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This Article is From Oct 09, 2025

दीपावली में गमले पर क्यों डाला जाता है धनिया, जानिए आपकी सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद

बीज बोना, विशेषकर शुभ मुहूर्त में, जीवन में नई शुरुआत और निरंतरता का प्रतीक है. दिवाली की रात देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के बाद गमले में धनिया डालना एक प्रतीकात्मक कर्म है.

दीपावली में गमले पर क्यों डाला जाता है धनिया, जानिए आपकी सेहत के लिए कैसे है फायदेमंद
Dhania Benefits: हरा धनिया सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है.

दीपावली की रात जब जलते दीप अंधकार मिटाते हैं तो ठीक उसी समय कुछ घरों में एक और परंपरा निभाई जाती है. मिट्टी के गमले में धनिया के बीज डाले जाते हैं. देखने में साधारण लगने वाली यह रस्म वास्तव में समृद्धि से जुड़ी एक गहरी परंपरा है. धनिया शब्द ही संस्कृत के ‘धान्यकम्' से बना है. जिसका अर्थ ही है अनाज या फसल. चिकित्सा ग्रंथों में इसे अन्न, औषधि और शुभता का प्रतीक माना गया है. धनतेरस के दिन जब लोग नया बर्तन, सोना या झाडू खरीदते हैं, उसी दिन धनिया दाना भी खरीदा जाता है. कहा जाता है जैसे धनिया अंकुरित होता है, वैसे ही घर में धन और सौभाग्य बढ़ता है.

बीज बोना, विशेषकर शुभ मुहूर्त में, जीवन में नई शुरुआत और निरंतरता का प्रतीक है. दिवाली की रात देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के बाद गमले में धनिया डालना एक प्रतीकात्मक कर्म है. मिट्टी धरती मां का प्रतीक है तो बीज संभावना का और अंकुरण उन्नति और शुभ फल का संकेत देता है. इस कर्म को करने से व्यक्ति अपने घर में अन्न, धन और स्वास्थ्य की निरंतरता की कामना करता है. लोकश्रुति के अनुसार जो व्यक्ति दीवाली की रात गमले में धनिया डालकर अगले सुबह जल अर्पित करता है, उसके घर “धन की धारा” बनी रहती है.

यह परंपरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी सुंदर है. धनिया एक औषधीय पौधा है. यह हवा शुद्ध करता है, शरीर को ठंडक देता है और भोजन का स्वाद बढ़ाता है. मौसम तेजी से बदल रहा है. बदलाव का असर हमारे पाचनतंत्र पर पड़ता है और ऐसे वक्त में ही धनिया की कीमत का अंदाजा लगाया जाता है. धनिया प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी) को मजबूत करने, मौसमी बीमारियों से बचाव , पाचन को बेहतर बनाने और त्वचा के लिए लाभकारी होता है. इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल फेंकते है.

धनिया का पानी कैसे बनता है और इसके फायदे

धनिया का पानी बनाने का तरीका | How To Make Coriander Water

  • एक गिलास पानी में 1-2 चम्मच धनिया के बीज डालें.
  • इसे रातभर के लिए भिगोकर रख दें.
  • सुबह इसे छानकर खाली पेट पी लें.

ध्यान देने योग्य बातें

  • धनिया का पानी प्राकृतिक और सुरक्षित है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन न करें.
  • गर्भवती महिलाओं और किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति इसे पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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