Indian Leaving Australia: विदेश में जाकर बसने के लिए काफी भारतीय लोग अक्सर सोचते हैं. पर उनमें से कुछ लोग विदेश में जाकर रह पाते हैं. विदेश में बसने को अधिकतर लोग जहां कामयाबी के तौर पर देखते हैं तो वहीं कई लोग विदेश से वापस लौटने को नाकामी मानते हैं. आस्ट्रेलिया के सिडनी में रह रहे एक भारतीय ने हमेशा के लिए विदेशी सरजमी को छोड़कर वापस वतन लौटने का फैसला किया है. उसने बताया कि अब वह हमेशा के लिए आस्ट्रेलिया छोड़कर भारत वापस आ रहा है. लोग सबसे पहले यही सोचते हैं कि कुछ गड़बड़ हो गई है.
इंडियन ग्रोसरी स्टोर में की पहली नौकरी
भारतीय युवक दिव्यज गौतम (Divyaj Gautam) 3 साल से आस्ट्रेलिया के सिडनी में रह रहे हैं. सिडनी छोड़ वापस भारत आने के फैसले और आस्ट्रेलिया में हर महीने होने वाले के खर्चे को लेकर दिव्यज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है. दिव्यज मूल रूप से असम के रहने वाले हैं. दिव्यज ने बेंगलुरु और लंदन से पढ़ाई की है.
भारतीय युवक ने बताया कि मेरी पहली नौकरी यहां एक इंडियन ग्रोसरी स्टोर पर थी, जहां मैं हफ़्ते में छह दिन काम करके लगभग $500 (करीब 48 हजार रुपये) कमाता था. लेकिन तीन महीने बाद दो चीज़ें बदलीं. पहली- मुझे एक रिटेल जॉब मिली, जिससे हफ़्ते में लगभग $1,100 की कमाई होने लगी और दूसरी मैंने साइकोसोशल रिस्क कंसल्टेंट के तौर पर अपनी प्रैक्टिस शुरू की, जिससे हर क्लाइंट से महीने में लगभग $3,000 की कमाई होती है.
हर महीने होती है $10,000 की कमाई
इस तरह से औसतन महीने में लगभग $10,000 की कमाई होती है और टैक्स के बाद यह लगभग साढ़े 7 हज़ार की बचत है. दिव्यज गौतम ने हर महीने होने वाली कमाई के साथ-साथ हर महीने के खर्चे का भी ब्यौरा दिया. उन्होंने कहा कि सिडनी बहुत ही महंगा शहर है. ऐसे में यहां पर मेरा लगभग $24,00 रेंट में चला जाता है. यूटिलिटीज़ का खर्च लगभग $350, ग्रोसरी $500, जिम $100 और बाहर घूमने-फिरने पर $500 से $600 खर्च होते हैं.
यहां रहने का कुल खर्च लगभग $3,900 है, जिससे मेरे पास महीने में लगभग $3,600 बचते हैं. मैं भारत वापस जाते समय किसी ठोस प्लान के बजाय कुछ बचत के साथ पहुंचना चाहता हूं. किराने की दुकान और रिटेल की नौकरी में मुझे मेरे काम के घंटों के हिसाब से पैसे मिलते थे, लेकिन कंसल्टिंग में मुझे सर्विस के लिए पैसे मिलते हैं. मुझे पता था कि अगर मैं अपनी स्किल्स का सही इस्तेमाल करूं, तो ज़्यादा पैसे कमा सकता हूं और इसी बात ने मेरे लिए सब कुछ बदल दिया.
एक अन्य वीडियो में दिव्यज ने आस्ट्रेलिया छोड़ने के फैसले के बारे में कहा कि मेरे भारत वापस जाने पर लोग सबसे पहले यही सोचते हैं कि कुछ गड़बड़ हो गई होगी - जैसे वीज़ा, नौकरी या कुछ और जो ठीक से नहीं चला, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. इन तीन सालों में मैंने जो सीखा है, वह यह है कि हर कोई कहता है कि विदेश जाना मुश्किल है.
कोई यह नहीं बताता कि वापस आने का फ़ैसला करना और भी मुश्किल है, क्योंकि विदेश जाने के पीछे एक कहानी होती है जिसे लोग समझते हैं, लेकिन वापस आने के पीछे ऐसी कोई कहानी नहीं होती. वापस आने को अक्सर लोग नाकामी मान लेते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. यह बस अलग-अलग हालात की बात है, और मेरे हालात बदल गए हैं.
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