Viv Richards Reveals Why India's Spin Quartet Kept Batters on Edge: निशांत दयाल और जया प्रसाद की ओर से पेश किए गए 'मिडविकेट स्टोरीज' के एक दिलचस्प एपिसोड में, सर विवियन रिचर्ड्स ने अपने करियर को लेकर बड़ा खुलासा किया और बताया कि कैसे भारत में जाकर भारत के स्पिनरों के खिलाफ खेलना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होती थी. सर विवियन रिचर्ड्स ने अपने शुरुआती भारत दौरे को लेकर बात की और यादें ताजा की, महान सर विवियन रिचर्ड्स ने कहा कि, बी.एस. चंद्रशेखर और इरापल्ली प्रसन्ना के खिलाफ बल्लेबाजी करने से पहले उन्हें घबराहट हुआ करती थी.
भारत के स्पिनरों के खिलाफ खेलने से घबराहट हुआ करती थी
विवियन रिचर्ड्स ने भारत के अपने पहले दौरे को लेकर बात की और कहा, " 1974 में वेस्टइंडीज टीम के साथ भारत के दौरे के लिए मेरा सिलेक्शन हुआ. और सच कहूं तो मुझे लगा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी बात होने वाली है क्योंकि खेल के लिए मेरा जुनून हमेशा से बहुत जबरदस्त था, और वाह, मैं भारत जा रहा हूं... बैंगलोर के स्टेडियम में 60,000 लोग थे, जो काफी डरावना था... और हां, वहां लगातार पटाखे फोड़े जाते थे... मुझे अब यूक्रेन के लोगों के लिए बुरा लगता है, खासकर उन पटाखों की वजह से... जब विकेट गिरता था तो पटाखे फूटते थे... और जब मैं बैंगलोर में सीढ़ियों से गुज़र रहा था - वहा बांस के स्टैंड बने हुए थे - तो मेरा पैर फिसल गया और मैं सीधे नीचे गिर गया.सच में? ."
दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज के तौर पर जाने गए विवियन रिचर्ड्स ने आगे कहा, "उस समय थोड़ी घबराहट हो रही थी... और भारत के दौरे पर सबसे डरावनी चीज़ों में से एक यह जानना था कि आप तेज गेंदबाजों का सामना नहीं करने वाले हैं, बल्कि दुनिया के सबसे अच्छे स्पिनरों का सामना करने वाले हैं... और आप टेस्ट क्रिकेट ग्राउंड पर कहीं भी जाएं, चाहे आप कप्तान हों या नहीं, आप चाहते हैं कि आपके गेंदबाज क्रिकेट बॉल को बचाकर रखें... लेकिन भारत में, मुझे लगा कि ये लोग पागल हैं, वे गेंद को जमीन पर लुढ़का रहे थे..."
भारत में हर कोई स्पिनरों से डरता था
उन्होंने आगे कहा, "यह पहला ओवर था और मैं सोच रहा था 'वाह'... और उस समय हमारे लिए सबसे डरावनी बात क्या थी? जब भी वे गेंद को चंद्रशेखर की तरफ़ देते, तो वह उसे उठाते, उसे महसूस करते, और इशारा करते कि 'मैं तैयार हूं'... फिर वह प्रसन्ना की तरफ़ देखते, प्रसन्ना उसे पकड़ते... और इस दौरान हम स्टैंड में बैठे देख रहे होते और कहते, 'अब कुछ बड़ा होने वाला है'... और ऐसा ही हुआ... आप जानते हैं, हर जगह लोग तेज़ गेंदबाज़ों से डरते थे, लेकिन...भारत में, हर कोई स्पिनरों से डरता था. बहुत ही शानदार स्पिनर थे. मेरा मतलब है, यह अविश्वसनीय है, है ना? मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी घबराहट और 'सिब्स' शब्दों का इस्तेमाल एक ही वाक्य में किया है या सुना है. मैंने कभी नहीं किया... . भारत में स्पिनरों को खेलना सबसे डरावना अनुभव रहा है.'
विवियन रिचर्ड्स के करियर की बात करें तो भारत में सर रिचर्ड्स ने 15 टेस्ट मैच खेलकर 954 रन बनाए जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल रहे. ओवरऑल भारत के खिलाफ विवियन रिचर्ड्स ने 121 टेस्ट में 8540 रन बनाने में सफलता हासिल की जिसमें उनके नाम 24 शतक और 45 अर्धशतक दर्ज रहे हैं.
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