Skin Care In Monsoon: मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन स्किन के लिए कई नए चैलेंजेस भी लेकर आता है. इस दौरान अचानक चेहरे पर पिंपल्स निकलना एक ऐसी परेशानी बन जाते हैं, जिनसे बचना आसान नहीं होता. खास बात ये है कि सिर्फ ऑयली स्किन वाले ही नहीं, बल्कि ड्राई स्किन वाले लोग भी इस परेशानी का सामना करते हैं.
सेलिब्रिटी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. शेहला अग्रवाल के मुताबिक, बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी, पसीना और स्किन पर बनने वाली सीबम की परत मुंहासों की सबसे बड़ी वजह बनती है. हालांकि अगर कुछ आसान स्किनकेयर आदतें अपनाई जाएं तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.
बारिश में क्यों बढ़ जाते हैं पिंपल्स? (Why Pimples Increase During Monsoon)
सेलिब्रिटी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. शेहला अग्रवाल बताती हैं कि मानसून में पिंपल्स काफी ज्यादा देखने को मिलते हैं. यहां तक कि जिन लोगों की स्किन सामान्य दिनों में ड्राई रहती है. उन्हें भी इस मौसम में मुंहासे हो सकते हैं.
उनके अनुसार, बारिश के मौसम में स्किन पर निकलने वाला सीबम (नेचुरल तेल) और पसीना मिलकर एक लेयर बना देते हैं. इस परत पर धूल, गंदगी और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं. नतीजतन स्किन के पोर्स बंद होने लगते हैं और पिंपल्स निकलने लगते हैं. गर्म और नम मौसम बैक्टीरिया को पनपने का भी मौका देता है, जिससे समस्या और बढ़ सकती है.

Monsoon Skin Care: बारिश में पिंपल्स.
बाहर से आते ही करें चेहरे की सही सफाई (Clean Your Face the Right Way)
डॉ. शेहला अग्रवाल के मुताबिक, अगर आप बाहर से घर लौटे हैं तो सबसे पहले चेहरे को हल्के जेंटल क्लींजर से धो लें. इससे पसीना, एक्स्ट्रा तेल और गंदगी साफ हो जाएगी. चेहरा धोने के बाद तौलिये से जोर-जोर से रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से टैप ड्राई करें. ऐसा करने से स्किन हार्म नहीं होती.
वो सलाह देती हैं कि मानसून में चेहरे को जरूरत से ज्यादा बार धोने या तेज साबुन लगाने से भी बचना चाहिए. इससे स्किन का नेचुरल ऑयल खत्म हो सकता है और स्किन पहले से ज्यादा ऑयल प्रड्यूस करने लगती है, जिससे मुंहासे बढ़ सकते हैं.
रोज वॉटर और पीएच बैलेंस का रखें ध्यान (Rose Water and Skin pH Balance)
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, बारिश के मौसम में रोज वॉटर एक बेहतरीन टोनर की तरह काम कर सकता है. इसे स्प्रे बोतल में भरकर फ्रिज में रखें. चेहरा धोने के करीब दो मिनट बाद इसे चेहरे पर स्प्रे करें और नेचुरल तरीके से सूखने दें. इसे पोंछने की जरूरत नहीं होती. इससे स्किन को ठंडक मिलती है और उसका नेचुरल पीएच बैलेंस रखने में मदद मिल सकती है.
सिंपल स्किनकेयर रूटीन ही है सबसे बेहतर (Keep Your Skincare Routine Simple)
मानसून में भारी क्रीम, ज्यादा मेकअप और पोर्स बंद करने वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए. इसके बजाय हल्का जेल बेस्ड मॉइस्चराइजर और नॉन-कॉमेडोजेनिक स्किनकेयर प्रोडक्ट्स चुनें. सप्ताह में एक-दो बार क्ले या हर्बल फेस मास्क का इस्तेमाल भी अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद कर सकता है.
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