आजकल बहुत से लोग हाथ-पैरों के दर्द, जोड़ों की अकड़न, थकान और पैरों में झनझनाहट जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं. ऐसे में हर कोई ऐसे नुस्खों की तलाश करता है, जिससे इन परेशानियों को झट से दूर किया जा सके. यूट्यूब पर एक वीडियो में डॉक्टर सलीम नाम के क्रिएटर ने ऐसी परेशानी को दूर करने का एक आसान सा घरेलू नुस्खा बताया है, जिसे नियमित रूप से पीने से नसों की कमजोरी, जोड़ों के दर्द और शरीर की थकान में राहत मिलने का दावा किया गया है. अच्छी बात ये है कि ये नुस्खा किचन में आसानी से मिलने वाले तीन मसालों से तैयार होता है.
क्यों होती हैं नसों की कमजोरी और दर्द?
वीडियो में डॉ. सलीम का कहना है कि नसों की कमजोरी या ब्लॉकेज के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, शरीर में अतिरिक्त फैट, इंफेक्शन, हार्मोनल असंतुलन और किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं. इन कारणों से नसें कमजोर हो सकती हैं, जिससे दर्द, थकान, झनझनाहट और शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है.
कैसे तैयार करें ये ड्रिंक?
इस घरेलू ड्रिंक को बनाने के लिए एक गिलास पानी लें और उसे उबालने के लिए रख दें. जब पानी उबलने लगे तो उसमें दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा, एक बड़ी इलायची और दो कुटी हुई लौंग डाल दें. इन तीनों चीजों को 2 से 3 मिनट तक अच्छे से उबलने दें ताकि इनके गुण पानी में घुल जाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और पानी को हल्का ठंडा होने दें. अगर आपको मीठा पसंद है तो इसमें थोड़ा शहद या गुड़ मिला सकते हैं. हालांकि डायबिटीज के मरीजों को इसे बिना मीठा मिलाए ही पीने की सलाह दी गई है.
इस ड्रिंक को पीने का सही तरीका क्या है?
बताया गया है कि इस ड्रिंक को रात में डिनर के करीब आधे घंटे बाद पीना चाहिए. लगातार 14 से 15 दिन तक इसका सेवन करने पर शरीर में ऊर्जा बढ़ने, जोड़ों के दर्द में राहत मिलने और नसों की सेहत बेहतर होने का दावा किया गया है.
असर बढ़ाने के लिए करें यह काम
वीडियो में एक अतिरिक्त टिप भी दी गई है. ड्रिंक पीने के लगभग 15 मिनट बाद एक छोटा चम्मच सौंफ चबाकर खाने की सलाह दी गई है. इसके बारे में कहा गया है कि यह पाचन को बेहतर बनाती है और मसालों के गुणों को शरीर में बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद कर सकती है.
इन चीजों को भी डाइट में करें शामिल
नसों और जोड़ों की सेहत के लिए अलसी के बीज और चिया सीड्स को भी फायदेमंद बताया गया है. अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जबकि चिया सीड्स में आयरन, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं. इन्हें नियमित डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर को अतिरिक्त पोषण मिल सकता है.
Note: ये जानकारी वीडियो में किए गए दावों पर आधारित है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दवा में बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
ये भी पढ़ें - नसों में गैस क्यों बनती है? क्या पेट की गैस बन सकती है नसों में दर्द की वजह? जानिए इसके 5 मुख्य कारण और समाधान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं