाइफस्टाइल, हेल्दी फूड , रोज की सैर, पैसा या फिर अच्छे जीन. लेकिन करीब 80 साल तक चली हार्वर्ड की एक मशहूर स्टडी ने कुछ और ही तस्वीर दिखाई. इस रिसर्च में पाया गया कि आपकी सेहत और बढ़ती उम्र पर सबसे गहरा असर सिर्फ खाने या कमाई का नहीं, बल्कि उन लोगों का भी पड़ता है जो आपकी जिंदगी का हिस्सा हैं. यानी जिन रिश्तों पर आपको भरोसा है, वही आपकी खुशी, मानसिक सेहत और बढ़ती उम्र में भी बड़ा फर्क ला सकते हैं. आइए जानते हैं इस स्टडी में और क्या बातें सामने आईं.
80 साल तक चली रिसर्च, हजारों लोगों पर रखी गई नजर
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने साल 1938 में इस रिसर्च की शुरुआत की थी. शुरुआत में इसमें 268 युवाओं को शामिल किया गया. बाद में दूसरे समूह, उनके परिवार और अगली पीढ़ी को भी जोड़ा गया. कई दशकों तक उनकी सेहत, रिश्तों, काम, परिवार और जीवनशैली पर नजर रखी गई. इसी वजह से इसे दुनिया की सबसे लंबी चलने वाली रिसर्च में गिना जाता है.
रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों के अपने परिवार, दोस्तों या जीवनसाथी के साथ अच्छे और भरोसेमंद रिश्ते थे, वे बढ़ती उम्र में ज्यादा स्वस्थ और खुश पाए गए. हैरानी की बात यह रही कि अच्छे रिश्ते कई मामलों में पैसा, सामाजिक पहचान और यहां तक कि अच्छे जीन से भी ज्यादा असर डालते दिखे.
50 साल की उम्र में मिला बड़ा संकेत
रिसर्च करने वाले विशेषज्ञों ने पाया कि 50 साल की उम्र में कोई व्यक्ति अपने रिश्तों से कितना संतुष्ट है, इससे काफी हद तक अंदाजा लगाया जा सकता था कि 80 साल की उम्र में उसकी सेहत कैसी होगी. यानी सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट ही नहीं, रिश्ते भी बढ़ती उम्र की तस्वीर दिखा सकते हैं.
लंबे समय तक अकेलापन महसूस करना शरीर पर भी असर डाल सकता है. ऐसे लोगों में मानसिक और शारीरिक परेशानियों का खतरा ज्यादा देखा गया. वहीं जिन लोगों के पास भरोसेमंद रिश्ते और सामाजिक सहारा था, उनमें उम्र बढ़ने के साथ मानसिक कमजोरी अपेक्षाकृत कम देखने को मिली.
अच्छी शादी का मतलब बिना झगड़े वाली शादी नहीं
स्टडी की एक दिलचस्प बात यह भी रही कि खुशहाल रिश्ते का मतलब हर समय हंसना या कभी लड़ाई-झगड़ा न होना नहीं है. कई बुजुर्ग दंपतियों में कई बार नोकझोंक होती थी, लेकिन अगर उन्हें भरोसा था कि मुश्किल वक्त में साथी उनका साथ देगा, तो इसका उनकी मानसिक सेहत पर बुरा असर नहीं पड़ा.
रिसर्च में यह भी सामने आया कि अच्छी सेहत के लिए सिर्फ रिश्ते काफी नहीं हैं. नियमित शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान से दूरी, शराब का जरूरत से ज्यादा सेवन न करना, संतुलित वजन और तनाव से सही तरीके से निपटना भी उतना ही जरूरी है. यानी लंबी और स्वस्थ जिंदगी कई अच्छी आदतों का मिलाजुला नतीजा होती है.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपने सबसे करीबी लोगों के लिए समय निकालना भूल जाते हैं. यह रिसर्च याद दिलाती है कि शरीर की तरह रिश्तों की भी देखभाल जरूरी है. परिवार से बातचीत, दोस्तों से मिलना और अपने लोगों के साथ समय बिताना सिर्फ मन को अच्छा नहीं रखता, बल्कि बढ़ती उम्र में आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है.
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