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Which one is Healthier: साबूदाना खिचड़ी या साबूदाना वड़ा, कौन है ज्यादा हेल्दी?

Sabudana Khichdi Vs Sabudana Vada: व्रत में कौन सा विकल्प ज्यादा हेल्दी है? जानिए किसमें ज्यादा कैलोरी होती है, वजन कंट्रोल के लिए क्या बेहतर है और कौन सा फूड ज्यादा देर तक पेट भरा रख सकता है.

Which one is Healthier: साबूदाना खिचड़ी या साबूदाना वड़ा, कौन है ज्यादा हेल्दी?
Vrat Food Comparison: साबूदाना खिचड़ी और वड़ा में कौन है ज्यादा हेल्दी?
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Sabudana Khichdi vs Sabudana Vada: साबूदाना व्रत के दौरान खाए जाने वाले सबसे पसंदीदा खाद्य पदार्थों में से एक है. इससे बनी खिचड़ी हो या कुरकुरी साबूदाना वड़ा, दोनों ही खाने में स्वादिष्ट लगते हैं और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करा सकते हैं. लेकिन अगर सवाल सेहत का हो तो दोनों में काफी अंतर है.

एक तरफ साबूदाना खिचड़ी कम तेल में बनाकर हल्की रखी जा सकती है, वहीं साबूदाना वड़ा डीप फ्राई होने के कारण ज्यादा कैलोरी और फैट वाला हो जाता है. ऐसे में वजन और सेहत का ध्यान रखने वालों के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है? आइए समझते हैं.

साबूदाना खिचड़ी बनाम साबूदाना वड़ा: न्यूट्रिशन तुलना (लगभग 1 सर्विंग): 

पोषक तत्व

साबूदाना खिचड़ी

(1 कटोरी)

साबूदाना वड़ा

(2 मध्यम वड़ा)

कैलोरी220-280 kcal350-450 kcal
कार्बोहाइड्रेट35-40 g35-40 g
प्रोटीन5-7 g4-6 g
फैट7-10 g18-25 g
फाइबर2-4 g1-3 g
सोडियमकममध्यम
पेट भरा रहने का एहसासअच्छाअच्छा
पाचनअपेक्षाकृत आसानअपेक्षाकृत भारी
वजन घटाने वालों के लिएबेहतर विकल्पसीमित मात्रा में

- नोट: पोषण मान रेसिपी, तेल और सामग्री की मात्रा के अनुसार बदल सकते हैं. यह एक अनुमानित तुलना है.

साबूदाना खिचड़ी और वड़ा में क्या है बेहतर?

साबूदाना खिचड़ी को अगर कम तेल या घी में बनाया जाए तो ये व्रत के दौरान एक अच्छा विकल्प हो सकती है. इसमें साबूदाने के साथ मूंगफली, जीरा, हरी मिर्च, करी पत्ता और अपनी पसंद की व्रत वाली सब्जियां डाली जा सकती हैं.

मूंगफली से इसमें प्रोटीन और हेल्दी फैट की मात्रा बढ़ती है. वहीं सब्जियां मिलाने से फाइबर और कुछ जरूरी विटामिन-मिनरल भी मिल जाते हैं.

कौन सा विकल्प बेहतर है?

साबूदाना खिचड़ीसाबूदाना वड़ा
कम तेल में बन सकती है.स्वाद ज्यादा.
कैलोरी कम होती है.कुरकुरा और पेट भरने वाला.
सब्जियां मिलाने से फाइबर बढ़ता है.डीप फ्राई होने से फैट और कैलोरी ज्यादा.
वजन कंट्रोल करने वालों के लिए बेहतर.ज्यादा खाने पर गैस, एसिडिटी और भारीपन हो सकता है.

साबूदाना खिचड़ी को हेल्दी क्यों माना जाता है?

साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट देता है, इसलिए इससे शरीर को जल्दी एनर्जी मिल सकती है. यही वजह है कि व्रत में लंबे समय तक भूखे रहने पर साबूदाना खिचड़ी शरीर को एनर्जी देने में मदद कर सकती है. हालांकि, इसे बहुत ज्यादा तेल, घी या मूंगफली डालकर खाने से इसकी कैलोरी भी बढ़ सकती है.

साबूदाना वड़ा में कैलोरी क्यों बढ़ जाती है?

साबूदाना वड़ा स्वाद में भले ही खिचड़ी से ज्यादा मजेदार लगे, लेकिन सेहत के मामले में ये थोड़ा पीछे रह जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है इसे डीप फ्राई करना. वड़ा तलते समय साबूदाना, मूंगफली और आलू के मिश्रण में काफी मात्रा में तेल शामिल हो जाता है. इससे इसकी कुल कैलोरी और फैट काफी बढ़ सकते हैं.

डीप फ्राई खाना कुछ लोगों को पचने में भारी भी लग सकता है. खासकर अगर व्रत के दौरान साबूदाना वड़ा ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो पेट भारी होने, गैस या एसिडिटी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. इसलिए इसे रोजाना या बड़ी मात्रा में खाने के बजाय सीमित मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है.

लक्ष्यबेहतर विकल्प
वजन घटाना✅ साबूदाना खिचड़ी
कम कैलोरी✅ साबूदाना खिचड़ी
कम फैट✅ साबूदाना खिचड़ी
स्वाद✅ साबूदाना वड़ा
कभी-कभार ट्रीट✅ साबूदाना वड़ा
रोजाना व्रत का भोजन✅ साबूदाना खिचड़ी

वजन कंट्रोल करना है तो कौन सा विकल्प चुनें?

अगर आपका फोकस वजन नियंत्रित रखने पर है तो साबूदाना खिचड़ी बेहतर विकल्प हो सकती है, लेकिन इसे बनाने का तरीका भी मायने रखता है. कम तेल में बनी खिचड़ी में मूंगफली की सीमित मात्रा और ज्यादा व्रत वाली सब्जियां शामिल की जा सकती हैं.

क्या एयर फ्रायर में बना साबूदाना वड़ा बेहतर हो सकता है?

इससे खाने में फाइबर बढ़ेगा और पेट भी ज्यादा देर तक भरा महसूस हो सकता है. वहीं साबूदाना वड़ा खाना हो तो उसे डीप फ्राई करने के बजाय एयर फ्रायर या कम तेल में तैयार करने का विकल्प अपनाया जा सकता है.

साबूदाना खिचड़ीसाबूदाना वड़ा
220-280 कैलोरी350-450 कैलोरी
कम तेलडीप फ्राई
बेहतर पाचनज्यादा फैट
वजन प्रबंधन के लिए बेहतरसीमित मात्रा में खाएं
 

खिचड़ी या वड़ा, किसे चुनें?

कुल मिलाकर, अगर दोनों में से एक चुनना हो तो साबूदाना खिचड़ी ज्यादा हेल्दी विकल्प बन सकती है. खासकर जब इसे कम तेल में और मूंगफली व सब्जियों के साथ बनाया जाए. साबूदाना वड़ा कभी-कभार स्वाद के लिए खाया जा सकता है. लेकिन डीप फ्राई होने के कारण इसे सीमित मात्रा में खाना बेहतर है. व्रत में भी सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि खाना कैसे बनाया गया है और कितनी मात्रा में खाया जा रहा है, ये आपकी सेहत के लिए ज्यादा मायने रखता है.

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Sabudana Khichdi Vs Vada, Healthy Fasting Food
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