आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली में साइकिल घोटाले का आरोप लगाकर शिक्षा मंत्री आशीष सूद का इस्तीफा मांगने साइकिल से विधानसभा पहुंचे. AAP विधायकों ने कहा कि भाजपा सरकार ने जो साइकिल 6957 रुपए में खरीदी है, हम वही साइकिल 4200 रुपए में खरीद कर विधानसभा पहुंचे हैं. पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज बाकी विधायकों के साथ साइकिल से विधानसभा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि स्कूली छात्राओं में बांटी गई साइकिलों में आशीष सूद के विभाग ने 90 करोड़ रुपए का घोटाला किया है. हमने जो साइकिलें खरीदी हैं और सरकार ने छात्राओं को जो साइकिलें दी हैं, दोनों ही बोनफायर मॉडल की है, लेकिन सरकार उस पर स्काइलर लिखकर दे रही है.
भारद्वाज ने कहा कि ये हीरो कंपनी की साइकिल हैं और बिल्कुल वैसी ही साइकिल हैं, जैसी दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद का विभाग स्कूल की लड़कियों को बांट रहा है. इन दोनों साइकिलों में सिर्फ दो ही फर्क हैं. पहला फर्क कीमत का है. हमने इन्हें एक रिटेलर से 4200 रुपए प्रति साइकिल खरीदा है, जबकि दिल्ली सरकार ने 1 लाख 30 हजार साइकिलें खरीदी हैं और प्रत्येक साइकिल के लिए 6957 रुपए दिए हैं. यानी दिल्ली सरकार ने एक साइकिल लगभग 3000 रुपए महंगी खरीदी है. दूसरा फर्क साइकिल के मॉडल का है. हमने जो साइकिल खरीदी हैं, उन पर बोनफायर मॉडल लिखा है. दिल्ली सरकार जो साइकिल दे रही है, वह भी बोनफायर ही है, बस उस पर स्काइलर लिखकर दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि हमने यह साइकिल 4200 रुपए में खरीदी है और दिल्ली सरकार ने बिल्कुल इसी तरह की साइकिल लगभग 7000 रुपए में खरीदी है. अगर एक साइकिल में 3000 रुपए का कमीशन खाया जा रहा है, तो सोचा जा सकता है कि यह कितनी बड़ी लूट होगी.
इस दौरान बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि हम सदन में भाजपा सरकार के एक और घोटाले यानी साइकिल घोटाले का पर्दाफाश करने आए हैं. जो साइकिल मैं बाजार से 4000 रुपए में लाया हूं, उसका टेंडर 7000 रुपए में दिखाकर 1 लाख 30 हजार साइकिलें खरीदी गई हैं. क्या सरकार और कंपनी के बीच मिलीभगत है. मंत्री आशीष सूद और उनके मंत्रालय ने मिलकर 90 करोड़ रुपए गटक लिए हैं. भाजपा लगातार दवा, साइकिल, चावल और चंदे की चोरी कर रही हैं.
वहीं, कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से धोखेबाज और भ्रष्ट सरकार है. उन्होंने एक्स पर कहा कि दिल्ली की जनता का सिर्फ़ एक सवाल है, जब वही साइकिल 4,200 रुपए में मिल रही थी, तो 1.30 लाख साइकिलों की खरीद के लिए 6,957 रुपए प्रति साइकिल क्यों चुकाए गए. यानी करीब 3,000 रुपए प्रति साइकिल का घपला हुआ. आखिर ये पैसा किसकी जेब में गया?

उधर, तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि जो साइकिल बाजार में आसानी से 4000 रुपए में मिल जाती है, वह साइकिल रेखा गुप्ता की सरकार में 7000 रुपए में खरीदी जाती है. सरकार ने 1 लाख 30 हजार साइकिलें 3000 रुपए महंगी खरीदी हैं. भाजपा की यह सरकार जो दवा, अस्पताल के बेड, बेडशीट और यहां तक कि कफन में भी घोटाले करती है, उसने अब बच्चियों की साइकिलों में भी घोटाला किया है. सरकार को इस पर शर्म आनी चाहिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं