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Vitamin D Deficiency: विटामिन की कमी होने पर इन बातों का रखें ध्यान, खुद बा खुद बढ़ेगा Vitamin D

Vitamin D Deficiency: आपको बता दें ऐसा नहीं है कि जितने भी लोग डिफिशिएंट होते हैं वो सनलाइट एक्सपोजर में नहीं आते हैं सिर्फ इसी कारण से उन्हें यह कम हो जाता है. विटामिन डी ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. बहुत सारे ऐसे लोग भी होते हैं जो कि सारा दिन धूप में रहते हैं, फील्ड वर्क करते हैं लेकिन इसके बावजूद उनके अंदर विटामिन डी की डिफिशिएंसी हो जाती है. आखिर ऐसा क्यों होता है इस बारे में बताया है डॉक्टर सलीम जैदी ने. 

Vitamin D Deficiecny: विटामिन डी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है. ये हमारी बोंस को हेल्दी रखने में मदद करता है. लेकिन आज के समय में इंडिया में करीब 76 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो कि विटामिन डी डिफिशिएंट है. कई लोगों के अंदर विटामिन डी की कमी पाई जाती है. यह कहना है मई 2020 में की गई एक स्टडी का. आपको बता दें ऐसा नहीं है कि जितने भी लोग डिफिशिएंट होते हैं वो सनलाइट एक्सपोजर में नहीं आते हैं सिर्फ इसी कारण से उन्हें यह कम हो जाता है. विटामिन डी ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. बहुत सारे ऐसे लोग भी होते हैं जो कि सारा दिन धूप में रहते हैं, फील्ड वर्क करते हैं लेकिन इसके बावजूद उनके अंदर विटामिन डी की डिफिशिएंसी हो जाती है. आखिर ऐसा क्यों होता है इस बारे में बताया है डॉक्टर सलीम जैदी ने. 

क्यों कम होता है विटामिन डी

विटामिन डी के हमारी बॉडी में बनने के लिए सिर्फ और सिर्फ सनलाइट रेस्पॉन्सिबल नहीं है. जितनी रेस्पॉन्सिबल सनलाइट है उतना ही रेस्पॉन्सिबल यह फैट भी है. यह सनलाइट डायरेक्टली हमारे स्किन के पोर्स में आने चाहिए हमारे स्किन के कोंटेक्ट में आनी चाहिए अब क्योंकि सारा दिन हम लोग कपड़े पहने रखते हैं फुल स्लीव शर्ट पहने रखते हैं. इसकी वजह से जो सनलाइट है वो हमारे स्किन के कॉन्टैक्ट में ही नहीं आ पाती है. इसी वजह से हमारे अंदर अक्सर विटामिन डी की कमीहो जाती है. तो चलिए जानते हैं 6 ऐसी चीजों के बारे में जो कि आपकी बॉडी के अंदर विटामिन डी के लेवल को बढ़ाने के लिए काफी ज्यादा मदद कर सकते हैं.

विटामिन डी कम होने पर क्या होता है

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विटामिन डी अगर हमारी बॉडी के अंदर कम हो जाता है तो उसकी वजह से बहुत सारे लक्षण हमारे अंदर पैदा हो सकते हैं.

  • विटामिन डी की कमी होती है तो उसकी वजह से हम बार-बार बीमार पड़ सकते हैं.
  • इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है.
  • अगर शरीर में कहीं घाव हो जाता है तो वो आसानी से भरता नहीं है.
  • डिप्रेशन की शिकायत हो जाती है.
  • डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स हो सकती है.
  • हमारी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं.
  • नींद की कमी हो जाती है.
  • बॉडी के अंदर सूजन हो जाती है.
  • हर समय थका हुआ महसूस करते हैं.

कितना विटामिन डी होना चाहिए

बता दें कि हमें करीब 1500 से 2000 यूनिट विटामिन डी की जरूरत पड़ती है. इसमें एक बड़ा हिस्सा हमेशा सनलाइट की मदद से मिलता है और इसके साथ-साथ कुछ खाने पीने की भी ऐसी चीजें होती हैं जो कि हमारी बॉडी के अंदर विटामिन डी की आपूर्ति करती हैं.

विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए क्या करें

विटामिन डी को बढ़ाने के लिए आपको रोजाना कम से कम 10 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 30 मिनट तक धूप के अंदर बैठना होगा. जब आप धूप में बैठे तो इस बात का ध्यान रखें कि आपके बॉडी के ज्यादा से ज्यादा पार्ट है वो सन एक्सपोज्ड हो ताकि जो सनलाइट है वह डायरेक्टली आपके स्किन के कॉन्टैक्ट में आ सके. और आपकी बॉडी विटामिन डी को बना सके. दोपहर 12 बजे से लेकर शाम चार बजे के बीच की धूप लेना बेस्ट होता है. क्योंकि इस दौरान जो अल्ट्रावॉयलेट रेज हैं वो मैक्सिमम होती हैं और अल्ट्रावॉयलेट रेज ही हमारी बॉडी के अंदर विटामिन डी को बनाने के लिए मदद करती हैं. इसके साथ ही जब आप धूप मे बैंठे तो सनस्क्रीन ना लगाएं. 

मशरूम

मशरूम अकेला ऐसा वेजिटेबल है जो कि विटामिन डी का एक रिच सोर्स होता है. इसके अलावा जितने भी इसके सोर्स होते हैं वो ज्यादातर नॉन वेजिटेरियन होते हैं. मशरूम्स के अंदर भी इंसानों ही की तरह क्वालिटी पाई जाती हैं यह सनलाइट एक्सपोजर में आने से अपने अंदर विटामिन डी बनाना शुरू कर देते हैं तो अगर आप मशरूम्स खाते हैं तो इनके अंदर बनने वाला जो विटामिन डी है वह आपको मिलता है और आपके अंदर विटामिन डी की कमी पूरी होने लगती है. तो अगर आप  वेजीटेरियन है और आप एक ऐसा सोर्स ढूंढ रहे हैं जो कि वेजीटेरियन होने के साथ-साथ एक अच्छा सोर्स आफ विटामिन डी का हो तो मशरूम आपके लिए बेस्ट है.

अंडे की जर्दी 

अंडे की जर्दी विटामिन डी का एक बहुत ही अच्छा सोर्स है जिसको आप रेगुलर अपनी डाइट में इस्तेमाल कर सकते हैं. अंडे की जर्दी के अंदर बहुत ही बढ़िया क्वांटिटी में बहुत ही रिच क्वांटिटी में आपको विटामिन D3 मिलता है तो अगर आपके अंदर विटामिन डी की कमी हो रही है तो आपको रोजाना कम से कम 2 अंडे जरूर खाने चाहिए. 

फिश

मछली के अंदर भी काफी ज्यादा विटामिन डी पाया जाता है, तो उसको भी आप रेगुलर इस्तेमाल करिए हफ्ते में कम से कम एक या दो बार आपको मछली जरूर खानी चाहिए. अगर आपको मछली खाना पसंद नहीं है या फिर आप किसी ऐसी जगह पर रहते हैं यहां पर आपको मछली इजीली अवेलेबल नहीं है तो आप और फिश ऑयल के सप्लीमेंट भी ले सकते हैं. फिश ऑयल सप्लीमेंट के अंदर भी विटामिन डी आपको काफी ज्यादा मात्रा में मिलता है. 

दूध 

ऐसा दूध जिसके अंदर क्रीम पूरी मात्रा में हो, क्रीम निकाली नहीं गई है जिसको फुल क्रीम मिल्क भी कहते हैं. ऐसा दूध अगर आप रेगुलर लेंगे तो उसकी वजह से आपको विटामिन डी की जो कमी पड़ती है इसके चांसेस भी बेहद कम हो जाएंगे. दूध के साथ-साथ आप दही भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं. अगर आपको दूध पीना अच्छा नहीं लगता है या दूध पीने से आपको पेट में गैस बनती है यह इस तरह की कोई और दिक्कत रहती है तो आप दही भी इस्तेमाल कर सकते हैं. यह भी विटामिन डी के लिए एक बहुत ही बढ़िया सोर्स होता है. 

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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