- हरियाणा कांग्रेस में सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार के समर्थन को लेकर गुटबाजी और अंदरूनी विवाद बढ़ा है.
- कुलदीप शर्मा ने दीपेंद्र सिंह हुड्डा पर कांग्रेस विरोधी गुट के विरोध प्रदर्शन में बोलने से रोकने का आरोप लगाया
- कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सोनिया गांधी के खिलाफ कोई पत्र नहीं लिखा.
हरियाणा कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. हरियाणा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने सज्जन सिंह के मामले को लेकर दीपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एक पत्र लिखा था. उन्होंने सीधे तौर पर भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि पंचकूला में कांग्रेस के कुछ प्रभावशाली नेताओं के गुट की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में उन्हें बोलने का समय नहीं दिया गया. दीपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ पत्र लिखने के बाद, कांग्रेस नेताओं के एक गुट ने सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया.
सोनिया गांधी के खिलाफ कोई पत्र नहीं लिखा था : कुलदीप शर्मा
कुलदीप शर्मा ने G-23 मामले को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. हरियाणा की राजनीति में G-23 का मुद्दा फिर से उठा है. G-23 मामले पर कुलदीप शर्मा ने कहा, "मैंने सोनिया गांधी के खिलाफ कोई पत्र नहीं लिखा था. मुझसे वह पत्र झूठी और बेबुनियाद बातों के आधार पर साइन करवाया गया था. भूपेंद्र सिंह हुड्डा और गुलाम नबी आज़ाद ने मुझसे कुछ कागज़ों पर साइन करने को कहा था. उन्होंने मुझे बताया कि ये संगठन से जुड़े दस्तावेज़ हैं. चूंकि वरिष्ठ नेताओं ने मुझसे उन पर साइन करने को कहा था, इसलिए मैंने ऐसा किया."
इतना ही नहीं, सज्जन सिंह को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी कलह की ओर से इशारा कर रही है. कुलदीप शर्मा ने सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी से हटाने की मांग के बाद हुड्डा समर्थकों ने भी खुलकर मोर्चा संभाल लिया है. कुलदीप शर्मा सिख समुदाय की भावनाओं और पार्टी को हो रहे राजनीतिक नुकसान का मुद्दा उठा रहे हैं. वहीं जब मामला बढ़ गया तो दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की थी. उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी भी सज्जन सिंह को अपना ‘रोल मॉडल' नहीं बताया और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया.
सिख दंगों के दोषी ठहराए गए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार का पिछले दिनों निधन हो गया था. उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंदर हुड्डा ने उनकी तारीफ कर दी थी और कहा था कि जनता से उनका जुड़ाव एक मिसाल था. इस पर खूब विवाद हुआ और सिख दंगों के दोषी को मिसाल बताए जाने पर वह घिर गए थे. यहां तक कि हरियाणा कांग्रेस के ही नेता कुलदीप शर्मा ने उनके खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेटर लिखा था. अब इस मामले में दीपेंदर हुड्डा की सफाई आई है और उनका कहना है कि उनकी बात को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है.
1984 दंगों से जुड़ा है मामला
बता दें कि सज्जन सिंह का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों के कारण लंबे समय से विवादों में रहा है. इसी वजह से दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर पंजाब सहित सिख समुदाय के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली. विवाद के बढ़ने के साथ कांग्रेस के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं.
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