हरीश दुलानी ने कहा: सलमान ने दो फायर कर चिंकारे को मारा, गला भी रेता। 10 खास बातें...

हरीश दुलानी ने कहा: सलमान ने दो फायर कर चिंकारे को मारा, गला भी रेता। 10 खास बातें...

नई दिल्‍ली: 1998 काला चिंकारा मामले में फरार एकमात्र चश्‍मदीद गवाह हरीश दुलानी पहली बार सामने आया है। उसने NDTV से बातचीत करते हुए बताया है कि 1998 में काले चिंकारे के शिकार वाले दिन वह सलमान खान की गाड़ी चला रहा था।

गवाह हरीश दुलानी द्वारा बताई गई 10 खास बातें...

  1. 1998 में काला चिंकारा मामले का अहम गवाह हरीश दुलानी पहली बार सामने आया है। वह 2002 से फरार बताया जा रहा था। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या वह इंडिया से बाहर चले गए थे, तो दुलानी ने कहा कि वह गायब नहीं हुए थे, भारत में ही थे।

  2. सलमान और उनके साथियों ने 26 ओर 28 सितंबर, 1998 को जोधपुर के घोड़ा फॉर्म और फवाद इलाके में शिकार किया।

  3. उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन वह खुद गाड़ी चला रहे थे। सलमान ने काला चिंकारा देखकर बंदूक निकाली।

  4. सलमान ने पहला फायर किया, लेकिन वह (चिंकारा) बच गया। उसके बाद उन्‍होंने दूसरा फायर किया और चिंकारा गोली लगने से घायल हो गया।

  5.  उसके बाद जीप से उतरकर सलमान उसके पास गए और चाकू से उसकी गर्दन रेत दी।

  6. दुलानी ने कहा कि मेरे पिता को धमकियां मिल रही थीं इसलिए मैं जोधपुर छोड़कर कुछ समय के लिए बाहर छुप गया था। यदि मुझे पुलिस संरक्षण मिले, तो मैं अपना बयान दे सकता हूं। मैं अभी भी अपने पहले के बयान पर कायम हूं कि उस चिंकारे को सलमान खान ने ही मारा था 

  7. परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस संरक्षण की मांग की। दुलानी के साथी ने कहा कि वह डर नहीं रहे और अपने बयान पर कायम हैं। पारिवारिक कारणों से बाहर जाना पड़ा। दुलानी ने यह भी कहा कि मुझे सलमान का ड्राइवर होने की सजा मिली। मीडिया ने कुछ भी छाप दिया।

  8. पिछले हफ्ते राजस्‍थान हाई कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को खारिज कर दिया था जिसमें अभिनेता को पांच साल की सजा सुनाई गई थी। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि यह बात साबित नहीं होती कि चिंकारे को सलमान ने अपनी लाइसेंसी गन से ही मारा था

  9. दरअसल सुनवाई के दौरान एकमात्र चश्‍मदीद गवाह हरीश दुलानी के गायब रहने के कारण केस कमजोर हो गया था। गौरतलब है कि काले हिरण के शिकार का एक तीसरा मामला अभी राजस्‍थान में विचाराधीन है।

  10. 2006 में सलमान खान को चिंकारा मामले में निचली अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई थी। उन्‍होंने एक सप्‍ताह जोधपुर की जेल में भी बिताए थे और उसके बाद उनको जमानत मिल गई थी।