नवरात्रि के इस पावन पर्व पर कई लोग 9 दिनों का उपवास रखते हैं. उपवास के दौरान हम में से कई लोग फल, साबूदाना, आलू और दूध जैसी चीजें खाकर दिनभर एनर्जी बनाए रखने की कोशिश करते हैं. फिर भी कई लोगों को व्रत के दौरान थकान, चक्कर, शरीर में कमजोरी और सुस्ती महसूस होती है. ऐसे में अक्सर मन में यही सवाल उठता है कि जब पेट भरकर फल और साबूदाना खा रहे हैं, तो कमजोरी क्यों हो रही है? इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर को पर्याप्त और बैलेंस पोषण न मिल पाना है. यहां जानते हैं नवरात्रि के व्रत में फल और साबूदाना जैसी चीजें खाकर भी कमजोरी क्यों महसूस होती है?
सिर्फ कार्ब्स खाने से नहीं मिलती एनर्जी
डाइट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी कुमारी का कहना है कि साबूदाना और आलू में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होता है. ये शरीर को तुरंत ऊर्जा तो देते हैं, लेकिन यह ऊर्जा ज्यादा देर तक नहीं टिकती. कुछ समय बाद ब्लड शुगर तेजी से नीचे आने लगती है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. यदि व्रत में केवल साबूदाना खिचड़ी, आलू या मीठे फल ही खाए जाएं, तो शरीर को जरूरी प्रोटीन और हेल्दी फैट नहीं मिल पाता.
प्रोटीन की कमी भी बनती है कारण
डायटीशियन का कहना है कि व्रत के दौरान लोग अक्सर सामान्य भोजन छोड़ देते हैं, जिससे प्रोटीन का सेवन काफी कम हो जाता है. प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए जरूरी होता है. यदि व्रत में दही, दूध, पनीर, मखाना और मूंगफली जैसी चीजें शामिल नहीं की जातीं, तो कमजोरी बढ़ सकती है.
शरीर में पानी की कमी बढ़ाती है थकान
कई लोग व्रत में कम पानी पीते हैं. शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने पर सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर अगर मौसम गर्म हो या व्यक्ति ज्यादा शारीरिक काम करता हो तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है.
लंबे गैप से भी पड़ता है असर
सुबह कुछ खाकर पूरे दिन भूखे रहना भी कमजोरी की एक वजह हो सकती है. लंबे समय तक भोजन न मिलने से शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है. इसलिए व्रत के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर में फल, नारियल पानी, छाछ या मखाने जैसी चीजें लेते रहना फायदेमंद हो सकता है.
कैसे रखें व्रत के दौरान खुद को ऊर्जावान?
विशेषज्ञों के अनुसार व्रत में साबूदाना, फल और आलू के साथ दूध, दही, पनीर, मखाना, मूंगफली और ड्राई फ्रूट्स भी शामिल करने चाहिए. दिनभर पर्याप्त पानी पीना और बहुत अधिक मीठी चीजों से बचना भी जरूरी है. संतुलित आहार लेने से व्रत के दौरान शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और कमजोरी की समस्या कम हो सकती है.
व्रत के समय कमजोरी का कारण सिर्फ कम खाना नहीं, बल्कि सही पोषण की कमी भी हो सकती है. इसलिए केवल फल और साबूदाने पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित फास्टिंग डाइट अपनाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.
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