- भगवंत मान के OSD पर कार्रवाई
- CBI टीम का फूलों से स्वागत, पंजाब की राजनीति में मचा बवाल
- राजबीर घुम्मन पर कार्रवाई से गरमाई पंजाब की राजनीति
पंजाब की राजनीति में मंगलवार को उस समय अनोखा नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन के घर पर CBI की छापेमारी के बाद विपक्षी दलों ने खुलेआम जश्न मनाना शुरू कर दिया. संगरूर के गांव घराचों में वारिस पंजाब और अकाली दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे और CBI टीम की गाड़ियों पर फूल बरसाकर कार्रवाई का स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों की थाप पर भांगड़ा भी किया गया. विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए कहा कि पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आखिरकार जांच एजेंसियां सक्रिय हुई हैं.
CBI की गाड़ी पर फूल बरसाकर किया स्वागत
संगरूर के गांव घराचों में उस समय असामान्य दृश्य देखने को मिला, जब CBI की टीम राजबीर घुम्मन से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई कर रही थी. मौके पर पहुंचे वारिस पंजाब और अकाली दल (पुनर्स्थापना) के प्रतिनिधियों ने जांच एजेंसी की गाड़ियों पर फूल बरसाए. कार्यकर्ताओं ने ढोल बजाकर और भांगड़ा डालकर अपनी खुशी जाहिर की. कई लोगों ने इसे पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम बताते हुए कहा कि लंबे समय से जिन आरोपों की चर्चा हो रही थी, अब उन पर केंद्रीय एजेंसी जांच कर रही है.
विपक्ष बोला- पंजाब का पैसा लूटने वालों की हो रही जांच
विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने कहा कि जिन लोगों ने पंजाब को भारी नुकसान पहुंचाया और जनता के पैसे का दुरुपयोग किया, उनकी CBI निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में भले ही समय लगा हो, लेकिन अब जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है. विपक्षी कार्यकर्ताओं का दावा था कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
CBI ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का मामला
CBI ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. एजेंसी के अनुसार आरोपियों पर IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग एवं तबादलों को कथित रूप से प्रभावित करने, विभागीय कार्यवाहियों में हस्तक्षेप करने, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर शर्तों, लाइसेंस मामलों और भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े मामलों में आर्थिक लाभ के बदले प्रभाव डालने के आरोप हैं.
आठ स्थानों पर एक साथ छापेमारी
CBI ने चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर समेत आठ स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया. जांच एजेंसी ने बताया कि छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इन सामग्रियों की जांच की जा रही है ताकि कथित रिश्वतखोरी और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें.
कौन-कौन हैं आरोपी?
CBI ने इस मामले में राजबीर घुम्मन के अलावा नितिन गोहाल, जतिन गोहाल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर.एस. नागरा को आरोपी बनाया है. FIR में कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है. एजेंसी का आरोप है कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने सरकारी आदेशों और नीतियों के ड्राफ्ट आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले निजी व्यक्तियों तक पहुंचाए.
आम आदमी पार्टी ने साधा बीजेपी पर निशाना
CBI कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि उनके 'कैंप ऑफिस' में छापेमारी की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब चुनावों को देखते हुए ED और CBI का इस्तेमाल कर राज्य सरकार और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है. वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी कार्रवाई को भाजपा की "हताशा" बताया और कहा कि पंजाब की जनता इसका जवाब चुनाव में देगी.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जांच
मामला उस जनहित याचिका से जुड़ा है जिसमें ED की ओर से साझा सामग्री के आधार पर स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी. हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार की आशंका को दर्शाती है और निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
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