- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत गरीब और कम आय वाले परिवारों को किफायती किराया आवास उपलब्ध कराया जाएगा.
- योजना विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों, दैनिक वेतन भोगियों और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित घर मुहैया कराएगी.
- आवासीय परिसरों में जलापूर्ति, सीवेज, पक्की सड़कें, स्ट्रीट लाइट, स्वास्थ्य केंद्र व क्रेच जैसी सुविधाएं होंगी.
Pradhan Mantri Awas Yojana Yrbana : प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत मोदी सरकार शहरों में रहने वाले गरीब और कम आय वाले परिवारों को ध्यान में रखते हुए किफायती किराया आवास योजना पर तेजी से काम कर रही है. इस योजना का मकसद उन लोगों को बेहतर जीवन शैली और सुरक्षित ठिकाना देना है, जो काम की तलाश में बड़े शहरों में आते हैं, लेकिन भारी किराए या आर्थिक तंगी के कारण पक्के मकानों में नहीं रह पाते हैं.
यह योजना विशेष रूप से उन प्रवासियों और दैनिक वेतन भोगियों के लिए बनाई गई है, जो शहरों की आर्थिक गतिविधियों में अहम योगदान देते हैं, लेकिन कम आय होने की वजह से सुरक्षित मकान किराए पर नहीं ले पाते हैं.
इन्हें मिलेगा योजना का फायदा
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और कम आय वर्ग के परिवार.
रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों, शहरों या गांवों से आए लोग.
औद्योगिक क्षेत्रों और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले मजदूर.
स्ट्रीट वेंडर्स यानी रेहड़ी पटरी वाले, ऑटो-रिक्शा चालक और घरेलू सहायक .
शहरों में नौकरी या छोटा-मोटा व्यवसाय करने वाली महिलाएं और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी.
योजना के लिए पात्रता की शर्तें
- आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए.
- आवेदक के पास वैध आधार कार्ड होना आवश्यक है.
- पिछले 20 वर्षों में आवेदक के परिवार ने केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना का लाभ न उठाया हो.
इन आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
सरकार सिर्फ कमरे ही किराए पर नहीं देगी, बल्कि इन आवासीय परिसरों में दैनिक जीवन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा भी विकसित करेगी. इसके तहत इन आवासीय परिसरों में 24 घंटे जलापूर्ति, सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम के अलावा स्वच्छ वातावरण का भी पूरा इंतजाम करेगी. इसके अलावा, पक्की सड़कें, स्ट्रीट लाइट, कम्युनिटी सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कामकाजी माताओं के लिए क्रेच. साथ ही दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने के लिए परिसर के भीतर ही छोटी दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों का प्रावधान होगा.
यह भी पढ़ें- बिना कार्ड के भी मिलेगा सरकारी राशन; जानें आधार बायोमीट्रिक से अनाज लेने का नियम
पीपीपी मॉडल्स के तहत होगा निर्माण
किफायती किराया आवास योजना को दो प्रमुख तरीकों से अमली जामा पहनाया जाएगा. इनमें पहला है सरकार की ओर से पहले से बनाए गए और खाली पड़े सरकारी मकानों को सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए एआरएच में परिवर्तित करना. वहीं, दूसरा तरीका होगा, निजी या सार्वजनिक संस्थाओं की ओर से अपनी जमीन पर किराए के मकानों का निर्माण, संचालन और रखरखाव करना.
यह भी पढ़ें- लाडली बहनों के खाते में इस दिन आएंगे 1500 रुपये, लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं