दूध हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा है, लेकिन कई लोगों को लैक्टोज या डेयरी प्रोडक्ट्स पचने में दिक्कत होती है. ऐसे में अक्सर डॉक्टर दूध पीने से मना कर देते हैं. अगर आपके साथ या आपके किसी अपने के साथ भी ऐसा ही है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको एक ऐसा शानदार और बेहद सस्ता तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आप सिर्फ शुद्ध और हेल्दी दूध घर पर ही तैयार कर सकते हैं. इस रेसिपी को यू्ट्यूब चैनल (@MaaYehKaiseKarun) पर शेयर किया गया है. यह दूध गाय के दूध से भी ज्यादा कैल्शियम और आयरन से भरपूर है. आइए जानते हैं इसे बनाने का पूरा तरीका.
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क्यों खास है रागी का दूध?
रागी को कई जगहों पर नाचनी या मंडुआ के नाम से भी जाना जाता है. रागी के फायदों के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा, जैसे इसकी रोटियां या डोसा खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है. लेकिन क्या आपने कभी रागी के दूध के बारे में सुना है? यह एक पूरी तरह से प्लांट-बेस्ड दूध है जो ग्लूटेन-फ्री और लैक्टोज-फ्री होता है. इसके अलावा, डायबिटीज के मरीज, हार्ट पेशेंट्स और वजन कम करने की सोच रहे लोगों के लिए यह दूध बेहद फायदेमंद माना जाता है. रागी को न्यूट्रिशन का पावरहाउस माना जाता है. जब आप इसका दूध निकालते हैं, तो इसके सारे जरूरी तत्व तरल रूप में आसानी से पचने लायक बन जाते हैं.
कैल्शियम का खजाना: शाकाहारी खाने में रागी को कैल्शियम का सबसे बेहतरीन स्त्रोत माना गया है. यह हड्डियों और दातों को मजबूत रखने के लिए बहुत जरूरी है.
भरपूर आयरन: जिन लोगों में हीमोग्लोबिन कम रहता है या कमजोरी महसूस होती है, उनके लिए इसका आयरन खून की कमी को दूर करने में मददगार साबित होता है.
पेट साफ रखने वाला फाइबर: रागी में घुलनशील फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो आंतों को साफ रखता है और कब्ज की शिकायत नहीं होने देता.
ग्लूटेन-फ्री और लैक्टोज-फ्री: जिन्हें गेहूं से एलर्जी है या जो डेयरी उत्पाद नहीं पचा पाते, उनके लिए यह ड्रिंक एकदम सुरक्षित मानी जाती है.
रागी मिल्क के 5 बड़े फायदे |
|---|
| कैल्शियम से भरपूर |
| आयरन का अच्छा स्रोत |
| लैक्टोज फ्री |
| वेट लॉस फ्रेंडली |
| प्लांट बेस्ड ड्रिंक |
घर पर रागी का दूध बनाने की आसान विधि-
- सबसे पहले आप आधा कटोरी रागी ले लें. रागी के दाने बहुत छोटे और राई जैसे होते हैं.
- इसे किसी बारीक छन्नी में डालकर अच्छे से धो लें ताकि सारा कचरा निकल जाए.
- इसके बाद इसे कम से कम 8 घंटे या पूरी रात के लिए पानी में भिगोकर रख दें.
- अनाज को जितना ज्यादा भिगोएंगे, उसका फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा.
- अब भीगी हुई रागी को मिक्सी के बड़े जार में डाल लें. इसके स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए आप इसमें दो हरी इलायची या नारियल के छोटे टुकड़े भी मिला सकते हैं.
- अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए इसे मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें.
- पीसने के बाद रागी के छिलके और दूध अलग हो जाएंगे. अब एक साफ कपड़े या छन्नी की मदद से इस मिश्रण को छान लें.
- आपका गाढ़ा और शुद्ध रागी का दूध तैयार है. जरूरत के हिसाब से इसमें पानी मिलाकर इसकी मात्रा 1 लीटर तक कर सकते हैं.
रागी के दूध से क्या-क्या बना सकते हैं?
- हेल्दी स्मूदी- अगर आप वजन घटाना चाहते हैं या जिम जाते हैं, तो इस दूध में केला, सेब और थोड़े से ड्राई फ्रूट्स डालकर मिक्सी में चला लें. बिना चीनी के भी यह स्मूदी बहुत स्वादिष्ट लगती है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती.
- कोल्ड कॉफी- युवाओं को कैफे वाली कॉफी बहुत पसंद आती है. आप इस रागी के दूध में थोड़ी कॉफी और बर्फ मिलाकर शानदार कोल्ड कॉफी घर पर ही बना सकते हैं.
- चाय या दलिया- बुजुर्गों के लिए आप इस दूध से नॉर्मल चाय बना सकते हैं या गरमा-गरम दलिये में इस दूध को मिलाकर दे सकते हैं. गर्मियों में इससे मैंगो शेक या स्ट्रॉबेरी शेक भी बनाया जा सकता है.
क्या डायबिटीज के मरीज पी सकते हैं रागी मिल्क?
शुगर के मरीजों के मन में हमेशा यह डर रहता है कि कहीं किसी नई चीज से उनका ब्लड शुगर लेवल न बढ़ जाए. रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लो से मीडियम कैटेगरी में आता है. इसका मतलब यह है कि इसे पीने के बाद खून में ग्लूकोज एकदम से तेजी से नहीं बढ़ता.
अगर डायबिटीज के मरीज घर पर बिना चीनी या गुड़ मिलाए ताजा रागी का दूध तैयार करें, तो यह उनकी डाइट के लिए बहुत बढ़िया साबित हो सकता है. इसमें मौजूद फाइबर खाने के पाचन को धीमा करता है, जिससे शुगर स्पाइक का खतरा कम रहता है. फिर भी अगर आपकी शुगर बहुत ज्यादा अनकंट्रोल रहती है, तो इसे रोजमर्रा की आदत बनाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से राय जरूर ले लें.
रागी का दूध और गाय का दूध: दोनों में क्या फर्क है?
बहुत से लोगों को लगता है कि रागी का दूध गाय के दूध की पूरी तरह नकल है, जबकि ऐसा नहीं है. दोनों की अपनी-अपनी खूबियां हैं. गाय का दूध जानवरों से मिलता है और इसमें नेचुरल लैक्टोज और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है. रागी का दूध पूरी तरह पेड़ों और पौधों से मिलने वाला यानी प्लांट-बेस्ड ड्रिंक है, जिसमें फैट कम और फाइबर ज्यादा होता है. अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर है और दूध पीते ही दस्त या ब्लोटिंग हो जाती है, तो रागी मिल्क आपके लिए गाय के दूध से कहीं हल्का और बेहतर विकल्प साबित होता है.
रागी मिल्क किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है?
यह देसी ड्रिंक हर उम्र के व्यक्ति के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, लेकिन कुछ खास लोगों को इससे सबसे ज्यादा फायदा पहुंचता है.
लैक्टोज इंटॉलरेंस वाले लोग: जिन्हें सादा दूध पीने के बाद पेट फूलने या बदहजमी की परेशानी होती है, वे बिना किसी डर के इसका आनंद ले सकते हैं.
वेट लॉस डाइट फॉलो करने वाले लोग: रागी का फाइबर पेट को घंटों तक भरा रखता है. इसे पीने के बाद बार-बार भूख नहीं लगती, जिससे वजन घटाने में बहुत मदद मिलती है.
कैल्शियम की कमी से जूझ रहे लोग: बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द या कमजोर हड्डियों से परेशान महिलाओं और पुरुषों के लिए यह बहुत फायदेमंद है.
प्लांट-बेस्ड डाइट लेने वाले लोग: जो लोग वीगन लाइफस्टाइल अपना रहे हैं और बाजार के महंगे पैकेट वाले दूध से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह एकदम सस्ता और घर का बना उपाय है.
बच्चे और बुजुर्ग: शरीर को अंदरूनी ताकत देने के लिए यह बहुत असरदार है, हालांकि बच्चों को इसे नियमित देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
रागी का दूध पीने का सही समय क्या है?
इस पौष्टिक ड्रिंक का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे सही समय पर पीना चाहिए.
सुबह नाश्ते के वक्त: अगर आप सुबह चाय-कॉफी की जगह एक गिलास रागी का दूध पीते हैं, तो यह आपको दोपहर तक भरपूर एनर्जी देता है और सुस्ती भगाता है.
वर्कआउट के बाद: जिम या कसरत के बाद शरीर को रिहाइड्रेट करने और जरूरी मिनरल्स देने के लिए यह बहुत अच्छा पोस्ट-वर्कआउट ड्रिंक है.
शाम की हल्की भूख में: शाम 4 से 5 बजे के बीच जब समोसे या बिस्कुट खाने का मन करता है, तब एक कप गुनगुना रागी मिल्क पीना सबसे सेहतमंद आदत है.
इसे घर पर बनाना भी बहुत आसान है. साबुत रागी को रातभर पानी में भिगो दें, सुबह थोड़े पानी के साथ मिक्सी में बारीक पीस लें और फिर किसी पतले सूती कपड़े से छान लें. जो सफेद गाढ़ा रस निकलेगा, वही आपका शुद्ध रागी का दूध है. इसे हल्का गुनगुना करके या इलायची पाउडर डालकर ताजा ही पिएं.
FAQs
1: रागी का दूध कैसे बनाते हैं?
जवाब: रागी का दूध बनाने के लिए रागी के दानों को 8 घंटे या रातभर भिगो दें. इसके बाद इन्हें पानी के साथ पीसकर छान लें. तैयार मिश्रण में जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर रागी मिल्क तैयार किया जा सकता है.
2: क्या रागी मिल्क डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा है?
जवाब: बिना चीनी मिलाया गया रागी मिल्क फाइबर युक्त विकल्प हो सकता है. हालांकि डायबिटीज मरीजों को इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए.
3: क्या रागी मिल्क में कैल्शियम होता है?
जवाब: हां, रागी कैल्शियम का अच्छा स्रोत मानी जाती है. इसी वजह से रागी मिल्क को हड्डियों और दांतों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.
4: क्या लैक्टोज इंटॉलरेंस वाले लोग रागी मिल्क पी सकते हैं?
जवाब: रागी मिल्क एक प्लांट-बेस्ड और लैक्टोज-फ्री ड्रिंक है, इसलिए लैक्टोज इंटॉलरेंस वाले लोग इसे दूध के विकल्प के रूप में आजमा सकते हैं.
5: रागी मिल्क कब पीना चाहिए?
जवाब: रागी मिल्क को सुबह नाश्ते के साथ, वर्कआउट के बाद या शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में पिया जा सकता है. इसे बिना अतिरिक्त चीनी के पीना अधिक बेहतर माना जाता है.
6: क्या रागी मिल्क वजन घटाने में मदद कर सकता है?
जवाब: रागी में फाइबर पाया जाता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है. इसी कारण इसे वेट लॉस डाइट में शामिल किया जाता है, हालांकि केवल रागी मिल्क पीने से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती.
7: रागी मिल्क और गाय के दूध में कौन ज्यादा हेल्दी है?
जवाब: दोनों के पोषण गुण अलग-अलग हैं. रागी मिल्क लैक्टोज-फ्री और प्लांट-बेस्ड विकल्प है, जबकि गाय के दूध में प्राकृतिक रूप से अधिक प्रोटीन पाया जाता है. व्यक्ति अपनी जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इनमें से किसी एक का चुनाव कर सकता है.
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