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Hast Rekha Shastra: हथेली पर बना त्रिशूल का निशान देता है ये संकेत, जानें किस पर्वत पर होने से क्या होता है असर

Trident Mark: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर त्रिशूल का निशान शुभ माना जाता है. सूर्य, शनि, गुरु और बुध पर्वत पर इसकी मौजूदगी यश, करियर, नेतृत्व और व्यापारिक समझ से जुड़ी मानी जाती है.

Hast Rekha Shastra: हथेली पर बना त्रिशूल का निशान देता है ये संकेत, जानें किस पर्वत पर होने से क्या होता है असर
हथेली पर साफ और संतुलित त्रिशूल शुभ संकेत माना जाता है
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हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं और पर्वतों के साथ कुछ खास चिह्नों को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. इनमें त्रिशूल का निशान सामान्य रेखाओं से अलग माना जाता है. भगवान शिव के अस्त्र त्रिशूल को शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि हथेली पर साफ और संतुलित त्रिशूल शुभ संकेत माना जाता है. हालांकि, इसका असर निशान की स्पष्टता और उसके स्थान पर निर्भर करता है.

सूर्य पर्वत पर त्रिशूल से मिलता है यश

अनामिका उंगली के नीचे सूर्य पर्वत होता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि यहां त्रिशूल का निशान हो तो इसे यश, पहचान और सम्मान से जोड़ा जाता है. ऐसे व्यक्ति मेहनत के दम पर अपने काम में नाम कमा सकते हैं और आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकती है.

शनि पर्वत पर त्रिशूल करियर में देता है मजबूती

उन्होंने आगे बताया कि भाग्य रेखा के अंत में या शनि पर्वत पर त्रिशूल होनाा करियर के लिहाज से अच्छा माना जाता है. ऐसे लोगों को जिम्मेदारी वाले पद मिलने की संभावना बताई जाती है. शनि मेहनत और धैर्य से जुड़ा है, इसलिए सफलता देर से लेकिन टिकाऊ मानी जाती है.

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गुरु पर्वत पर त्रिशूल वाले होते हैं नेतृत्वकारी

तर्जनी उंगली के नीचे गुरु पर्वत होता है. यहां त्रिशूल हो तो व्यक्ति महत्वाकांक्षी, आत्मविश्वासी और नेतृत्व करने वालाा माना जाता है. ऐसे लोगों में सीखने और दूसरों को मार्गदर्शन देने की क्षमता देखी जाती है. हालांकि, अहंकार से बचना जरूरी है.

बुध पर्वत पर त्रिशूल से बढ़ती है समझदारी

छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत होता है. यहां त्रिशूल का निशाान बातचीत, व्यापारिक समझ और संचार कौशल से जोड़ा जाता है. ऐसे लोग लेखन, गणना और कारोबार से जुड़े कामों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं.

कैसा माना जाता है टूटा या धुंधला त्रिशूल

आचार्य मदन मोहन ने बताया कि त्रिशूल जितना स्पष्ट और संतुलित होगा, उतना ही प्रभावशाली माना जाता है. टूटा, टेढ़ा या धुंधला निशान उतना शुभ नहीं माना जाता है. हालांकि, केवल एक निशान देखकर पूरी जिंदगी का अनुमान नहीं लगायाा जा सकता है. हस्तरेखा में स्थान, रेखाओं और निशान की स्थिति सभी को साथ देखकर ही निष्कर्ष निकाला जाता है.

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