पिछले दिनों घरेलू क्रिकेट में झारखंडी युवा विकेटकीपर कुमार कुशाग्र ने सुर्खियां बटोरीं, तो अब पैदा हुए हालात ने उन्हें ऋषभ पंत का विकल्प बना दिया है! न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले ज्यातार मुख्य टीम में 'तय खिलाड़ियों' को प्रैक्टिस देने के लिए बीसीसीआई ने भारत "A " टीम में जगह दी थी. लेकिन इन मैचों से ऋषभ पंत का चोटिल होकर बाहर होना उनके और टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका रहा, तो यह युवा झारखंडी विकेटकीपर कुमार कुशाग्र के लिए वरदान बन गया, जो न्यूजीलैंड की धरती पर मेजबान A टीम के खिलाफ खेले जाने इसी महीने की 24 तारीख से खेले जाने वाले वाले शरुआती दो मैचों में पंत का विकल्प बन गए हैं! और ये दो मैच कुमार कुशाग्र के लिए करियर का टर्निंग प्वाइंट भी बन सकते हैं. बहरहाल, कुमार कुशाग्र एक और दावेदार प्रभसिमरन जीत सिंह सहित देश में कुछ और विकेटकीपरों को मात देते हुए एकदम से ऋषभ पंत का विकल्प बन गए, तो उसके पीछे हालिया उनके दो लगातार जड़े शतक रहे, जिन्होंने एकदम से चयन समिति का उन्हें लेकर पूरा नजरिया बदल दिया. और इसमें रहा दलीप ट्रॉफी फाइनल का शतक, जिससे कुशाग्र ने एक साथ दो मैसेज दिए.
लगातार 2 मैच दो शतक
कुमार कुशाग्र ने सुर्खियां दक्षिण क्षत्र के खिलाफ खेले गए दलीप ट्ऱॉफी फाइल से बटोरीं. कुमार कुशाग्र ने बड़े मैच मैच की पहली पारी में सिर्फ 101 रन ही नहीं बनाए, बल्कि सिर्फ 132 गेंदों पर 8 चौकों और 5 छक्कों से अगरकर एंड कंपनी को बहुत शानदार अंदाज में और मजबूती से संदेश भेजा कि पांच दिनी ट्रॉफी में बनाए गए शतक से उनका यह दावा सिर्फ टेस्ट के लिए ही नहीं, बल्कि व्हाइट-बॉल फॉर्मेट के लिए भी है. और वह टेस्ट को भी 'वनडे' में बदलना जानते हैं.
चयन समिति ने दोनों हाथों से लिया संदेश
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दूसरी पारी में भी 46 रन बनाने वाले कुशाग्र के भेजे 'बड़े संदेश' को पूर्व चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने बड़े ही पॉजिटिव अंदाज में लिया. और उनके तेज शतक का असर यह हुआ कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुमार कुशाग्र को चार दिनी के साथ ही अनऑफिशियल वनडे टीम में भी जगह मिली. और फिर कुमार ने लगातार दूसरा शतक जड़ टीम इंडिया के दरवाजे को बहुत जोर से खटखटाया
लगातार दूसरा शतक, पंत की चोट, मिल गया इनाम
पुडुचेरी में पिछले महीने 22 से 26 तक खेले गए चारदिनी अनऑफिशियल टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुमार कुशाग्र ने पहली पारी में 113 रन बनाए, जो दलीप ट्रॉफी के बाद उनका लगादार दूसरा फर्स्ट क्लास शतक था. और वह भी फर्स्ट क्लास के शीर्ष स्तर पर! शुरुआत में न्यूजीलैंड A के खिलाफ घोषित टीम में जब उनका नाम नहीं आया, तो समझा जा सकता था कि सेलेक्टरों ने 90 प्रतिशत उन्हीं खिलाड़ियों को चुना है, जो टेस्ट टीम में चुने जाने हैं, लेकिन अब जब पंत चोटिल होकर बाहर हो गए, तो कुशाग्र तीन चार दिनी मैचों में दो में पंत का विकल्प बन गए!
पंत की चोट की प्रकृति अलग-अलग
ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अभी भी योग्य हैं, लेकिन उन्हें अभी मंजूरी नहीं मिली है. सीरीज में केवल दो ही टेस्ट मैच हैं, जो 19 नवंबर से वेलिंग्टन में और 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च में खेले जाने हैं. इसलिए एक मैच मिस करने का मतलब पूरी सीरीज का आधा हिस्सा मिस करना है. टीम की घोषणा अभी बाकी है, और इसका जवाब आने वाले हफ़्तों में उनकी रिकवरी पर निर्भर करता है.
पंत की चोट की प्रकृति को लेकर रिपोर्टें अलग-अलग हैं. एक रिपोर्ट में निचले बाएं पसली के आसपास सूजन के साथ बाएं हिस्से में खिंचाव (लेफ्ट-साइड स्ट्रेन) का जिक्र है और कोई स्पष्ट फ्रैक्चर नहीं है. दूसरी रिपोर्ट में पीठ में ऐठन (बैक स्पैम) का जिक्र है. 12 अक्तूबर को ऋषभ पंत की चोट के कारण बाहर होना उनके भारत A के लिए शुरुआती दो ही मैचों पर लागू होता है.

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पहले टेस्ट से पहले फिट हो पाएंगे ऋषभ?
टेस्ट सीरीज में दो मैच शामिल हैं. पहला मैच 19 से 23 नवंबर तक बेसिन रिजर्व, वेलिंग्टन में और दूसरा मैच 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक हेगले ओवल, क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। दोनों मैच स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे, यानी भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे शुरू होंगे. पंत के पास अपनी फिटनेस साबित करने का समय काफी लंबा है. 12 अक्टूबर के अपडेट से लेकर पहले टेस्ट तक 38 दिन का समय है. अगर पंत 7 से 10 नवंबर तक होने वाला तीसरा भारत ए मैच खेलते हैं, तो उनके पास उस मैच के खत्म होने से लेकर वेलिंग्टन टेस्ट तक नौ दिन का समय होगा. लेकिन इन तमाम बातों के बावजूद ऋषभ पंत के लिए टेस्ट सीरीज खासी मुश्किल हो जाएगी. पंत न्यूजीलैंड A के खिलाफ सिर्फ एक प्रैक्टिस मैच के साथ टेस्ट सीरीज खेलने उतरेंगे. और बाकी साथी खिलाड़ियों की तुलना में उनके पास हालात से निपटने के लिए कम मैच प्रैक्टिस होगी.
कुमार कुशाग्र के बारे में और ज्यादा F.A.Q (Frequently Asked Questions) से जानें
प्र. 1: कुमार कुशाग्र कौन हैं और उनका शुरुआती जीवन व क्रिकेट सफर कैसा रहा है?
उत्तर: कुमार कुशाग्र भारत के एक प्रतिभावान युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जिनका जन्म 23 अक्टूबर 2004 को बोकारो, झारखंड में हुआ था. उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का बेहद शौक था और उनके पिता (रामपुरी कुशवाहा) ने उनके शुरुआती करियर में कोचिंग देकर अहम भूमिका निभाई. कुशाग्र ने झारखंड के घरेलू क्रिकेट सर्किट से अपनी पहचान बनाई और साल 2020 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ICC अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप खेलने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बनकर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं.
प्र. 2: कुमार कुशाग्र का प्रथम श्रेणी और घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन कैसा रहा है?
उत्तर: घरेलू क्रिकेट में कुमार कुशाग्र का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है. उन्होंने फरवरी 2022 में झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी डेब्यू किया. साल 2021-22 के रणजी सीजन में नागालैंड के खिलाफ उन्होंने मात्र 266 गेंदों में 266 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. वहीं, वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 250 से अधिक रन बनाने वाले वह सबसे युवा बल्लेबाजों में से एक बने. इसके अलावा, वह लिस्ट-ए (50 ओवर) और टी20 फॉर्मेट में भी मध्यक्रम में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेहतरीन विकेटकीपिंग तकनीक के लिए जाने जाते हैं.
प्र. 3: आईपीएल (IPL) में कुमार कुशाग्र का सफर कैसा रहा है और उन्हें किस टीम ने खरीदा था?
उत्तर: कुमार कुशाग्र को आईपीएल 2024 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने 7.20 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया था. उनका बेस प्राइस केवल 20 लाख रुपये था, लेकिन उनके घरेलू फॉर्म और आक्रामक शॉट्स खेलने की क्षमता के कारण कई टीमों के बीच उन्हें खरीदने की होड़ देखने को मिली. वह आईपीएल में एक फिनिशर और बैकअप विकेटकीपर की भूमिका के तौर पर उभरे.
प्र. 4: कुमार कुशाग्र की बल्लेबाजी शैली और खेल की मुख्य खासियतें क्या हैं?
उत्तर: कुमार कुशाग्र आधुनिक दौर के बहुमुखी विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी का गियर बदलने में माहिर हैं. मध्यक्रम में तेजी से रन बनाना उनकी सबसे बड़ी ताकत है. वह केवल आक्रामक ही नहीं, बल्कि लाल गेंद की क्रिकेट में क्रीज पर समय बिताकर बड़ी पारियां खेलने का धैर्य भी रखते हैं. स्टंप्स के पीछे उनकी सजगता, कैचिंग और त्वरित रिफ्लेक्स उन्हें एक भरोसेमंद विकेटकीपर बनाते हैं.
प्र. 5: इंडिया 'ए' और राष्ट्रीय टीम के दावों में कुमार कुशाग्र की क्या भूमिका है?
उत्तर: कुमार कुशाग्र को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड द्वारा भविष्य के एक मजबूत विकेटकीपिंग विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. जब भी सीनियर खिलाड़ियों (जैसे ऋषभ पंत) की अनुपस्थिति या चोट के कारण जगह बनती है, तो सेलेक्टर्स रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट दोनों के लिए इंडिया 'ए' टीम में कुशाग्र जैसे युवाओं को मौका देते हैं. न्यूजीलैंड ए जैसे कठिन विदेशी दौरों पर उनका चयन यह दर्शाता है कि वे राष्ट्रीय टीम के दरवाजे के बेहद करीब हैं.
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