सुबह उठते ही अगर पेट साफ न हो और दिनभर शरीर में भारीपन या सुस्ती बनी रहे, तो समझ लीजिए कि कब्ज आपकी सेहत की बैंड बजा रहा है. पेट की यह खराबी सिर्फ बदहजमी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि चेहरे पर एक्ने, गैस, और बिना बात की थकान का कारण भी बन जाती है. कब्ज को लेकर लोग अक्सर तरह-तरह के नुस्खे अपनाते हैं, लेकिन कई बार सही जानकारी न होने की वजह से राहत नहीं मिलती.
इस बारे में एनडीटीवी ने डॉक्टर सैयद अहमद खान जो सफदरजंग अस्पताल में यूनानी मेडिकल केयर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और हेड रह चुके हैं से बातचीत की. डॉक्टर खान का कहना है कि पेट और आंतों की सेहत दुरुस्त रखने के लिए पुरानी और प्राकृतिक जड़ी-बूटियां बेहद असरदार साबित होती हैं. उन्होंने खासतौर पर चिरायता का जिक्र किया है, जो पेट के रोगों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है.
आइए जानते हैं कि चिरायता पेट और कब्ज के लिए किस तरह जादुई असर दिखाता है और इसे खाने का सही तरीका क्या है.
चिरायता के फायदे
चिरायता सिर्फ पेट के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी कई अन्य बड़ी परेशानियों में भी किसी वरदान से कम नहीं है. चलिए जानते हैं कि शरीर की दूसरी समस्याओं में इसके पत्ते किस तरह असर दिखाते हैं,
बुखार और संक्रमण से राहत: अगर शरीर में लंबे समय तक सुस्ती, दर्द या वायरल बुखार बना रहे, तो इसके पत्तों का इस्तेमाल काफी राहत देता है. यह मलेरिया जैसे संक्रमण से लड़ने में भी शरीर की मदद करता है.
डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल: शुगर के मरीजों के लिए यह एक अचूक औषधि माना जाता है. यह शरीर में इंसुलिन के बनने की रफ्तार को तेज करता है, जिससे बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आसानी से काबू में आ जाता है.
खून की कमी (एनीमिया) दूर करना: अगर शरीर में हीमोग्लोबिन या खून की भारी कमी हो गई है, तो इसके पत्तों का ताजा रस निकाल लें. इसमें थोड़ा सा मिश्री मिलाकर पीने से खून की कमी तेजी से पूरी होने लगती है.
लिवर की पूरी सफाई: इसमें खास तरह के हेपेटोप्रोटेक्टिव और हेपेटोस्टिमुलेटिव गुण मौजूद होते हैं. आसान भाषा में कहें तो यह लिवर में जमे जहरीले तत्वों को बाहर निकालकर उसे एकदम स्वस्थ और मजबूत रखता है.
मजबूत पाचन तंत्र: जिन लोगों का हाजमा हमेशा गड़बड़ रहता है या खाया-पिया ठीक से पचता नहीं है, उनके लिए इसके औषधीय गुण पेट को दुरुस्त करने का काम करते हैं.
चिरायता खाने या पीने का सही तरीका:
चिरायता स्वाद में बहुत कड़वा होता है, इसलिए इसे लेने का तरीका थोड़ा संभलकर अपनाना चाहिए ताकि उल्टी जैसा मन न हो. चिरायता खाने का सबसे आसान तरीका है कि रात को थोड़े से पानी में एक चुटकी या आधा चम्मच चिरायता भिगोकर रख दें. सुबह उठकर इस पानी को खाली पेट छानकर पी लें.
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