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This Article is From Nov 19, 2024

प्रेग्नेंसी और बच्चों के पालन पोषण के कारण लगा करियर पर ब्रेक, 10 में से 7 महिलाओं माना : डेटा

आंकड़ों के मुताबिक अपनी नौकरी छोड़ने वाली महिलाओं में से 41.1 प्रतिशत ने बच्चों की परवरिश को ब्रेक का प्राथमिक कारण बताया. वहीं 24.9 प्रतिशत महिलाओं ने शादी के बाद काम करना बंद कर दिया, जबकि 24.4 प्रतिशत ने गर्भावस्था और चाइल्ड बर्थ को नौकरी छोड़ने का कारण बताया.

प्रेग्नेंसी और बच्चों के पालन पोषण के कारण लगा करियर पर ब्रेक, 10 में से 7 महिलाओं माना : डेटा
41.1 प्रतिशत ने बच्चों की परवरिश को ब्रेक का प्राथमिक कारण बताया.

दक्षिण कोरिया की ओर से जारी किए गए डेटा में यह बात सामने आई है कि लगभग 10 में से 7 विवाहित महिलाओं को गर्भावस्था और बच्चे के पालन-पोषण के कारण अपने करियर पर ब्रेक लगाना पड़ता है. योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार कोरिया के आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में नौकरी छोड़ने वाली 15-54 साल के बीच विवाहित महिलाओं की संख्या 1.22 मिलियन तक पहुंच गई.

एजेंसी ने कहा कि इस साल के आंकड़े में 133,000 की कमी आई है, जिसका आंशिक कारण इस आयु वर्ग में कुल विवाहित महिला की संख्या में कमी है. जारी किए गए डेटा के मुताबिक देश में विवाहित महिलाओं की कुल संख्या 7.65 मिलियन हो गई है, जो एक साल पहले की तुलना में लगभग 290,000 कम है.

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41.1 प्रतिशत महिलाओं ने माना परवरिश को बड़ा कारण:

आंकड़ों के मुताबिक अपनी नौकरी छोड़ने वाली महिलाओं में से 41.1 प्रतिशत ने बच्चों की परवरिश को ब्रेक का प्राथमिक कारण बताया. वहीं 24.9 प्रतिशत महिलाओं ने शादी के बाद काम करना बंद कर दिया, जबकि 24.4 प्रतिशत ने गर्भावस्था और चाइल्ड बर्थ को नौकरी छोड़ने का कारण बताया. आंकड़ों से पता चलता है कि 41.2 प्रतिशत विवाहित महिलाओं ने 10 साल से ज्यादा समय तक करियर में ब्रेक लिया, इसके बाद 22.8 प्रतिशत ने पांच से 10 साल के बीच काम पर विराम लगाया.

दक्षिण कोरिया में जन्म दर में गिरावट:

बता दें कि दक्षिण कोरिया में जन्म दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, यहां बड़ी संख्या में लोग शादी करने और माता-पिता बनने से बच रहे हैं. स्टैटिस्टिक्स कोरिया के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 2023 में देश की कुल प्रजनन दर घटकर 0.72 रह गई, जो 1970 के बाद से अब तक का सबसे निचला लेवल है.

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लोगों को शादी करने के लिए प्रोत्साहित करने और प्रजनन दर में सुधार लाने के लिए सरकार ने बाल देखभाल के लिए कई लाभ और सहायता देने का काम शुरू कर दिया है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ये उपाय अभी तक खास असर नहीं डाल पाए हैं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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