Adhik Maas Ki Amavasya Ke Upay: सनातन परंपरा में जिस रात्रि में चंद्र देवता के दर्शन नहीं होते, वह चंद्रविहीन रात्रि अमावस्या कहलाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार अमावस्या के स्वामी स्वयं पितर देवता होते हैं. जिस कारण से इस तिथि पर पितरों के लिए किया जाने वाला तर्पण, श्राद्ध आदि का बहुत ज्यादा महत्व होता है. अमावस्या का महत्व तब और भी अधिक बढ़ जाता है, जब तीन साल बाद मलमास में पड़ती है. पंचांग के अनुसार आज पुरुषोत्तम मास की 30वीं तिथि यानि अधिक मास की अमावस्या है. इस प्रकार 17 मई 2026 से प्रारंभ हुआ मलमास आज अमावस्या तिथि पर समाप्त हो जाएगा. मलमास की अमावस्या का क्या धार्मिक महत्व है? पुरुषोत्तम मास कहे जाने वाली इस पावन मास की अमावस्या आज किस पूजा के माध्यम से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है, आइए इसे विस्तार से जानते हैं.
मां लक्ष्मी को मनाने के लिए करें ये महाउपाय

- हिंदू मान्यता के अनुसार धन की देवी मां लक्ष्मी की साधना-आराधना के लिए मलमास की अमावस्या कार्तिक अमावस्या के समान ही अत्यधिक पुण्यदायी और फलदायी मानी गई है. ऐसे में माता लक्ष्मी की साधना करने वाले साधक को इस दिन धन-धान्य और सुख-सौभाग्य की कामना को पूरा करने के लिए विशेष उपाय करने चाहिए. आइए मलमास की अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी की कृपा दिलाने वाले सरल सनातनी उपायों के बारे में विस्तारसे जानते हैं.
- हिंदू मान्यता के अनुसार मलमास की अमावस्या पर व्यक्ति को अपने घर के प्रत्येक कोने की सफाई करके खराब वस्तुओं को घर से बाहर कर देना चाहिए.
- मलमास या फिर कहें अधिक मास की अमावस्या पर घर के प्रत्येक कोने को दीये या फिर लाइट आदि के जरिए प्रकाशित करना चाहिए. अमावस्या के दिन घर का कोई भी कोना गंदा या अंधेरे में नहीं रहना चाहिए.
- अधिक मास की अमावस्या पर धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए आज श्रीयंत्र की विधि-विधान से पूजा करते हुए श्री सूक्त का श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि लक्ष्मी पूजा का यह महाउपाय मलमास की अमावस्या पर करने पर साधक को धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है.
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- हिंदू मान्यता के अनुसार मलमास अमावस्या की शाम को अपने पूजा घर या फिर माता लक्ष्मी के मंदिर में जाकर गाय के दूध से बने शुद्ध घी का दीया जलाना चाहिए. मान्यता है माता लक्ष्मी की पूजा में किए जाने वाले इस दीपदान से साधक के सभी दुख दूर हो जाते हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए साधक मलमास की अमावस्या पर अपने घर के मेन डोर के दोनों तरफ, तुलसी के पौधे के पास, अपने पूजा स्थान और पीपल के नीचे विशेष रूप से दीपदान करना चाहिए.
- धन-धान्य और मां लक्ष्मी के विशेष कृपा की कामना रखने वाले साधक को अधिक मास की अमावस्या पर लाल रंग के उनी आसन पर बैठकर कमलगट्टे की माला 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
मलमास अमावस्या पर करें विष्णु पूजा का महाउपाय

Photo Credit: Facebook@Lord Vishnu
- आज मलमास या फिर कहें पुरुषोत्तम मास की अमावस्या पर भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए साधक को श्री हरि की पूजा में विशेष रूप से पीले पुष्प, पीला चंदन, पीले वस्त्र, पीले रंग की मिठाई और पीले फल अर्पित करना चाहिए.
- सनातन परंपरा में भगवान माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्री हरि की साधना भी उत्तम उपाय मानी गई है. ऐसे में आज मलमास या फिर कहें पुरुषोत्तम मास जो कि भगवान विष्णु की पूजा के लिए ही समर्पित है, उसके आखिरी दिन साधक को विशेष रूप से श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए. पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु का यह चमत्कारी स्तोत्र सभी कामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार पीपल के पेड़ पर त्रिदेव संग पितरों का वास माना जाता है. मान्यता है कि मलमास की अमावस्या पर जल अर्पित करके दीपदान करने पर पितृ देवता, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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