अगस्त 2016 में, इंग्लैंड में सीरीज 2-2 से ड्रॉ होने के बाद पाकिस्तान अपने इतिहास में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर पहुंचा था. एक दशक बाद, पाकिस्तान उसी फॉर्मैट में संघर्ष कर रहा है जिसमें कभी उसका दबदबा हुआ करता था. पाकिस्तान, इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज़ पहले ही 0-2 से हार चुके हैं और अब उन्हें 'व्हाइटवॉश' का सामना करना पड़ सकता है. पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट मैच खेला जाने वाला है. उससे पहले पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज वसीम अकरम ने पाकिस्तान टीम की पोल खोल दी है.
पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज़ वसीम अकरम को मौजूदा खिलाड़ियों के लिए हमदर्दी है, लेकिन उनका यह भी मानना है कि उनमें से कुछ की सोच पाकिस्तान क्रिकेट की समस्याओं को कम करने के बजाय उन्हें और बढ़ा रही है. उन्होंने 'द एथलेटिक' से कहा, "लेकिन पाकिस्तान में एक कहावत है: 'ताली दो हाथों से ही बजती है'.
यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट में मैदान के बाहर मचे हंगामे के कुछ दिनों बाद आई है. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में हार के बाद, पाकिस्तान के 7 खिलाड़ियों और दो कोचों को घर वापस भेज दिया गया था.
इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सिलेक्शन कमिटी को 'शो-कॉज नोटिस' जारी किया, जिसके कुछ ही समय बाद पूर्व कप्तान मिसबाह-उल-हक ने कमिटी से इस्तीफ़ा दे दिया. बाद में सोमवार को पीसीबी ने घोषणा की कि वह अनुशासन और व्यवहार से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के आधार पर व्यवहार की अनुशासनात्मक जांच कर रहा है, जिनकी अभी आंतरिक रूप से समीक्षा की जा रही है.
पूर्व पाक दिग्गज वसीम ने माना कि सीरीज़ के नतीजे से उन्हें हैरानी नहीं हुई, उन्हें पता था कि इंग्लैंड के हाथों 'व्हाइटवॉश' से बचने के लिए पाकिस्तान को संघर्ष करना पड़ेगा. उन्होंने कहा, "सीरीज़ से पहले ही मुझे पता था कि हम इंग्लैंड से 3-0 से हारने वाले हैं.हमारी बैटिंग संघर्ष कर रही है, हमारी बॉलिंग औसत से भी खराब है और हमारी फील्डिंग तो और भी बुरी है. इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है." लेकिन उन्होंने कहा कि समस्याएं इससे कहीं ज़्यादा गहरी हैं.
वसीम अकरम ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, "मुझसे अक्सर पूछा जाता है, 'क्या आप पाकिस्तान क्रिकेट की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं?' लेकिन समस्याएं बहुत गहरी हैं. ये टॉप खिलाड़ी हैं, इसके अलावा और कुछ नहीं है. इसके नीचे कोई सिस्टम नहीं है. पिछले कुछ सालों में घरेलू फर्स्ट-क्लास स्ट्रक्चर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा है और इसमें न तो कोई निरंतरता है और न ही कोई सब्र. इसका असर फैन्स पर भी पड़ता है. फैन्स टीम को हारते हुए देखते हैं और वे भी सब कुछ खत्म कर देना चाहते हैं. हमने ऐसा कई बार किया है और अब असल में कुछ बचा ही नहीं है."
पाकिस्तान अब इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट खेलने वाला है और उसे उम्मीद है कि वह कम से कम एक जीत हासिल कर पाएगा और सीरीज़ में पूरी तरह हारने से खुद को बचा पाएगा. लेकिन ऐसा मुश्किल नजर आ रहा है.
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