आज के दौर में अगर किसी से पूछो कि सबसे ज्यादा डर किस बीमारी से लगता है, तो जवाब मिलता है दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक. पहले माना जाता था कि दिल की बीमारी सिर्फ बुजुर्गों को होती है, पर अब तो 25 30 साल के नौजवान भी इसके शिकार हो रहे हैं. भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का तनाव, उल्टा सीधा खानपान और नींद की कमी हमारे दिल को अंदर से खोखला कर रही है.
एलोपैथी दवाइयां इमरजेंसी में जान बचाती हैं, इसमें कोई शक नहीं है. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि नौबत अस्पताल तक पहुंचे ही ना, तो पुरानी यूनानी पैथी इसमें बहुत मदद कर सकती है. यूनानी चिकित्सा पद्धति सैकड़ों साल पुरानी है और इसका पूरा जोर इस बात पर होता है कि बीमारी की जड़ को खत्म किया जाए.
यूनानी नजरिए से दिल की सेहत
यूनानी डॉक्टरों के मुताबिक दिल शरीर का बादशाह अंग है. अगर दिल कमजोर होगा तो पूरे बदन में सुस्ती, घबराहट और कमजोरी महसूस होने लगेगी. यूनानी में दिल को ताकत देने वाली दवाओं को 'मुकव्वी ए कल्ब' कहा जाता है. ये दवाएं नसों में जमा गंदगी यानी प्लाक को साफ करती हैं और दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं.
अगर आप भी अपने दिल को हमेशा फिट रखना चाहते हैं, तो कुछ यूनानी नुस्खे आपके बहुत काम आ सकते हैं.
दिल को मजबूत बनाने वाले खास यूनानी नुस्खे
खमीरा आबरेशम और खमीरा मरवारीद : यूनानी में खमीरा बहुत मशहूर चीज है, जो चाशनी और खास जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाई जाती है. खमीरा आबरेशम हकीम अरशद वाला दिल की धड़कन तेज होने यानी पल्पिटेशन की समस्या में बहुत काम आता है. अगर आपको जरा सी बात पर घबराहट होती है या सीने में भारीपन लगता है, तो यह दिल को ठंडक और ताकत देता है.
खमीरा मरवारीद में असली मोती का भस्म मिला होता है, जो दिल की अंदरूनी कमजोरी को मिटाता है. इसे सुबह खाली पेट चांदी के वर्क के साथ या हल्के गर्म दूध से लिया जाता है.
अर्जुन की छाल का काढ़ा : यूं तो अर्जुन का नाम आयुर्वेद में बहुत आता है, लेकिन यूनानी हकीम भी इसके बड़े कायल हैं. अर्जुन की छाल दिल की धमनियों को लचीला बनाए रखती है. यह हाई ब्लड प्रेशर को धीरे धीरे सामान्य स्तर पर लाने में मदद करती है. आधा चम्मच अर्जुन की छाल का पाउडर एक कप पानी में उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर चाय की तरह पियें.
जवारिश शाही : अगर आपका पेट खराब रहता है और गैस सीधे सीने पर चढ़ती है, तो जवारिश शाही सबसे बेहतरीन दवा है. कई बार पेट की गैस के कारण सीने में इतना तेज दर्द होता है कि लगता है हार्ट अटैक आ गया. जवारिश शाही आंवला, हरड़ और गुलाब के फूलों से बनती है. यह हाजमा ठीक रखती है और दिल पर पड़ने वाले गैर जरूरी दबाव को कम करती है.
किचन में मौजूद यूनानी इलाज
आपको किसी बड़ी दुकान पर जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी, आपकी रसोई में ही कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें यूनानी में दिल का रक्षक माना गया है.
- लहसुन का जादू: रोज सुबह खाली पेट लहसुन की दो कलियां गुनगुने पानी के साथ निगल लें. लहसुन खून को पतला करता है और नसों में खराब कोलेस्ट्रोल को जमने से रोकता है.
- असली शहद और दालचीनी: आधा चम्मच शहद में एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाकर चाटने से नसों की रुकावट दूर होती है और सांस फूलने की समस्या में राहत मिलती है.
- अनार का ताजा रस: यूनानी ग्रंथों में अनार को दिल का सबसे अच्छा दोस्त कहा गया है. यह खून की नलियों में सूजन को कम करता है और नया खून बनाने में मदद करता है.
- सेब का मुरब्बा: सुबह सुबह खाली पेट चांदी के वर्क लगा एक सेब का मुरब्बा खाना दिल को बेइंतहा कुव्वत यानी ताकत देता है.
इन बातों का भी रखें खास खयाल
सिर्फ दवा खा लेने से दिल तंदुरुस्त नहीं रहता. आपको अपनी दिनचर्या में भी कुछ जरूरी बदलाव करने होंगे.
- नमक और तली भुनी चीजों से दूरी बनाएं. बाहर का समोसा, कचौड़ी और पैकेज्ड फूड दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है.
- रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें. यूनानी में इसे जिस्म की 'रियाजत' कहते हैं, जिससे खून का दौरा पूरे शरीर में सुधरता है.
- रात को देर तक जागने की आदत छोड़ें. कम से कम 7 से 8 घंटे की सुकून भरी नींद लें, ताकि दिल को आराम मिल सके.
- तनाव से बचें, क्योंकि जब आप गुस्सा या चिंता करते हैं तो दिल पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है.
ध्यान रहे
यूनानी दवाएं पूरी तरह प्राकृतिक होती हैं और इनके साइड इफेक्ट्स बहुत कम होते हैं. फिर भी हर इंसान का मिजाज अलग होता है- किसी का गर्म, तो किसी का ठंडा. इसलिए कोई भी खमीरा या नुस्खा लंबे समय तक शुरू करने से पहले किसी अच्छे हकीम या यूनानी डाक्टर से मशवरा जरूर ले लें.
अगर आप सीने में बाईं तरफ अचानक खिंचाव, बाएं हाथ में दर्द या जरूरत से ज्यादा पसीना महसूस करें, तो किसी घरेलू नुस्खे के भरोसे ना बैठें और तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाएं. सावधानी ही सबसे बड़ी हिफाजत है.
दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं ये यूनानी उपाय, लेकिन हार्ट अटैक के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें.
FAQ -
क्या यूनानी चिकित्सा हार्ट हेल्थ में मदद कर सकती है?
यूनानी चिकित्सा स्वस्थ जीवनशैली, खानपान और पारंपरिक उपचारों पर जोर देती है. किसी भी दवा या उपचार को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें.
दिल को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी आदत क्या है?
नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण.
हार्ट अटैक के चेतावनी संकेत क्या हैं?
सीने में दर्द, सांस फूलना, ज्यादा पसीना आना, बाएं हाथ या जबड़े में दर्द.
क्या सिर्फ घरेलू नुस्खों से हार्ट अटैक रोका जा सकता है?
नहीं, हार्ट अटैक एक गंभीर मेडिकल स्थिति है. इसके लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए.
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