आज के समय में त्योहार आते ही मार्केट में मिलने वाली मिठाइयों में मिलावट देखने को मिलती है. लेकिन त्योहारों के सीजन में मिलावटी मिठाइयों, खोया, पनीर और अन्य फूड की समस्या से आम जनता को राहत दिलाने के लिए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बेहद सख्त और अनूठा कदम उठाया है. महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंडे ने गुरुवार को एक नए सालभर चलने वाले सर्विलांस फ्रेमवर्क का ऐलान किया है, जो देश में अपनी तरह का पहला मामला है.
अब हर त्योहार के लिए अलग से आदेश जारी करने की कोई जरूरत नहीं होगी. FDA ने एक पूरा कैलेंडर तैयार किया है, जिसके तहत सभी धर्मों और क्षेत्रों के त्योहारों पर साल के 365 दिन निगरानी रखी जाएगी. तुकाराम मुंडे ने कहा कि त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से मिलावट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी एक्ट के तहत अब हाई-रिस्क फूड पर खास पाबंदियां लगाई जाएंगी.
दो कैटेगरी में बांटे गए सभी त्योहार-
प्रशासन ने खतरे की तीव्रता और संवेदनशीलता के आधार पर त्योहारों को दो कैटेगरी में बांटा है-
- पहली कैटेगरी- गणेशोत्सव, नवरात्रि, दिवाली, ईद, क्रिसमस और न्यू ईयर की पूर्व संध्या.
- दूसरी कैटेगरी- मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि, होली, गुड़ी पड़वा, आषाढ़ी वारी, कार्तिक वारी, सावन का महीना, जन्माष्टमी, कोजागिरी पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती.

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चार चरण में होगा सर्विलांस और एक्शन-
यह पूरी निगरानी प्रक्रिया चार कड़े स्टेप में पूरी की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न बचे-
- पहला चरण- मैपिंग, टीमों का गठन, उपलब्धता और लैब टेस्टिंग की व्यवस्था पहले से तय करना.
- दूसरा चरण- ट्रांसपोर्टेशन और ट्रैफिक रूट की औचक जांच.
- तीसरा चरण- मुख्य त्योहार के दिन जमीनी जांच.
- चौथा चरण- नियमों का उल्लंघन मिलने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई और केस दर्ज करना.
बिक्री से लेकर धार्मिक आयोजनों तक पैनी नजर-
त्योहारी सीजन में बिकने वाली खास चीजों जैसे रमजान और ईद के दौरान खान-पान, अक्षय तृतीया पर फलों को आर्टिफिशियल राइपनिंग, क्रिसमस पर बेकरी प्रोडक्ट, आइसक्रीम, पैकेज्ड वाटर और इंपोर्टेड सामानों की गहराई से जांच की जाएगी. इसके अलावा, बड़े पैमाने पर होने वाले धार्मिक आयोजनों जैसे 'भंडारा' और 'लंगर' में भी फूड सेफ्टी नियमों का पालना सुनिश्चित करने के लिए FDA की टीमें विशेष दौरे करेंगी.
तुकाराम मुंडे ने स्पष्ट किया कि भारत में इस तरह का सर्वसमावेशी और स्टैंडिंग ऑर्डर पहली बार जारी किया गया है, जो बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों और क्षेत्रों के लिए समान रूप से लागू होगा.
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