हमारे देश में न सिर्फ राज्य में बल्कि मौसम के आधार पर भी खानपान में बदलाव देखने को मिलता है. इन बदलावों में अक्सर आपने बड़े-बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा कि भादो माह में दही नहीं खाना चाहिए. हम में से कई लोग इसे सिर्फ एक धार्मिक मान्यता समझते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि न सिर्फ बड़े-बुजुर्ग बल्कि आयुर्वेद में भी भादो माह, जो इस साल 29 अगस्त 2026 से शुरू हो चुका है और ये 26 सितंबर 2026 तक रहेगा के बीच दही नहीं खाना चाहिए. यहां जानते हैं आखिर भादो माह दही का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए?
दही खाने से क्या समस्या हो सकती है?
सिरसा स्थित रामहंस चैरिटैबल हॉस्पिटल के आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि आयुर्वेद में दही को गुरु यानी भारी और कफ बढ़ाने वाला भोजन माना गया है. भादो माह में मौसम में काफी ज्यादा नमी होने लगती है, जिसकी वजह से कफ बढ़ने लगता है. ऐसे में दही का सेवन करने से कफ और भई बढ़ सकता है. ऐसे में सर्दी, खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी परेशानी बढ़ने की आशंका होती है. इसलिए आयुर्वेद में भादो माह में दही न खाने की सलाह दी जाती है.

इसके साथ ही साइंस ये मानता है कि बारिश के दिनों में मौसम में काफी ज्यादा नमी होती है, जिसकी वजह से बैक्टीरया तेजी से पनपने लगते हैं. ऐसे में लंबे समय तक खुले में रखी गई दही में बैक्टीरिया काफी ज्यादा बढ़ सकते हैं, जो पेट संबंधी परेशानियां जैसे- अपच, गैस, पेट फूलने की परेशानी को बढ़ा सकते हैं. इसलिए दही न खाने की सलाह दी जाती है.
क्या भादो में दही बिल्कुल नहीं खाना चाहिए?
अब सवाल ये उठता है कि क्या भादो में बिल्कुल भी दही का सेवन नहीं करना चाहिए? तो आपको बता दें कि ऐसा कुछ भी नहीं है. आप कुछ बातों को ध्यान में रखकर दही का सेवन कर सकते हैं.
भादो में कैसे खा सकते हैं दही?
- अगर आप भादो में भी दही खाना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि हमेशा फ्रेश दही का ही सेवन करें.
- लंबे समय तक बाहर रखी गई दही का सेवन न करें.
- दही जमते ही इसे फ्रिज में रख दें.
- 2 से 3 दिन से अधिक पुरानी दही का सेवन बिल्कुल भी न करें.
ये भी पढ़ें - भादो माह में क्या नहीं खाना चाहिए? जाने 8 चीजें, जिनके खाने से पड़ सकते हैं बीमार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं