Fruit Juice For Mental Health : क्या रोज एक गिलास फ्रूट जूस आपके मूड को बेहतर बना सकता है? ब्रिटेन की एक स्टडी में 100% फ्रूट जूस या स्मूदी पीने वाले लोगों में डिप्रेशन के लक्षणों में कुछ कमी देखी गई. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस नतीजे को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता, लेकिन यह जरूर संकेत मिलता है कि फल और सब्जियों से भरपूर डाइट मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डाल सकती है.
रोजाना जूस पीने वालों में दिखा बदलाव
रिसर्च में शामिल वालंटियर्स को तीन ग्रुप्स में बांटा गया था. एक ग्रुप को सामान्य डाइट जारी रखने के लिए कहा गया, जबकि दूसरे ग्रुप को रोजाना 5 पोर्शन फल और सब्जियां खाने के लिए कहा गया. तीसरे ग्रुप को भी '5-a-day' लक्ष्य पूरा करने के लिए कहा गया, लेकिन इसके साथ रोज एक गिलास 100% फ्रूट जूस या स्मूदी भी दी गई. चार हफ्ते बाद जूस और स्मूदी पीने वाले लोगों में डिप्रेशन के लक्षणों का स्कोर दूसरे ग्रुप के मुकाबले 2.52 पॉइंट कम रहा.
क्या है '5-a-day' लक्ष्य
'5-a-day' कैंपेन, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की सलाह पर आधारित एक ग्लोबल हेल्थ गाइड है. यह दिल की बीमारी, स्ट्रोक और कैंसर के जोखिम को कम करने के साथ-साथ रोजाना फाइबर, विटामिन और मिनरल का सेवन बढ़ाने के लिए हर दिन कम से कम 80-80 ग्राम फल और सब्जियां खाने की सलाह देता है.
स्टडी की मुख्य बातें:
- 42 लोगों पर रिसर्च की गई
- स्टडी 4 हफ्ते चली
- रोज 100% फ्रूट जूस या स्मूदी दी गई
- डिप्रेशन स्कोर में 2.52 पॉइंट की कमी दिखी
- बड़े स्तर पर और रिसर्च की जरूरत
स्टडी के बारे में
यह स्टडी सिर्फ 42 वालंटियर्स पर की गई और इसका पीरियड भी 4 हफ्ते था. इसलिए इसके नतीजों को यह साबित करने वाला प्रूफ नहीं माना जा सकता कि फ्रूट जूस सीधे तौर पर डिप्रेशन का इलाज करता है या नहीं. रिसर्चर्स ने वालंटियर्स के मूड को मापने के लिए कुछ वैलिड सवाल पूछे. इनमें डिप्रेशन के लिए PHQ-9 और एंग्जायटी के लिए GAD-7 शामिल थे. रिसर्च में दोनों डाइट-इंटरवेंशन ग्रुप्स के फाइबर सेवन में भी अनुमानित 8 से 10 ग्राम प्रतिदिन की बढ़ोतरी देखी गई.
सिर्फ जूस नहीं, पूरी डाइट का भी है महत्व
रिसर्चर्स ने इस बात पर जोर दिया कि फल और सब्जियां खाना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. 5-a-day लक्ष्य पूरा करने में फ्रूट जूस या स्मूदी कुछ लोगों के लिए आसान ऑप्शन हो सकता है, खासकर तब जब ताजे फल और सब्जियां खरीदना या रेग्युलरली खाना मुश्किल हो. हालांकि, पूरे फल और सब्जियां फाइबर सहित कई पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं. इसलिए जूस को पूरी डाइट का ऑप्शन नहीं माना जाना चाहिए.
एक्सपर्ट ने बताया क्यों अहम हैं नतीजे
रिसर्चर्स के अनुसार, जूस और स्मूदी वाले ग्रुप के डिप्रेशन स्कोर में आई कमी एक अच्छी बात है, लेकिन इसे समझने के लिए बड़े और लंबे समय तक चलने वाली स्टडीज की जरूरत है. स्टडी के परिणाम यह संकेत देते हैं कि डाइट में छोटे बदलाव मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कुछ पहलुओं पर अच्छा असर डाल सकते हैं. हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को लगातार उदासी, एंग्जायटी या डिप्रेशन के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो केवल डाइट पर निर्भर रहने के बजाय योग्य हेल्थ एक्सपर्ट्स से सलाह लेना जरूरी है.
FAQ
क्या फ्रूट जूस डिप्रेशन का इलाज कर सकता है?
नहीं. इस स्टडी में सिर्फ डिप्रेशन के कुछ लक्षणों में कमी देखी गई. इसे इलाज नहीं माना जा सकता.
क्या स्मूदी और फ्रूट जूस मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं?
कुछ रिसर्च बताती हैं कि फल और सब्जियों से भरपूर डाइट मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है.
5-a-day क्या है?
यह रोज कम से कम 5 सर्विंग फल और सब्जियां खाने की सलाह देने वाला हेल्थ गाइड है.
क्या पूरे फल जूस से बेहतर हैं?
पूरे फलों में फाइबर अधिक होता है, इसलिए अधिकांश मामलों में पूरे फल बेहतर विकल्प माने जाते हैं.
मूड बेहतर रखने के लिए डाइट में क्या शामिल करें?
फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर संतुलित आहार मददगार हो सकता है.
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