साल 2026 क्या लेकर आ रहा है, यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है, लेकिन ज्योतिष गणना कुछ चीजों का इशारा जरूर दे रही है. ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश कृष्ण त्रिपाठी ने 2026 की कुंडली के क्या फलादेश बताए हैं, जानिए
- अंग्रेजी वर्ष 2026 के प्रथम दिवस के चक्र में केंद्रस्थ भावों मे 6 ग्रहों की युति इस वर्ष को विविध फल वाला बनाती है.किंतु सप्तमस्थ गुरु वर्ष को उत्तम फल प्रदान करता है. विश्व में युद्धरत देश शांति स्थापना में सफल होंगे,तथा नवीन देश अशांत और युद्धरत हो सकते हैं.
- वैश्विक स्थूल वर्ष सामान्य वर्षा वाला रहेगा. भारत कई नवीन उपलब्धियों का आलिंगन करेगा.
- किसी वैश्विक नेता की छवि व आयु धूमिल होगी.
- 11 अप्रैल 2026 से दुर्मति नामक संवत्सर प्रारंभ होगा,जो अनावश्यक विचारों विवादों को जन्म देगा.
- राजा गुरु उत्तम वर्षा सुभिक्ष और उत्सवों का वर्ष बनाएगा. जबकि मंत्री मंगल तस्करी, चोरी, लघु महामारी, रोग तथा पीड़ाकारक बनेगा.
- पराक्रम भाव मे राहु किसी अप्रत्याशित घटना द्वारा पूरे विश्व को प्रभावित करेंगे.
- चंद्रमा प्रजा को प्रसन्नता देंगे तथा शासकों का यशोगान धन होगा.
- सूर्य जय जयकार करने वाले लोगों को पद और प्रतिष्ठा देंगे.
- स्वर्ण अकुंशित होगा. यानी सोने के दाम चढ़ते रहेंगे.
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