- OpenAI का दावा- नए AI मॉडल ने नेवियर-स्टोक्स प्रॉब्लम सॉल्व कर दी है, जिसे दशकों से कोई हल नहीं कर पाया था
- नेवियर-स्टोक्स प्रॉब्लम तरल पदार्थों के प्रवाह से जुड़ी इक्वेशन्स है
- OpenAI ने लाखों डॉलर की कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल कर केवल कुछ दिनों में ही इसे सॉल्व कर लिया है
जिन तेज इंसानी दिमागों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को बनाया है, AI ने अब उन्हीं को पीछे छोड़ दिया है. OpenAI ने मंगलवार को कहा कि उसके अभी तक जारी नहीं किए गए AI मॉडल में से एक ने गणित की ऐसी पहेली हल कर दी है, जिसे कई पीढ़ियों से मैथमेटिशियन (गणितज्ञ) हल नहीं कर पाए थे. इस मैथ्स प्रॉब्लम का नाम है- नेवियर-स्टोक्स प्रॉब्लम. हालांकि इस दावे के बाद इस बात को लेकर OpenAI और दूसरे रिसर्चर के बीच इस प्रॉब्लम को पहले सॉल्व करने को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है.
OpenAI के रिसर्चर्स ने कहा कि उन्हें नेवियर-स्टोक्स प्रॉब्लम को साल्व करने में सिर्फ कुछ दिन लगे. इसके लिए लाखों डॉलर की कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल किया गया.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
क्या है नेवियर-स्टोक्स प्रॉब्लम
बता दें कि नेवियर-स्टोक्स प्रॉब्लम मैथ्स के सात मिलेनियम प्राइज प्रॉब्लम्स में से एक है. ये मैथ्स के उन सबसे कठिन सवालों की लिस्ट है, जिनका अभी तक कोई सॉल्व नहीं कर पाया था. यह लिस्ट क्ले मैथमेटिक्स इंस्टीट्यूट ने तैयार की है.
कितना प्राइज मिलता है?
मिलेनियम प्राइज के हर प्रॉब्लम को सॉल्व करने पर 10 लाख डॉलर का इनाम रखा गया है. साल 2000 में यह लिस्ट जारी होने के बाद से अब तक सिर्फ एक प्रॉब्लम को सॉल्व किया जा सका है. वैसे OpenAI ने कहा है कि अगर उसकी खोज सही साबित होती है, तो भी वह इनाम की रकम का दावा नहीं करेगा.
बता दें कि इन पुरस्कारों के नियमों के मुताबिक, अगर किसी ने इस लिस्ट की प्रॉब्लम को सॉल्व कर लिया है तो उसके रिजल्ट को पहले किसी विशेषज्ञों की समीक्षा वाली मैथ्स मैगजीन में प्रकाशित होना जरूरी है. इसके बाद मैथ्स की दुनिया में उसे स्वीकार किए जाने के दो साल तक वह रिजल्ट टिकना भी चाहिए. इसके बाद जाकर ही संस्थान उस काम की जांच के लिए एक समिति बनाने पर विचार करेगा.
विवाद भी शुरू
OpenAI का यह दावा उस समय सामने आया, जब न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के मैथमेटिशियन ट्रिस्टन बकमास्टर और OpenAI की प्रतिद्वंद्वी कंपनी एंथ्रोपिक के साथ काम करने वाले लेवेंट अलपोगे ने इससे जुड़े तीन इक्वेशन पर AI की मदद से किए गए अपने रिसर्च को जारी किया. अपने रिसर्च पेपर के साथ जारी एक बयान में बकमास्टर ने कहा कि OpenAI ने उनके रिसर्च की जानकारी फैलने के बाद ही इस प्रॉब्लम पर काम शुरू किया. उन्होंने कहा कि OpenAI ने उसी असामान्य तरीके को अपनाया, जिसे वह और अलपोगे कई महीनों से डेवलप कर रहे थे.
OpenAI के रिसर्चर्स ने इस बात से इनकार किया कि उन्हें दूसरी टीम के काम तक किसी तरह की पहुंच मिली थी. उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने दोनों टीमों को इस काम का श्रेय देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि बकमास्टर और अलपोगे प्रॉब्लम को पूरी तरह सॉल्व नहीं कर पाए थे. OpenAI के रिसर्चर ब्यूबेक ने कहा, “यह साफ कर देना जरूरी है कि हमने उनके प्रॉम्प्ट या उनके सबूतों का इस्तेमाल अपने मॉडल को निर्देश देने या अपने AI एजेंट्स को दिशा देने के लिए नहीं किया.”
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं