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बच्चेदानी में गांठ हो तो क्या खाना चाहिए? 5 फूड्स, जिससे सूजन और दर्द से मिलेगा आराम

बच्चेदानी में गांठ होने की स्थिति में हेल्दी आहार का सेवन करना सही होता है. इससे परेशानी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता हैं. यहां जानते हैं इस बारे में-

बच्चेदानी में गांठ हो तो क्या खाना चाहिए? 5 फूड्स, जिससे सूजन और दर्द से मिलेगा आराम
Uterine Fibroids Diet : बच्चेदानी में गांठ होने पर क्या खाएं?

Bacchedani Me Ganth: आज के समय में महिलाओं को कई तरह की परेशानियां हो रही हैं, जिसमें बच्चेदानी में गांठ होना भी शामिल है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में यूटेरिन फाइब्रॉइड कहा जाता है, इन दिनों यह परेशानी काफी ज्यादा कॉमन हो चुकी है. हालांकि, इस बात पर ध्यान दें कि फाइब्रॉइड कैंसर नहीं होता, लेकिन इसके कारण पेट में भारीपन, कमर दर्द, पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतें और काफी ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है. इलाज के साथ-साथ सही खानपान भी बच्चेदानी में गांठ के लक्षणों को कंट्रोल कर सकता हैं. यहां हम आपको कुछ ऐसे डाइट के बारे में बताएंगे, जिससे गांठ की परेशानी को कम किया जा सकता है. इसकी जानकारी के लिए हमने डाइट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी कुमारी से बातचीत की है. आइए जानते हैं-

हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से मिलेगी राहत

बच्चेदानी में गांठ होने पर आपको अपन आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करने की जरूरत होती है. कोशिश करें कि अपने आहार में पालक, मेथी, सरसों और चौलाई जैसी हरी सब्जियों को जोड़ें. ये आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इससे ज्यादा ब्लीडिंग की परेशानी को कम किया जा सकता है. वहीं, बच्चेदानी में गांठ होने वाली परेशानी को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

रंग-बिरंगे फल और सब्जियां भी है फायदेमंद

बच्चेदानी में गांठ होने पर कोशिश करें कि अपने आहार में टमाटर, गाजर, शिमला मिर्च, चुकंदर, संतरा, अमरूद और बेरीज जैसे फल-सब्जियों को जोड़ें. ये एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं. इससे शरीर में होने वाली सूजन की परेशानी कम हो सकती है. वहीं, ये कोशिकाओं को डैमेज होने से रोक सकती है.

फाइबर से भरपूर भोजन भी है असरदार

यूट्रस फाइब्रॉइड होने पर फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए. मुख्य रूप से अपने आहार में दलिया, ओट्स, साबुत अनाज और दालों को जोड़ें. इस तरह के आहार का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषाक्तता को कम किया जा सकता है. साथ ही हार्मोन को बैलेंस कर सकता है.

विटामिन D युक्त आहार भी है जरूरी

बच्चेदानी में गांठ होने की स्थिति में विटामिन डी युक्त आहार का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है. कुछ रिसर्च में पाया गया है कि विटामिन D की कमी और फाइब्रॉइड के बीच कनेक्शन हो सकता है. इसलिए सुबह की धूप लेना, फोर्टिफाइड दूध, अंडा और डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D सप्लीमेंट लेना फायदेमंद हो सकता है.

डाइट में शामिल करें हेल्दी फैट

बच्चेदानी में सूजन या गांठ होने की स्थिति में हेल्दी फैट लेना भी फायदेमंद हो सकता है. कोशिश करें कि अपने आहार में अलसी के बीज, अखरोट, बादाम और मछली जैसी चीजों को जोड़ें. इस तरह के आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने में मददगार हो सकते हैं. 

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