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Ekadashi Ka Paran Kab Hai: मोहिनी एकादशी का व्रत कब खोलें? यहां जानें पारण का समय और सही तरीका

Ekadashi Ka Paran Kab Hai: शास्त्रों के अनुसार, एकादशी व्रत का पूरा फल तभी मिलता है जब इसे सही समय और सही विधि से खोला जाए. ऐसे में आइए जानते हैं आज पारण का शुभ समय क्या रहेगा, साथ ही जानेंगे पारण का सही तरीका-

Ekadashi Ka Paran Kab Hai: मोहिनी एकादशी का व्रत कब खोलें? यहां जानें पारण का समय और सही तरीका
Ekadashi Ka Paran Kab Hai: मोहिनी एकादशी पारण का शुभ समय

Ekadashi Ka Paran Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को आत्मशुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे पवित्र माध्यम माना गया है. हर महीने में दो बार और एक साल में कुल 24 एकादशी (Ekadashi Vrat) आती हैं. इन्हीं में से एक है मोहिनी एकादशी, जिसका विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत प्रदान किया था. 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं ने यह व्रत रखा था और आज यानी 28 अप्रैल को इसका पारण किया जा रहा है. शास्त्रों के अनुसार, व्रत का पूरा फल तभी मिलता है जब इसे सही समय और विधि से खोला जाए. ऐसे में आइए जानते हैं आज पारण का शुभ समय क्या रहेगा, साथ ही जानेंगे पारण का सही तरीका- 

पारण का शुभ समय

आज पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 43 मिनट से 08 बजकर 21 मिनट तक है. इसी अवधि में व्रत खोलना उत्तम माना गया है. ध्यान रखें कि द्वादशी तिथि आज शाम 06 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, इसलिए इससे पहले पारण करना जरूरी है. 

एकादशी व्रत के नियमों में 'हरिवासर' का विशेष महत्व बताया गया है. यह द्वादशी तिथि का शुरुआती समय होता है, जिसमें व्रत खोलना वर्जित माना जाता है. इसलिए हरिवासर समाप्त होने के बाद ही पारण करना चाहिए, तभी व्रत का पूरा पुण्य प्राप्त होता है.

पारण की सही विधि
  • पारण के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें. 
  • इसके बाद विधि-विधान से पूजा करें और भगवान को भोग अर्पित करें. 
  • पूजा में तुलसी दल चढ़ाना बहुत जरूरी माना जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है.
  • व्रत खोलने के लिए सबसे पहले जल ग्रहण करें या तुलसी का पत्ता खाएं. 
  • इसके बाद हल्का और सात्विक भोजन करें. 
  • ध्यान रखें कि पारण के समय ज्यादा भारी भोजन न करें, ताकि शरीर पर अचानक दबाव न पड़े.
इन गलतियों से बचें

पारण के समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जैसे- 

  • हरिवासर में व्रत न खोलें.
  • व्रत के बाद तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • कई लोग द्वादशी के दिन भी चावल नहीं खाते, जबकि शास्त्रों के अनुसार इस दिन चावल खाना शुभ माना जाता है. 
  • साथ ही, व्रत का पूर्ण फल पाने के लिए जरूरतमंद को दान देना भी बहुत जरूरी माना गया है.

मोहिनी एकादशी व्रत व्यक्ति को पापों से मुक्ति दिलाने और मन को शांति देने वाला माना गया है. माना जाता है कि भगवान विष्णु की पूजा और सही समय पर व्रत का पारण करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है. इसलिए आज के दिन नियम और श्रद्धा के साथ पारण करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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