
Amarnath Yatra 2017 : अमरनाथ यात्रा 29 जून से सात अगस्त तक होगी.
नई दिल्ली:
इस साल पवित्र अमरनाथ यात्रा 29 जून से सात अगस्त तक होगी. इसके लिए श्रद्धालुओं के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में अमरनाथ धर्मार्थ बोर्ड की बैठक में इस बात की घोषणा की. यात्रा का समापन सात अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर होगा. 13 साल से कम और 75 साल से अधिक उम्र के श्रद्धालु यात्रा नहीं कर सकते हैं. इसके अलावा छह महीने से अधिक की गर्भवती महिला भी यात्रा नहीं कर सकती है. अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट www.shriamarnathjishrine.com पर आप यात्रा से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं.
सुरक्षा बलों के लिए चुनौती
कश्मीर में आतंकी घटनाओं के बढ़ने से एक बार फिर शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा की चुनौती सामने हैं. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यात्रा पर कोई खतरा नहीं माना जा रहा है लेकिन सुरक्षा बलों का मानना है कि अगर सुरक्षा मे जरा सी ढील दी गई तो अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले हो सकते हैं. वैसे जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रा के पूरे रास्ते को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया है. साथ ही सुरक्षा बलों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं.
राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वे हर जरूरी एहतियात बरतें ताकि 29 जून से शुरू हो रही यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि खुफिया एजेंसियों और एकीकृत मुख्यालय से मिले निर्देशों और जानकारी को साझा किया जाए ताकि किसी भी संभावित आतंकी घटना को तुरंत रोका जा सके.
अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों लोगों को न्यौता तो दे दिया लेकिन अब वह परेशान हो गया है. अब तक दो लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं. यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद हैं. इस भीड़ को संभालने के नाम से ही सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं क्योंकि पहले भी आतंकी कई बार सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताकर अपने नापाक मंसूबे कामयाब कर चुके हैं.
इनपुट: भाषा
सुरक्षा बलों के लिए चुनौती
कश्मीर में आतंकी घटनाओं के बढ़ने से एक बार फिर शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा की चुनौती सामने हैं. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यात्रा पर कोई खतरा नहीं माना जा रहा है लेकिन सुरक्षा बलों का मानना है कि अगर सुरक्षा मे जरा सी ढील दी गई तो अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले हो सकते हैं. वैसे जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रा के पूरे रास्ते को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया है. साथ ही सुरक्षा बलों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं.
राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वे हर जरूरी एहतियात बरतें ताकि 29 जून से शुरू हो रही यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि खुफिया एजेंसियों और एकीकृत मुख्यालय से मिले निर्देशों और जानकारी को साझा किया जाए ताकि किसी भी संभावित आतंकी घटना को तुरंत रोका जा सके.
अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों लोगों को न्यौता तो दे दिया लेकिन अब वह परेशान हो गया है. अब तक दो लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं. यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद हैं. इस भीड़ को संभालने के नाम से ही सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं क्योंकि पहले भी आतंकी कई बार सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताकर अपने नापाक मंसूबे कामयाब कर चुके हैं.
इनपुट: भाषा
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