साइबर ठगों के अब सीधे आतंकवाद का डर दिखाकर आम लोगों को लूटने का नया मामला सामने आया है. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक 75 साल की महिला को नासिक क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर करीब 14 दिनों तक ऑनलाइन यानी ‘डिजिटल अरेस्ट' रखा गया.
18 सितंबर को महिला को एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को नासिक क्राइम ब्रांच से राजन भिसे बताया और महिला को डराते हुए कहा कि उसके नाम पर मुंबई में एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है और इस खाते के जरिए आतंकवादी संगठनों को फंडिंग की गई है.

ठगी का पूरा मामला बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया. महिला को व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल से जोड़ा गया. वीडियो कॉल पर मौजूद व्यक्ति पुलिस की आधिकारिक वर्दी में बैठा था और उसके पीछे तिरंगा तथा नीले रंग का पुलिस झंडा भी दिखाई दे रहा था.
महिला को धमकी दी गई कि अगर उसने जांच में सहयोग नहीं किया तो उसे और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इसके बाद डर का माहौल बनाकर अलग-अलग खातों से कुल 3 करोड़ 80 लाख रुपये दूसरे राज्य के बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए.
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