चिली की इवोन विल्डोसोला ने पहली बार 2019 में क्रिकेट बैट उठाया और इस साल अप्रैल में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. दिलचस्प बात ये है कि विल्डोसोला 70 साल की हैं और उन्होंने अपनी पोती कैमिला ओयार्स की कप्तानी में डेब्यू किया. दरअसल, यह सब सात साल पहले शुरू हुआ जब चिली की महिला टीम, जिसे 'लास लोइकास' (एक स्थानीय पक्षी के नाम पर) कहा जाता है, ने न्युब्ले में तत्कालीन कप्तान जेनेट गार्सिस की अगुवाई में 'माताओं और बेटियों' के लिए एक क्रिकेट इवेंट आयोजित किया.
ओयार्स, जो उस समय 16 साल की थीं, ने अपनी दादी को साथ आने के लिए मनाया. ओयार्स खुद 2010 में आठ साल की उम्र में अपनी एक टीचर, एलेजांद्रा ज़ुनिगा के ज़रिए क्रिकेट से जुड़ी थीं. ज़ुनिगा चिली के लिए दो T20I मैच खेल चुकी हैं. विल्डोसोला ने क्रिकइन्फो से बातचीत में बताया कि, 'मुझे लगा कि मेरी जिम्मेदारी असल में उन दोस्तों के लिए खाना बनाना है जो (मेरी पोती) के साथ इवेंट में खेलने आ रहे हैं.' 'मैंने क्रिकेट के बारे में सुना था क्योंकि मेरी पोती इसे खेलती थी, लेकिन यह पहली बार था जब मैंने इसे आजमाया, और मुझे खुशी है कि मैंने ऐसा किया.'
दुनिया की सबसे उम्रदराज एक्टिव क्रिकेटर
धीरे-धीरे, विल्डोसोला की क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ती गई, लेकिन उनकी बेटी लोरेटो और पोती ओयार्स ने उन्हें इसे जारी रखने के लिए प्रेरित किया. जो एक पारिवारिक एक्टिविटी के तौर पर शुरू हुआ था, वह उन्हें इंटरनेशनल स्टेज तक ले गया. उन्होंने अप्रैल 2026 में कोस्टा रिका के खिलाफ अपना T20I डेब्यू किया, जहां उन्होंने ओयार्स के साथ ओपनिंग भी की. ऐसा करके, वह 70 साल की उम्र में दुनिया की सबसे उम्रदराज़ एक्टिव क्रिकेटर बन गईं और राजा महाराज सिंह के बाद प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने वाली दूसरी सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी बन गईं. महाराज सिंह ने 1950-51 में 72 साल की उम्र में फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था.
क्रिकेट ने विल्डोसोला को एक्टिव रहने का मौका भी दिया. उन्होंने कभी प्रोफेशनल तौर पर कोई खेल नहीं खेला था, लेकिन वह मनोरंजन के लिए दूसरे खेलों में हिस्सा लेती रही थीं. जानकारी के लिए बता दें कि विल्डोसोला ने जिन दोनों मैचों में हिस्सा लिया, उनमें वह बिना कोई रन बनाए (डक पर) आउट हो गईं.
अपने इंटरनेशनल डेब्यू के बारे में वह कहती हैं, 'यह सोचना भी मुश्किल था. अपनी जवानी के दिनों में, कम से कम 50 साल पहले, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, फुटबॉल जैसे खेल होते थे. मैंने कभी कोई खेल खेलने के बारे में नहीं सोचा था. खासकर क्रिकेट के बारे में, जिसके बारे में मैंने कभी सुना भी नहीं था, लेकिन लैटिन अमेरिका में हम आम तौर पर एक्टिव रहते हैं. यही चीज मुझे खेलने और हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करती है. मेरा मुख्य मकसद बस हिस्सा लेना है.'
विल्डोसोला को बैटिंग करना है पसंद
ओयार्स के लिए भी अपनी दादी का टीम का हिस्सा बनना उतना ही चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा कि, 'मेरी दादी हमेशा एक्टिव रहती थीं, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह टीम का हिस्सा बनेंगी. उनका साथ और उनका आस-पास होना मेरे और टीम के लिए बहुत मायने रखता है.' विल्डोसोला को बैटिंग करना पसंद है, और खास तौर पर, सीधे मैदान की तरफ शॉट मारना.
बताया क्यों बॉलिंग करना नहीं है पसंद
वह हंसते हुए कहती हैं, 'अपनी हालत और उम्र को देखते हुए, मैं बैटिंग करना पसंद करती हूं क्योंकि मेरे जोड़ों की वजह से मैं बॉलिंग नहीं कर सकती. इसलिए बॉलिंग करने के बजाय बैटिंग करना बेहतर है. क्रिकेट पसंद करने की एक मुख्य वजह यह भी थी कि दूसरे खेलों की तुलना में इसमें एक्टिविटी करना कहीं ज़्यादा आसान था.'
विल्डोसोला और ओयार्स समय मिलने पर साथ में ट्रेनिंग भी करती हैं और टूर्नामेंट से पहले एक-दूसरे से जानकारी शेयर करती हैं. लेकिन 70 साल की उम्र होने का मतलब है कि उनके साथी कभी-कभी उनसे 50 साल छोटे होते हैं. उन्हें कैसा लगता है? इस पर वह कहती हैं, "गर्व और आभार, क्योंकि मुझसे बहुत छोटे लोगों के साथ ऐसा करना आसान नहीं है. मेरी पोती और मेरी उम्र में लगभग 50 साल का अंतर है और मुझे उसके निर्देशों का पालन करना पड़ता है, लेकिन मुझे अपनी पोती के साथ होने पर गर्व है और यह अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है. ज़्यादातर लोग अंग्रेज़ी नहीं बोलते, इसलिए क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली भाषा कभी-कभी बहुत मुश्किल हो सकती है. हमारे लिए, एक महाद्वीप के तौर पर भी, सबसे बड़ी रुकावट भाषा ही है.
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