12 अगस्त को दुनिया के कई हिस्सों में एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी. इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) लगेगा और कुछ जगहों पर दिन के समय कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा. यह नजारा बहुत ही दुर्लभ होने वाला है. भारत में सूर्य ग्रहण को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी हैं. वहीं, यूरोप में साल 2006 के बाद पहली बार ऐसा पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. ऐसे में यह दिन धर्म और विज्ञान, दोनों नजरिए से खास माना जा रहा है.
क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण?
जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, तब कुछ समय के लिए वह सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है. इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं. इस दौरान दिन में भी शाम जैसा अंधेरा हो जाता है, साथ ही कुछ जगहों पर तापमान भी थोड़ा कम हो जाता है और आसपास का माहौल बिल्कुल अलग महसूस होता है.
धार्मिक मान्यताओं में क्या कहा जाता है?हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है. ग्रहण के समय पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है. इस दौरान लोग भोजन बनाने और खाने से भी परहेज करते हैं. साथ ही ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करके घर की सफाई करना अनिवार्य माना जाता है.
कहां दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण?12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण सबसे पहले उत्तरी रूस में दिखाई देगा. इसके बाद यह ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्से से होकर गुजरेगा. स्पेन में यह ओवीडो शहर से शुरू होकर मलोर्का द्वीप तक दिखाई देगा. इसके अलावा यूरोप के ज्यादातर देशों, कनाडा, अमेरिका के उत्तरी हिस्से और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका में आंशिक सूर्य ग्रहण भी देखा जा सकेगा.
भारत में सूर्य ग्रहण नजर नहीं आएगा, ऐसे में सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा.
कितनी देर तक रहेगा ग्रहण?स्पेन में पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्यास्त से ठीक पहले दिखाई देगा और इसकी अवधि दो मिनट से भी कम होगी. बर्गोस शहर में करीब 1 मिनट 48 सेकंड तक पूरा अंधेरा रहेगा. वहीं, रूस और ग्रीनलैंड के कुछ इलाकों में यह थोड़ा ज्यादा समय तक दिखेगा, लेकिन वहां भी इसकी अवधि ढाई मिनट से कम रहेगी. हालांकि, आंशिक सूर्य ग्रहण करीब 1 घंटा 45 मिनट तक देखा जा सकेगा.
इतना खास क्यों है यह ग्रहण?बता दें कि हर साल एक या दो सूर्य ग्रहण जरूर लगते हैं, लेकिन पूर्ण सूर्य ग्रहण हर जगह दिखाई नहीं देता. जिस संकरी पट्टी से यह गुजरता है, वहां दोबारा ऐसा नजारा देखने के लिए सैकड़ों साल इंतजार करना पड़ सकता है. इसलिए इसे बेहद दुर्लभ माना जाता है. 12 अगस्त के बाद 2 अगस्त 2027 को एक और पूर्ण सूर्य ग्रहण दक्षिणी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और अरब प्रायद्वीप में दिखाई देगा, जिसकी अवधि 6 मिनट 23 सेकंड होगी. वहीं, 26 जनवरी 2028 को स्पेन में 'रिंग ऑफ फायर' यानी वलयाकार सूर्य ग्रहण भी देखा जाएगा.
ग्रहण देखते समय इन बातों का रखें ध्यानअगर आप सूर्य ग्रहण देखना चाहते हैं, तो कभी भी नंगी आंखों से सूरज की तरफ न देखें. इससे आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है. साधारण धूप का चश्मा, काला शीशा या एक्स-रे फिल्म भी आंखों की सुरक्षा नहीं करते हैं. ग्रहण देखने के लिए खास तरह के चश्मे होते हैं. वहीं, अगर आप धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हैं, तो अपनी आस्था के अनुसार पूजा-पाठ और नियमों का पालन कर सकते हैं.
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