Delhi Vidhan Sabha: दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में बुधवार को उस वक्त जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब पीडब्ल्यूडी (PWD Minister) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा (Parvesh Sahib Singh Verma) ने पूर्व मुख्यमंत्री (Fromer CM Delhi) अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के सरकारी आवास (Arvind Kejriwal Residence) पर आई कैग रिपोर्ट (CAG Report) को लेकर सदन में तीखे आरोप लगाए. मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास के निर्माण और साज-सज्जा में नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये खर्च किए गए.

Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा में हंगामा
बिना अनुमति पेड़ कटे, घर तोड़े गए: वर्मा
प्रवेश वर्मा ने सदन में कहा कि 2020 में दिल्ली ने दो आपदाएं देखीं, पहली कोविड महामारी और दूसरी आप सरकार. उन्होंने कहा कि जिस समय दिल्ली कोविड संकट से जूझ रही थी, उस दौरान प्राथमिकताओं को नजरअंदाज कर मुख्यमंत्री आवास के निर्माण पर ध्यान दिया गया. मंत्री ने आरोप लगाया कि आवास बनवाने के लिए बिना अनुमति पेड़ काटे गए और कई मकानों को तोड़ा गया. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में तीन अधिकारियों के घर और आठ अन्य अधिकारियों के आवास भी ध्वस्त किए गए.
कोविड के लिए मिले 787.91 करोड़ नहीं हुए खर्च
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कोविड से लड़ने के लिए दिल्ली को 787.91 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन उस राशि का इस्तेमाल महामारी से निपटने में नहीं किया गया.
टेंडर 7.5 करोड़ से बढ़कर 55 करोड़ तक
प्रवेश वर्मा के अनुसार, आवास का शुरुआती टेंडर 7.5 करोड़ रुपये का था, जिसे बाद में बढ़ाकर 55 करोड़ रुपये किया गया. उन्होंने दावा किया कि कुल मिलाकर आवास निर्माण पर 58 करोड़ रुपये खर्च हुए.
कोविड लॉकडाउन में भी नहीं रुका निर्माण कार्य
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि जब कोविड काल में सड़कों पर आवाजाही बंद थी और लोग घरों से नहीं निकल पा रहे थे, तब भी निर्माण कार्य लगातार चलता रहा.
सदन में दिखाई गई सामान की लंबी सूची
प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में एक लंबा प्रिंट रोल दिखाया और कहा कि यह सूची मुख्यमंत्री आवास में लगाए गए सामान की है. इस दौरान सदन में दृश्य तब और खास हो गया, जब वह हाथ से रोल बढ़ाते गए और अन्य सदस्य भी उसे आगे बढ़ाते रहे. रोल सत्ता पक्ष से होते हुए विपक्ष तक पहुंच गया.
जिम और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भारी खर्च
मंत्री ने दावा किया कि आवास में लगाए गए जिम उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भारी खर्च किया गया. उनके मुताबिक:
- ट्रेडमिल: लगभग 14 लाख रुपये
- डम्बल सेट: करीब 3 लाख रुपये
- टीवी: 88 इंच का एक बड़ा टीवी और तीन अन्य टीवी पर कुल 27 लाख रुपये
इसके अलावा चिमनी, सोफा, मिनी बार और एंट्रेंस लाइट जैसी सुविधाएं भी लगाई गईं.
फर्नीचर और इंटीरियर पर करोड़ों का खर्च
प्रवेश वर्मा ने बताया कि:
- सोफा सेट के दो टेंडर (35 लाख और 1.5 लाख रुपये)
- 76 टेबल: करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये
- 8 बेड: 40 लाख रुपये
- कुर्सियां: 60 लाख रुपये
- कंसोल: 50 लाख रुपये
- पर्दे: 1.5 करोड़ रुपये
- कार्पेट और पफी: 60 लाख रुपये
डाइनिंग टेबल और इलेक्ट्रिकल फिटिंग भी सवालों में
मंत्री ने कहा कि आवास में 28 लोगों के बैठने लायक डाइनिंग टेबल लगाया गया, जिसकी कीमत 14 लाख रुपये है. इसके अलावा:
- इलेक्ट्रिकल आइटम: करीब 12 लाख रुपये
- सीलिंग डेकोरेटिव फिटिंग्स: 14 लाख रुपये
‘अपने लिए नहीं था तो आतिशी को क्यों नहीं रहने दिया?'
प्रवेश वर्मा ने सवाल उठाया कि यदि यह आवास दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए ही बनाया गया था, तो आतिशी को वहां रहने क्यों नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि केवल घर ही नहीं, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भी बैठने नहीं दिया गया.
आरोपों के बीच सदन में हंगामा
इन आरोपों के दौरान दिल्ली विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी रही.
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