विज्ञापन
This Article is From Jul 03, 2017

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका

ईडी ने यह मामला धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इनके खिलाफ दर्ज किया है. न्यायमूर्ति आर. के. गुबा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह व दो अन्य की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि संभावित गिरफ्तारी और जब्ती के खिलाफ याचिका को अनुमति नहीं दी जा सकती.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
  • इस मामले में पीएमएलए के तहत 14 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है
  • ईडी ने यह मामला धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत इनके खिलाफ दर्ज किया है
  • प्राथमिकी दर्ज करना बदले की राजनीति का नतीजा है : वीरभद्र सिंह
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व अन्य की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज किए गए धनशोधन मामले को समाप्त करने की मांग की गई थी. ईडी ने यह मामला धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इनके खिलाफ दर्ज किया है. न्यायमूर्ति आर. के. गुबा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह व दो अन्य की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि संभावित गिरफ्तारी और जब्ती के खिलाफ याचिका को अनुमति नहीं दी जा सकती.

ईडी ने सितंबर 2015 में 83 वर्षीय वीरभद्र सिह व दूसरों पर पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था. ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक आपराधिक शिकायत के संज्ञान में आने पर इस मामले को दर्ज किया.

सीबीआई ने 31 मार्च को आरोपपत्र दाखिल किया था, जब उच्च न्यायालय ने वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी पर बेहिसाब संपत्ति मामले में एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था. वीरभद्र सिंह ने दावा किया था कि प्राथमिकी दर्ज करना बदले की राजनीति का नतीजा है.

ईडी वीरभद्र सिंह व उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ 2009 व 2011 के बीच उनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में 6.1 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति जुटाने के आरोपों की जांच कर रहा है. इस दौरान वीरभद्र सिंह केंद्रीय इस्पात मंत्री थे. इस मामले में पीएमएलए के तहत 14 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है.

ईडी ने जुलाई 2016 में आनंद चौहान नाम के एक एलआईसी एजेंट को भी पीएमएल के तहत गिरफ्तार किया क्योंकि वह कथित तौर पर जांच कर रहे अधिकारियों से सहयोग नहीं कर रहा था. ईडी ने आरोप लगाया है कि वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री रहते हुए चौहान के माध्यम से अपने व अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी खरीदने में भारी रकम निवेश की है.
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Himachal Pradesh, CBI, ID, Himachal Pradesh Chief Minister, Virbhadra Singh, Himachal Pradesh Chief Minister Virbhadra Singh, Money Laundering Case, PMLA, Vikramaditya Singh
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com